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बारिश, ओलों और बर्फबारी से उत्तर भारत बेहाल, हिमाचल में 500 सड़कें बंद

नई दिल्ली। सोमवार रात व मंगलवार को दिल्ली एनसीआर से लेकर पंजाब-हरियाणा, राजस्थान तक बारिश हुई। जबकि जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल व उत्तराखंड के पहाड़ों पर भारी बर्फबारी। कई स्थानों पर बारिश के साथ ओले भी गिरे। मौसम के इस यू-टर्न ने कई राज्यों में जहां ठंड और कोहरा बढ़ा दिया है वहीं यातायात पर भी बुरा असर पड़ा है।
बुधवार सुबह दिल्ली में घना कोहरा और ठंड का असर रहा और इस वजह 21 ट्रेनें देरी से चल रही हैं। भारी बर्फबारी के कारण हिमाचल प्रदेश में छोटी-बड़ी 500 सड़कों के बंद होने की सूचना है।
कश्मीर में हिमस्खलन से दो की मौत हो गई है वहीं दिल्ली, नोएडा व आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश से जलजमाव हो गया। वैष्णोदेवी में बर्फबारी के कारण हेलिकॉप्टर व केबल कार सेवा रोक दी गई। जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद उधर जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में 12 साल की एक लड़की समेत दो लोगों की बर्फ में दबने से मौत हो गई। काजीगुंड में जवाहर टनल के पास हिमस्खलन से दोनों रास्ते बंद हो गए। इस कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद करना पड़ा।
आज कुछ ऐसा रहेगा हाल
वेदर फोरकास्‍ट एजेंसी स्‍कायमेट के पूर्वानुमान के अनुसार आज भी दौरान जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड पर भारी बारिश और मध्‍यम हवा चलने की संभावना है। कश्‍मीर, हिमाचल और उत्‍तराखंड में इस दौरान बर्फबारी के अलावा बारिश होने की भी संभावना बन रही है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के चलते पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश से दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
सफेद चांदी से ढका भवन
जम्मू के रियासी जिले में त्रिकुटा पर्वत के बाद मां वैष्णो देवी का भवन भी सफेद चांदी से ढक गया है। सुबह से हो रही बर्फबारी के कारण भवन का आंगन और यात्रा मार्ग पर बर्फ की मोटी परत जम गई है। भवन में आसपास छह इंच, सांझी छत में छह इंच, भैरो घाटी में तीन इंच, जबकि त्रिकुटा पर्वत पर डेढ़ फुट के करीब बर्फबारी हुई है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने हेलिकॉप्टर व केबल कार सेवा को मौसम साफ होने तक फिलहाल बंद कर दिया है।
मसूरी में पांच साल में सर्वाधिक हिमपात
उत्तराखंड में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल की पहाड़ियां बर्फ से सफेद हो गई हैं। लंबे इंतजार के बाद मसूरी में भी पर्यटकों ने हिमपात का लुत्फ उठाया। पांच साल में यह पहला मौका है जब मसूरी शहर में इतना हिमपात (6.4 सेंटीमीटर) हुआ है।
उप्र में झूमकर बरसे बदरा
उप्र के कई इलाकों में सोमवार दोपहर में शुरूहुआ बारिश और बूंदाबांदी सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। तेज रफ्तार ठंडी हवाओं से ठिठुरन बढ़ गई।किसानों के चेहरे खिलेउत्तर भारत में बारिश ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। कृषि विशेषज्ञ इस बारिश को गेहूं, जौ, चना और सरसों की फसल के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। पहाड़ी राज्यों में अच्छी बर्फबारी से सेब उत्पादकों के चेहरे खिल गए हैं। जनवरी में हुई बारिश से सेबों के बागबान उत्साहित हैं।
49 साल में जनवरी में 24 घंटे में 60 मिमी
पंजाब में ज्यादातर जिलों में सोमवार से ही बारिश हो रही है। लुधियाना में मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि 49 सालों में पहली बार जनवरी में किसी एक दिन इतनी ज्यादा बारिश (60 मिमी) हुई। अलवर में 14 मिमी : राजस्थान में अलवर में सबसे ज्यादा 14.1 मिमी बारिश हुई, जबकि बाडमेर में ओले गिरे। दिल्ली में जलजमावराजधानी दिल्ली के कई इलाकों में भारी वर्षा व ओलावृष्टि हुई। सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक बाधित हुआ। मंगलवार सुबह ऑफिस जाने वाले परेशान रहे।
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