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MP Chunav 2018 : सिर्फ आरोपों के लिए वंशवाद, चुनाव लड़ाने से किसी को परहेज नहीं

भोपाल  भाजपा और कांग्रेस को वंशवाद से परहेज है। दोनों पार्टियां इसे मुद्दा बनाकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाती हैं, लेकिन जब नेताओं के परिजनों को टिकट देने की बात आती है, तो दोनों ही पार्टी अपने विचारों से समझौता कर लेती हैं। इस बार भी दोनों पार्टियों ने दशकों से सक्रिय तीन दर्जन से ज्यादा नेताओं के परिजनों को टिकट देकर विरोध से बचने की कोशिश की है।
राजनीतिक पार्टियों में वंशवाद का मुद्दा सिर्फ आरोपों तक ही सीमित है। चुनाव से पहले हर बार यह मुद्दा उठता है। पार्टियां एक-दूसरे पर वंशवाद का आरोप भी लगाती हैं, लेकिन जब टिकट देने की बारी आती है तो कोई भी पार्टी इस पर कायम नहीं रहती है।
भाजपा-तीन दर्जन सीटों पर वंशवाद का असर
भाजपा की परंपरागत तीन दर्जन सीटों पर वंशवाद का असर दिखाई दे रहा है। पार्टी ने सांची विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक रहे डॉ. गौरीशंकर शेजवार के बेटे मुदित शेजवार को प्रत्याशी बनाया है। डॉ. शेजवार ने करीब छह महीने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। इंदौर-तीन से पार्टी के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय को टिकट दिया गया है।
ऐसे ही पार्टी ने राजधानी की गोविंदपुरा सीट से 10 बार विधायक बने और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर को टिकट दिया है। इस टिकट को लेकर पार्टी में भारी विरोध था। इन सीटों से नए दावेदार मैदान में थे और सभी वंशवाद का खुलकर विरोध कर रहे थे, लेकिन सीट बचाने के लिए पार्टी को आखिर में इन नेताओं की बात माननी पड़ी। कांग्रेस में भी ऐसे ही हालात हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के परिवार से तो तीन सदस्य मैदान में हैं। उनके बेटे जयवर्द्धन सिंह राघौगढ़ और छोटे भाई लक्ष्मण सिंह चांचौड़ा से प्रत्याशी बनाए गए हैं। जबकि उनके रिश्तेदार प्रियवृत सिंह खींची खिलचीपुर से कांग्रेस प्रत्याशी हैं। पार्टी ने झाबुआ सीट से पार्टी के कद्दावर नेता कांतिलाल भूरिया के बेटे विक्रांत भूरिया को टिकट दिया है।
कौन किसका रिश्तेदार
कांग्रेस से
विधानसभा सीट -- प्रत्याशी -- किससे रिश्ता
सबलगढ़ -- सरला रावत -- विधायक मेहरबान सिंह रावत की बहू
कसरावद -- सचिन यादव -- पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के भाई
बुदनी -- अरुण यादव -- पूर्व उप मुख्यमंत्री सुभाष यादव के बेटे
बैतूल -- निलय डागा -- पूर्व विधायक विनोद डागा के बेटे
जावरा -- केके सिंह -- पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के भाई
सिंहावल-- कमलेश्वर पटेल-- पूर्व मंत्री इंद्रजीत पटेल के बेटे
चुरहट--अजय सिंह-- पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे
केवलारी-- रजनीश सिंह-- पूर्व मंत्री हरवंश सिंह के बेटे
लखनादौन-- योगेंद्र सिंह बाबा-- पूर्व राज्यपाल उर्मिला सिंह के बेटे
गंधवानी-- उमंग सिंघार-- पूर्व नेता प्रतिपक्ष जमुना देवी के भतीजे
गुढ़-- सुंदरलाल तिवारी-- पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के बेटे
अटेर -- हेमंत कटारे -- पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के बेटे
बदनावर -- राजवर्द्धन सिंह दत्तीगांव -- पूर्व विधायक प्रेमसिंह दत्तीगांव के बेटे
