Madhya Pradesh Tourism

Home » , » अमेरिकी सांसदों की अपील, व्यापार में भारत को तरजीह जारी रखें ट्रंप

अमेरिकी सांसदों की अपील, व्यापार में भारत को तरजीह जारी रखें ट्रंप


वॉशिंगटन। अमेरिका के 25 प्रभावशाली सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से भारत को व्यापार में दी गई सामान्य तरजीही व्यवस्था (जीएसपी) खत्म न करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इस फैसले का अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिकूल असर होगा।
सांसदों ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राबर्ट लाइटहाइजर से अपील की है कि शुक्रवार को 60 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत के साथ जीएसपी प्रोग्राम खत्म नहीं किया जाना चाहिए।
जीएसपी अमेरिका का सबसे बड़ा और पुराना व्यापार तरजीही कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत चुनिंदा लाभार्थी देशों के हजारों उत्पादों को शुल्क से छूट देकर आर्थिक वृद्घि को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार मार्च को घोषणा की थी कि अमेरिका जीएसपी के तहत लाभार्थी विकासशील देश के रूप में भारत का दर्जा समाप्त करना चाहता है।
60 दिन की नोटिस अवधि तीन मई को समाप्त हो गई। नोटिस अवधि की समाप्ति की पूर्व संध्या पर अमेरिका के 25 सांसदों ने ट्रंप सरकार को भारत के मामले में जीएसपी का दर्जा खत्म करने के फैसले पर आगे बढ़ने से रोकने का अंतिम प्रयास किया।
बातचीत जारी रखने का अनुरोध
सांसदों ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर को पत्र लिखकर समझौते पर बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। यह समझौता व्यापार (निर्यात और आयात) पर निर्भर नौकरियों की रक्षा करेगा और बढ़ावा देगा। उन्होंने आग्रह किया कि भारत के लिए सामान्य तरजीही व्यवस्था खत्म करने से वे अमेरिकी कंपनियां प्रभावित होंगी जो भारत में अपना निर्यात बढ़ाना चाहती हैं।
किसी को फायदा नहीं
सांसदों ने कहा कि जीएसपी के तहत मिलने वाले लाभ खत्म करने से भारत या अमेरिका किसी को भी फायदा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि वे कंपनियां, जो जीएसपी के तहत भारत के लिए शुल्क-मुक्त व्यवस्था चाहती हैं, उन्हें नए टैक्स के रूप में करोड़ों डॉलर देने होंगे।
अतीत में जीएसपी लाभों में अस्थायी खामियों की वजह से अमेरिका में कंपनियों को कर्मचारियों की छंटनी, वेतन और लाभ में कटौती करनी पड़ी थी।
सांसदों ने कहा, भारत के लिए जीएसपी खत्म करने से लाभ नहीं बल्कि नुकसान होगा। वे कंपनियां प्रभावित होंगी, जो भारत को निर्यात बढ़ाना चाहती हैं।'
Share This News :
 
Site Link : Contact Us | sitemap
Copyright © 2013. khabrokakhulasa.com | Latest News in Hindi,Hindi News,News in Hindi - All Rights Reserved
Template Modify by Unreachable
Proudly powered by Blogger