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लोकसभा चुनाव में के बाद राजस्थान कांग्रेस में दो फाड़, कृषि मंत्री ने दिया इस्तीफा

जयपुर । इन दिनों राजस्थान कांग्रेस में दो फाड़ का माहौल है। हालात ये हैं कि पार्टी के कुछ नेता लोकसभा चुनाव में मिली हार का ठिकरा राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सिर फोड़ना चाहते हैं। प्रदेश में सीएम विरोधी खेमा सक्रिय हो गया है। जहां रविवार की देर रात को सीएम के निकट बने रहने वाले और प्रदेश के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने अपने पद से इस्तीफा दिया। वहीं, दूसरी ओर सोमवार को दो कैबिनेट मंत्रियों ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा दो कही गई बात का असर भी कार्यकर्ताओं पर हुआ। उल्लेखनीय है कि, राहुल ने कहा था कि, सीएम अपने बेटे को टिकट दिलाने की जिद और फिर उसके निर्वाचन क्षेत्र जोधपुर में ही व्यस्त रहे।इस मामले में, खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। पांच माह के शासन में कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी हावी है। उन्होंने कहा कि हार को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस पर मीणा ने कहा कि राहुल गांधी ने सही कहा है।
वहीं, दूसरी तरफ सोमवार को दो कैबिनेट मंत्रियों ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया। खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि पांच माह के शासन में कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी हावी है। उन्होंने कहा कि हार को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस पर मीणा ने कहा कि राहुल गांधी ने सही कहा है।
कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। एक बातचीत में उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में सरकार के प्रति नाराजगी है। वहीं, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना का कहना है कि राहुल गांधी ने सही कहा कि सीएम यदि वैभव गहलोत के चुनाव क्षेत्र जोधपुर में अधिक समय नहीं देते तो अन्य क्षेत्रों में अधिक प्रचार कर सकते थे और इसका असर परिणाम पर भी हो सकता था।
स्वीकारी हार की जिम्मेदारी
लोकसभा चुनाव में अपने विधानसभा क्षेत्र और खुद के पोलिंग बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा पूनिया की हार की जिम्मेदारी लेते हुए राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने इस्तीफा दे दिया है। कटारिया ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेज दिया है। इस्तीफे में कटारिया ने लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी स्वीकारने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि अपने विधानसभा क्षेत्र झोटवाड़ा और खुद के पोलिंग बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा पूनिया की हार की जिम्मेदारी लेते हुए रविवार रात कांग्रेस नेता ने अपना इस्तीफा सीएम को भेज दिया था। सीएम के निकटस्थ राज्य विधानसभा में सरकारी मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने मीडिया से कहा कि जब राहुल गांधी ने हार की जिम्मेदारी ले ली है तो फिर किसी और को जिम्मेदारी लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ना तो सीएम और ना ही किसी मंत्री को इस्तीफा देने की जरूरत है।
कटारिया और जोशी गहलोत के लिए लॉबिंग में जुटे
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि रविवार रात कृषिमंत्री लालचंद कटारिया का इस्तीफा दिलवाना भी एक राजनीतिक चाल है। सीएम खेमा हार की जिम्मेदारी केवल गहलोत तक ही सीमित नहीं रहने देना चाहता है।
नेताओं को चिंतन की जरुरत
सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने सीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राहुल गांधी नाराज है और उन्होंने अपने इस्तीफे की पेशकश की है तो अन्य वरिष्ठ नेताओं को कम से कम चिंतन तो करना चाहिए। मीडिया से बात करते हुए आंजना ने कहा कि गहलोत को अन्य क्षेत्रों में अधिक ध्यान देना चाहिए था। मीणा और आंजना उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के निकट माने जाते है।
उल्लेखनीय है कि गहलोत ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी को अधिकार है कहने का, क्योंकि वह कांग्रेस अध्यक्ष है। किस नेता की कहां कमी रहीं कैंपेन के अंदर, किस नेता की निर्णय में कहां कमी रही। यह कहने का अधिकार राहुल गांधी को पूरा है। .

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