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कुछ साल में एक जैसे क्यों दिखते हैं पति-पत्नी, वैज्ञानिकों ने बताए ये 6 कारण

कई बार आंखों को ऐसा धोखा हो जाता है जिसमें हम दो लोगों के एक जैसे दिखने पर उन्हें भाई-बहन समझ लेते हैं लेकिन वे निकलते पति-पत्नी हैं। आमतौर पर यह कहा ही जाता है कि शादी के कुछ सालों बात पति-पत्नी की शक्ल भी मिलने लगती है। मिशिगन यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिक रॉबर्ट जाजोंक के अनुसार, सालों-साथ रहने के बाद कुछ पति-पत्नी एक जैसे लगने लगते हैं। साथ रहने, खाने-पीने और प्यार के कारण कुछ शादीशुदा जोड़े एक दूसरे की तरह लगने लगते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जिन पति-पत्नी की शक्ल एक दूसरे से ना मिलती हो, वह एक दूसरे से प्यार नहीं करते। लेकिन अधिकांश मामलों में यह देखा जाता है। लेकिन ऐसा क्‍या है कि शादी के कुछ सालों के बाद बहुत से पति-पत्‍नी की शक्‍ल एक जैसी लगने लगती है। वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित ये 6 कारण है जिसकी वजह से पति-पत्नी एक जैसे दिखते हैं:
मनोवैज्ञानिक रॉबर्ट जाजोंक ने कपल्स की 25 साल बाद ली गई तस्वीरों के साथ उनकी शादी की तस्वीरों की तुलना की। उनके अध्ययन से पता चला कि भले ही पति-पत्नी में चेहरे की समानताएं बिल्कुल भी न हों, लेकिन 25 साल बाद वे आश्चर्यजनक रूप से एक जैसे दिखते हैं। उनके सर्वेक्षण से एक और अच्छा तथ्य सामने आया कि एक दंपति जितनी अधिक वैवाहिक खुशियां जाहिर की, चेहरे की समानता में उतनी ही बढ़ोतरी हुई।
एक-दूसरे की तरह दिखना शुरू करने का एक अन्य कारण आपके साथी के साथ अनुभव साझा करना है। अपने पूरे जीवन में एक दंपति साथ मिलकर बहुत ही सुखद और दुखद क्षणों का अनुभव करता है। हर परिस्थिति से वे एक साथ गुजरते हैं जो कपल के रूप उनकी शारीरिक भाषा और भावनात्मक स्थिति को प्रभावित करता है। उनका इतिहास उनके चेहरों पर "लिखा हुआ" है, यहां तक कि उनके चेहरे की झुर्रियां भी एक ही जगह होती है।
अध्ययनों के अनुसार, हम उन लोगों से आकर्षित होते हैं जिनके चेहरे की समानता हमारे साथ है। इसे असोर्टेटिव मेटिंग कहा जाता है, जो कि एक सिद्धांत है कि समान फेनोटाइप वाले व्यक्ति एक दूसरे के साथ अक्सर मिलते हैं। यदि आप दो एक जैसे दिखते हैं, तो संभावना है कि आपका बच्चा आप दोनों की तरह दिखाई देगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह से लोग अगली पीढ़ी तक अपने जीन को अधिकतम रूप से पास करने की कोशिश करते हैं।
हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली हमारी जीवन शैली को दर्शाती है, जिसमें हमारे खान-पान और शारीरिक व्यायाम शामिल हैं।वैज्ञानिकों के एक समूह ने निष्कर्ष निकाला कि जो कपल लंबे समय से विवाहित थे, उनमें बहुत ही समान प्रतिरक्षा प्रणाली होती है। हो सकता है कि क्यों दो साथी अक्सर अपनी आदतों और जीवन शैली को सामान्य रूप से साझा करते हैं।
कपल्स जो एक-दूसरे के साथ हैं, वे अक्सर एक-दूसरे की आदतों और बॉडी लैंग्वेज को प्रतिबिंबित करते हैं। यह दर्शाता है कि उनके रिश्ते में इमोशनल कंफर्ट और भरोसा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पार्टनर अपनी शादीशुदा जिंदगी में अपनी आदतें बदल लेते हैं। उदाहरण के लिए, यदि उनमें से एक ने धूम्रपान छोड़ने की कोशिश की और स्वस्थ भोजन खाना शुरू कर दिया, तो दूसरे ने अक्सर ऐसा ही किया।
एक पुरुष अपनी बीवी में मां की झलक देखता है। यह अधिक संभावना है कि पत्नी आदतों और रंग-रूप दोनों में पति की मां के साथ कुछ करीबी समानताएं शेयर करेगी। वैज्ञानिक इस बात की पुष्टि करते हैं कि हम ऐसे साथी चुनते हैं जो न केवल हमारी तरह दिखते हैं बल्कि हमारे विपरीत लिंग वाले माता-पिता की तरह भी हैं। यहां सबसे महत्वपूर्ण कारक बाल और आंखों का रंग और हमारे माता-पिता की उम्र है। जब आप पैदा हुए थे, तब आपके पेरेंट्स युवा नहीं थे, तो आप ऐसे पार्टनर की तलाश करेंगे जो आपसे बड़ा हो।
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