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Chhattisgarh : जेलों में बंद आदिवासी होंगे रिहा, नक्सलियों से चर्चा नहीं करेंगे CM भूपेश

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी रिहा किए जाएंगे। राजनीतिक द्वेष से दर्ज प्रकरण वापस लिए जाएंगे, चाहे वह भाजपाइयों पर ही क्यों न हों। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि नक्सलियों से कोई बातचीत नहीं होगी।
दो दिवसीय प्रवास पर मंगलवार को बस्तर पहुंचे सीएम बघेल बुधवार सुबह सर्किट हाउस में पत्रकारों से रुबरू थे। बघेल ने नक्सल उन्मूलन पर सरकार की नीति स्पष्ट करते कहा कि नक्सलियों से कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कभी नहीं कहा कि माओवादियों से चर्चा की जाएगी। नक्सल पीड़ितों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों व समाज के लोगों से जरूर बातचीत की जाएगी। इसके बाद ही आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होगा। बजट के बाद धान समर्थन मूल्य की अंतर राशि किसानों को दी जाएगी।
पेसा कानून के बारे में भ्रम पैदा कर रहे
पेसा कानून दो टूक बात रखते हुए भूपेश बघेल ने सरकारी मशीनरी पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ जोड़कर पेसा कानून के बारे में भ्रम पैदा किया जा रहा है। इस काम में अधिकारी-कर्मचारी ज्यादा सक्रिय रहे हैं।
वन अधिकार पत्र पर सीएम ने कहा कि पिछली प्रदेश सरकार ने इसकी गलत व्याख्या करके हजारों वनवासियों को वन अधिकार पत्र से वंचित कर दिया। वर्तमान सरकार इसकी समीक्षा करके 13 दिसंबर 2005 के पूर्व वनभूमि पर तीन पीढ़ियों से काबिज लोगों को पट्टा देगी।
विधायक होंगे प्राधिकरण के अध्यक्ष
बघेल ने कहा कि बस्तर व सरगुजा विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष विधायक को बनाया जाएगा। अभी तक सीएम प्राधिकरणों के पदेन अध्यक्ष होते हैं। इस व्यवस्था को बदला जाएगा। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग से जुड़ी जनजातीय मंत्रणा परिषद के पुनर्गठन की भी घोषणा की।

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