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इनकम टैक्स रिटर्न : खत्म होगी फॉर्म भरने की जरूरत

सरकार लोगों में टैक्स चोरी की जगह सही तरीके से इसका भुगतान करने की आदत डालने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए कई अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। लोगों में टैक्स चुकाने के बाद की कागजी औपचारिकताओं के मामले में सहूलियत बढ़ाने के लिए सरकार पहले से भरी हुई इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) जारी करेगी। यह सब टैक्स कंप्लायंस को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। टैक्स कंप्लायंस का मतलब होता है टैक्स प्राधिकरण की तरफ से बताए गए फॉर्मेट में टैक्स का भुगतान करना।
ज्यादातर करदाताओं पता नहीं होता कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए फॉर्म में किस जगह कौन सी जानकारी भरनाहै। नई व्यवस्था के तहत व्यक्तिगत करदाता जब अपने ई-फाइलिंग अकाउंट से '्‌ई फॉर्म' डाउनलोड करेंगे तब उसमें पहले से वेतन से होने वाली आय की विस्तृत जानकारी, रिहायशी प्रॉपर्टी से होने वाली आय, पूंजीगत लाभ, बैंक/बैंकों में जमा राशि से ब्याज के तौर पर होने वाली आमदनी, लाभांश और टैक्स कटौती जैसी सभी जानकारियां भरी होंगी।
इसका मतलब है कि करदाता को केवल पहले से भी भरी हुई जानकारियों की जांच करनी होगी और यदि कोई जानकारी नहीं भरी गई होगी, तो उसे भरना होगा। इस तरीके से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया यथासंभव आसान बनाने की कोशिश की गई है।
इस व्यवस्था से अलग-अलग विभागों ले ली गई सभी जानकारियां टैक्स अधिकारियों के पास होगी और करदाता को भी ये सब जानकारी देने में और वेरिफाई करने में कम परेशानी आएगी। हालांकि इस सिस्टम में कुछ समस्याएं आ सकती है। करादाता को आईटीआर फॉर्म में पहले से दी गई सभी जानकारी का मिलान फॉर्म 16, 26एएस और एसएफटी से कर लेना चाहिए। यदि पहले से भरी हुई रिटर्न में कुछ गलतियां हों तो उन्हें ठीक किया जा सकता है।
आयकर विभाग के लिए जानकारियों के स्रोत
  • अधिकांश जानकारियां बैंक, स्टॉक एक्सचेंज, म्यूचुअल फंड्‌स, ईपीएफ, पीपीएफ आदि से मिल जाएंगी।
  • फॉर्म26एएस में भरी जाने वाली जानकारी इकट्ठी करने के लिए स्थायी खाता संख्या (पैन) का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • पिछले साल की इनकम टैक्स रिटर्न रिटर्न और ᆵाोत पर कर कटौती (टीडीएस) से जानकारी जुटाई जाएगी।
  • एसएफटी का स्कोप बढ़ाया
    पहले से भरी हुई इनकम टैक्स रिटर्न मुहैया कराने के लिए इनकम टैक्स विभाग ने 'स्टेंटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (एसएफटी) का स्कोप और भी बढ़ा दिया है। फिलहाल जो लोग एसएफटी फर्निश करते हैं, उनकी बजाय विभाग ने कुछ लोग चुने हैं जो एसएफटी जारी करेंगे। इसमें सभी जानकारी सही-सही दी गई हो, इसके लिए विभाग ने पेनल्टी लगाने का प्रावधान भी रखा है।

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