दंतेवाड़ा : जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत जल संरक्षण और जल संवर्धन संरचनाओं के निर्माण से मछ्लीपालन तथा खेती-किसानी को प्रोत्साहन मिल रहा है। वहीं ग्रामीणों को इससे स्थायी रोजगार सुलभ हो रहा है। मनरेगा से लाभान्वित दंतेवाड़ा ब्लॉक के धुरली निवासी निर्धन किसान जोगा अपने कृषि भूमि में डबरी का पूरी तरह सदुपयोग कर आज परिवार को खुशहाली की ओर अग्रसर कर चुके हैं। जोगा बताते हैं कि जब ग्रामसभा में डबरी बनाने के लिए उसका चयन करने के पश्चात जिला पंचायत से डबरी निर्माण हेतु एक लाख 85 हजार रुपये की स्वीकृति दी गयी तो वह अपनी चाह के अनुरूप गांव में ही रहकर आजीविका का बेहतर साधन मिलने की अपार खुशी हुई। इसके बाद रोजगार सहायक तथा पंचायत पदाधिकारियों की मदद से गांव के पंजीकृत श्रमिकों के जरिये वर्ष 2018 में इस डबरी निर्माण कार्य को पूरा कर लिया। यह समय मानसून के पहले होने से डबरी में अच्छा जलभराव हुआ और वह डबरी में मछलीपालन करने के लिए उन्नत मछली बीज डाला। वहीं डबरी के समीप स्थित एक एकड़ कृषि भूमि में गोभी, बैंगन, भिंडी, करेला, लालभाजी, मेथी, पालक इत्यादि साग-सब्जी का उत्पादन किया। जिससे जोगा को पहले ही साल करीब 40 हजार रुपये की आमदनी हुई। इससे प्रोत्साहित होकर ने दूसरे वर्ष मछलीपालन तथा साग-उत्पादन पर पूरा ध्यान केंद्रीत किया। इसके साथ ही डबरी के मेड़ पर अरहर भी लगाया। जोगा ने बताया कि उत्पादित मछ्ली को तो गांव में बेच देते हैं। वहीं सब्जियों को वह स्थानीय बाजार में बेचकर हर महिने चार से पांच हजार रुपये कमा रहे हैं। इस कार्य में परिवार के तीन अन्य सदस्य भी भरपूर मदद करते हैं और अच्छी आमदनी होने के फलस्वरूप अब परिवार खुशहाली की ओर अग्रसर है। जोगा आज अपनी मेहनत और लगन के बूते घर-परिवार की खुशहाली के लिए योजना  की प्रशंसा करते हुए सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया।जोगा के परिवार में आये इस बदलाव को देखकर गांव के अन्य ग्रामीण भी अपने कृषि भूमि में डबरी निर्माण करने का निर्णय लिया और ग्रामसभा में बात रखी। इस पर ग्रामसभा में विचार कर प्रस्ताव का अनुमोदन के पश्चात जनपद पंचायत के माध्यम से जिला पंचायत भेजा गया। जिला पंचायत द्वारा भी ग्रामीणों की जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संरचनाओं के निर्माण की भावनाओं को ध्यान रखकर विगत वर्ष धुरली में 3 नवीन डबरी निर्माण की स्वीकृति दी गयी, जो इस साल पूर्ण हो गये हैं। ज्ञातव्य है कि जिले में मनरेगा के तहत वर्तमान में 546 रोजगारपरक कार्य संचालित किये जा रहे हैं जिसमें करीब साढ़े 22 हजार श्रमिकों को नियमित रूप से रोजगार सुलभ कराया जा रहा है।