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Lok Sabha में तीन तलाक बिल को लेकर हंगामा, विपक्ष ने बिल का किया विरोध, RS में गूंजा चमकी बुखार

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र शुरू हो चुका है और आज सदन में कार्यवाही भी शुरू होते ही सबसे पहले दोनों सदनों में जहां चमकी बुखार का मुद्दा गूंजा वहीं लोकसभा में तीन तलाक बिल को लेकर हंगमा हुआ। लोकसभा चुनाव के बाद सरकार ने सदन में जो पहला काम किया है वो है तीन तलाक को गैरकानूनी ठहराने संबंधी नया विधायक पेश करना।
सदन में लोकसभा सांसद और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक बिल पेश किया जिसका कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विरोध करते हुए इसे संविधान के खिलाफ करार दिया।
रविशंकर प्रसाद ने इस विरोध का जवाब देते हुए कहा कि हम यहां कानून बानाने के लिए हैं बहस करने के लिए नहीं, कानून पर बहस कोर्ट में होती है। तीन तलाक का यह बिल हम संविधान की प्रक्रिया के तहत लाए हैं।
वहीं इससे पहले राज्यसभा और लोकसभा में बिहार में चमकी बुखार से बच्चों की मौत को मामला उठा। लोकसभा में कांग्रेस सांसद अधिरंजन चौधरी ने यह मुद्दा उठाते हुए मांग की कि एक राष्ट्र एक चुनाव की तर्ज पर एक राष्ट्र एक पोषण की नीति लाई जाए। इसका जवाब देते हुए केंद्रीय बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि सरकार पहले से ही इस तरह की योजना चला रही है।
इससे पहले राज्यसभा में राजद के सांसद मनोज झा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है जिसपर सोमवार को चर्चा संभव है लेकिन इससे पहले सदन में 2 मिनट का मौर रखकर दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
दूसरी तरफ आज लोकसभा में यह तीन तलाक से जुड़ा नया विधेयक पेश किया जाएगा। मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019 फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश का स्थान लेगा। पूर्व की राजग सरकार ने यह अध्यादेश जारी किया था।
मोदी सरकार ने पिछले कार्यकाल में तीन तलाक पर विधेयक पेश किया था। यह विधेयक लोकसभा में पास हो गया था, लेकिन राज्यसभा में लंबित था। 16वीं लोकसभा की समाप्ति के साथ ही वह विधेयक भी खत्म हो गया था।
तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को अपराध बनाने वाले इस विधेयक का विपक्षी दलों ने विरोध किया था। विपक्ष ने तीन तलाक देने पर पति को जेल की सजा के प्रावधान पर आपत्ति जताई थी।
नए बिल में वही बातें हैं जो अध्यादेश में थीं। नए बिल में भी एक बार में तीन तलाक को अवैध, शून्य और अपराध बनाया गया है और इसमें पति के लिए तीन साल कैद की सजा का प्रावधान है। हालांकि, सरकार ने इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ उपाय भी जोड़े हैं।

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