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जेल में सीखा चोरी का तरीका, दरवाजे पर देखते ये चीज और उड़ा देते लाखों का माल

बैतूल। बैतूल की गंज थाना पुलिस ने चोरी के चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनसे शहर में आधा दर्जन चोरियों का माल बरामद किया है। पूछताछ में इन चोरों ने पुलिस को चोरी के तरीके बताए हैं। जिनके आधार पर वे घर सूना होने, मंदिरों की दान पेटी में कैश की मात्रा का पता लगा लेते थे।
गंज थाना प्रभारी सीमा राय के मुताबिक पिछले दिनों हुई चोरियों के बाद विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर सचिन उर्फ गुड्डू पाटिल (26) निवासी ग्राम राबड्या थाना आठनेर को पकड़ा।
उससे पूछताछ के बाद धीरज चढ़ोकार (19) निवासी ग्राम जामापाटी बरखेड़ थाना आठनेर, आकाश बरोदे (23) निवासी ग्राम जामापाटी बरखेड़ एवं एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया। ये सभी वर्तमान में टिकारी क्षेत्र में रह रहे थे।
पूछताछ में इन लोगों ने आधा दर्जन से अधिक चोरियां कबूल कीं। चोरी का माल अपने साथी सुनील विश्वकर्मा की मदद से अलग-अलग स्थानों पर बेच देते थे या गिरवी रख देते थे। उनकी निशानदेही पर 3200 रुपए से भरी दानपेटी सहित चोरी में उपयोग होने वाले औजार बरामद किए हैं।
जेल में सीखे चोरी के तरीके
पुलिस के मुताबिक इनमें से सचिन पुराना बदमाश है। वह एक मामले में जेल गया था। जहां उसने अन्य बदमाशों से चोरी के तरीके सीखे। सचिन ने पूछताछ में बताया कि वे रेकी करते थे। जिस घर के दरवाजे पर दो दिन पुराने अखबार पड़े हों, तो वहां तीसरे दिन चोरी कर लेते थे।
अखबार पड़े होने से पता लग जाता था कि घर सूना है। इसी तरह मंदिरों की दानपेटी में 4-5 सिक्के डालकर देखते थे कि उसके अंदर कितनी राशि है। सिक्के डालने पर दान पेटी की आवाज से राशि का पता कर उसे चुरा लेते थे। ताले की स्थिति देखकर पता लगा लेते थे कि इसे किस रॉड से तोड़ना है। रात में चोरी किस समय करना चाहिए, यह भी जेल में ही सीखा।
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