कुक्षी -- सुरेंद्र सिंह बघेल -- पूर्व मंत्री प्रताप सिंह बघेल के बेटे
लांजी -- हिना कांवरे -- पूर्व मंत्री लिखीराम कांवरे की बेटी
इंदौर-3 -- अश्विन जोशी -- पूर्व मंत्री महेश जोशी के भतीजे
भाजपा से
जावद -- ओम प्रकाश सकलेचा -- पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा के बेटे
धार -- नीना वर्मा -- पूर्व मंत्री विक्रम वर्मा के पत्नी
भोजपुर-- सुरेंद्र पटवा-- पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे
इंदौर-4 -- मालिनी गौड़ -- पूर्व मंत्री लक्ष्मण सिंह गौड़ के पत्नी
हाटपिपल्या -- दीपक जोशी -- पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे
शिवपुरी -- यशोधरा राजे सिंधिया -- राजमाता सिंधिया की बेटी
नरेला -- विश्वास सारंग -- पूर्व सांसद कैलाश सारंग के बेटे
सुरखी -- सुधीर यादव -- सागर के सांसद लक्ष्मीनारायण यादव के बेटे
बंडा -- हरवंश राठौर -- पूर्व मंत्री हरनाम सिंह राठौर के बेटे
चांदला -- राजेश प्रजापति -- विधायक आरडी प्रजापति के बेटे
छतरपुर - अर्चना सिंह -- भाजपा नेता पुष्पेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी
रामपुर बघेलान -- विक्रम सिंह -- मंत्री हर्षसिंह के बेटे
सिरमौर -- दिव्यराज सिंह -- पूर्व विधायक पुष्पराज सिंह के बेटे
बांधवगढ़ -- शिवनारायण सिंह -- पूर्वमंत्री और सांसद ज्ञानसिंह के बेटे
बहोरीबंद -- प्रणय पांडे -- पूर्व विधायक प्रभात पांडे के बेटे
जबलपुर कैंट -- अशोक रोहाणी -- पूर्व विस अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के बेटे
लांजी -- रमेश भटेरे -- पूर्व विधायक दिलीप भटेरे के बेटे
नरसिंहपुर -- जालमसिंह पटेल -- सांसद प्रहलाद पटेल के भाई
बैतूल -- हेमंत खंडेलवाल -- पूर्व सांसद विजय खंडेलवाल के बेटे
टिमरनी -- संजय शाह -- मंत्री विजय शाह के भाई
भैंसदेही -- महेंद्र सिंह चौहान -- पूर्व विधायक केशर सिंह चौहान के बेटे
सिरोंज -- उमाकांत शर्मा -- पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई
सारंगपुर -- कुंवर कोठार -- पूर्व विधायक अमरसिंह कोठार के बेटे
देवास -- गायत्री पंवार -- पूर्व मंत्री तुकोजीराव की पत्नी
खातेगांव -- आशीष शर्मा -- पूर्व विधायक गोविंद शर्मा के बेटे
खंडवा -- देवेंद्र वर्मा -- पूर्व मंत्री किशोरीलाल वर्मा के बेटे
नेपानगर -- मंजू दादू -- पूर्व विधायक राजेंद्र दादू की बेटी
बुरहानपुर -- अर्चना चिटनीस -- पूर्व विस अध्यक्ष ब्रजमोहन मिश्र की बेटी
तराना -- अनिल फिरोजिया -- पूर्व विधायक भूरेलाल फिरोजिया के बेटे
जावरा -- डॉ. राजेंद्र पांडे -- पूर्व सांसद लक्ष्मीनारायण पांडे के बेटे
सुवासरा -- राधेश्याम पाटीदार -- पूर्व विधायक नानालाल पाटीदार के बेटे
मंदसौर -- यशपाल सिंह सिसोदिया -- विधायक किशोर सिंह सिसौदिया के बेटे
मनासा -- अनिरुद्ध माधव मारू -- भाजपा नेता रामेश्वर मारू के बेटे हैं। पिता बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं।
इनका कहना है
भाजपा का प्रदेश नेतृत्व और चुनाव समिति ने जीत की संभावना के आधार पर टिकट दिए हैं। टिकट चयन में किसी नेता के रिश्तेदार या परिवार के सदस्य होने के नाते किसी को कोई तवज्जो नहीं मिलती। टिकट मिलने का एक मात्र आधार पर जीत है। उसी कसौटी के आधार पर पार्टी ने टिकट दिए हैं।
डॉ. दीपक विजयवर्गीय, मुख्य प्रवक्ता, भाजपा
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