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अमित शाह बोले, कल सीआरपीएफ नहीं होती तो बचना मुश्किल था, जीत रहे हैं 300 से अधिक सीटें

 भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कोलकाता में रोड शो के दौरान हुई हिंसा में तृणमूल कांग्रेस समर्थकों का हाथ बताया। उन्‍होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपनी सत्‍ता बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है, कल यदि सीआरपीएफ नहीं होती तो मेरे लिए वहां से बचकर निकलना मुश्किल था। मेरे बहुत कार्यकर्ता मारे गए हैं, मुझ पर हमला स्वभाविक है। उन्‍होंने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में हम पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर चुके हैं, हम 300 से अधिक सीटें जीतने जा रहे हैं। 
भाजपा अध्‍यक्ष मंगलवार को रोड शो के दौरान हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि रोड शो में कम से दो-ढाई लोग आए थे, कहीं भी एक इंच जगह नहीं थी। रोड शो के दौरन तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने भाजपा कार्यकर्ताओं को उकसाया। उन्‍होंने हमारे काफ‍िले पर तीन बार हमले किए, पत्थरबाजी की, केरोसिन बम फेंके। उन्‍होंने कहा कि परिसर का गेट टूटा नहीं था, भाजपा कार्यकर्ता भी बाहर थे, तृणमूल समर्थक भीतर, तो मूर्ति किसने तोड़ी...? टीएमसी के गुंडों ने ईश्‍वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ा। 
अमित शाह ने आरोप लगाया कि बीते छह चरणों के दौरान पश्चिम बंगाल को छोड़कर बाकी देश के किसी भी हिस्‍से में हिंसा की घटनाएं नहीं हुई हैं। भाजपा यदि हिंसा करती तो देश के बाकी हिस्‍सों में भी हिंसा होनी चाहिए थी। तृणमूल कांग्रेस ने धमकी देने की भाषा और संस्कृति को अपनाया है, लेकिन बंगाल की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है, हम पश्चिम बंगाल में 23 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेंगे। पूरे देश में हम पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए 300 से अधिक सीटें जीतने जा रहे हैं। 
- मुझे जानकारी मिली है कि मुझ पर एफआईआर हुई है, दीदी मैं आपके एफआईआर से डरता नहीं हूं, मेरे साथ तो केवल इतना ही किया, कई कार्यकर्ताओं की तो हत्या कर दी गई है
- आपने भी तस्‍वीरें देखी है हमारी मोटरसाइकिलें और जीप जली हैं, क्‍या हमारी मोटरसाइकिलें हम खुद जला देंगे
- रोड शो के दौरन तीन बार हमले किए गए, केरोसिन बम फेंके गए, आगजनी की गई 
- चुनाव आयोग का बंगाल को लेकर दोहरा रवैया क्‍यों 
- रोड शो में कम से दो-ढाई लोग आए थे, एक इंच भी जगह कहीं नहीं थी 
- चुनाव आयोग ने अब तक क्‍या कार्रवाई की 
- टीएमसी की हार तय, दीदी हिंसा का कीचड़ फैलाकर जीतना चाहती हैं चुनाव 
- बंगाल में चुनाव आयोग मूकदर्शक बना, कल सीआरपीएफ नहीं होती तो बचना मुश्किल था  
- छह चरणों में केवल पश्चिम बंगाल में ही हिंसा
- भाजपा ने हासिल किया बहुमत का आंकड़ा, बंगाल में 23 सीटों से ज्‍यादा सीटें
- हम पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर चुके हैं, हम 300 से अधिक सीटें जीतने जा रहे हैं
- हम 300 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं, सारे फ्रंट मिलकर तय कर लें लीडर ऑफ ऑपोजिशन 
- मुझे उम्‍मीद नहीं कि चुनाव आयोग कुछ करेगा, चुनाव आयोग शुरू से ही पश्चिम बंगाल के मामले में भेदभाव कर रहा है 
- कहीं ऐसा नहीं हो रहा है कि प्रधानमंत्री जी की रैली हो और अगले दिन हमारे कार्यकर्ता की हत्या कर दी जाए केवल इसलिए कि जमीन क्यों दी
बता दें कि कोलकाता में मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान पथराव, आगजनी, लाठीचार्ज की घटनाएं हुईं। शाह जिस वाहन पर सवार थे, उस पर डंडे फेंके गए और भाजपा समर्थकों पर पथराव किया गया। भाजपा ने इस हिंसा के पीछे तृणमूल का हाथ बताया है। हिंसा में दोनों पक्षों के कई लोग जख्मी हो गए हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी व कोलकाता पुलिस आयुक्त राजेश कुमार विद्यासागर कॉलेज पहुंचे और हालात का जायजा लिया। 
इससे पहले छठे चरण में आठ सीटों पर मतदान के दौरान घाटल से भाजपा प्रत्‍याशी भारती घोष पर हमला किया गया था। एक अन्‍य घटना में इसी चरण की वोटिंग के दौरान प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष दिलीप घोष पर भी हमले की कोशिश की गई थी। गौर करने वाली बात यह है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की 713 कंपनियां और  कुल 71 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद हिंसा की घटनाएं थम नहीं रही हैं। 
पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्‍यक्ष के रोड शो के दौरान हुई हिंसा पर भाजपा नेता एवं महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा कि ममता जी आम चुनावों में अपनी हार को नजदीक देखकर हताश हो गई हैं। इसी कारण वह लोकतंत्र की हत्‍या कर रही हैं। मैं निर्वाचन आयोग (Election Commission) से अपील करता हूं कि वह राज्‍य में स्‍वतंत्र एवं निष्‍पक्ष चुनाव कराए। 
कल गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की चुनावी हिंसा के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने साफ किया कि संविधान के संघीय ढांचे के तहत कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है और वह इससे बच नहीं सकती हैं। पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा को निंदनीय बताते हुए राजनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में इसके लिए कोई जगह नहीं है।
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