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जैश सरगना मसूद अजहर ने की पुष्टि, त्राल मुठभेड़ मारा गया भतीजा

श्रीनगर। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने पुष्टि कर दी है कि मंगलवार को सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में दो अतंकियों सहित उसका भतीजा अबु उस्मान हैदर मारा गया है। सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के त्राल में छह घंटे चली भीषण मुठभेड़ के बाद अजहर के भतीजे को मार गिराया था।
पाकिस्तान का रहने वाला उस्मान घाटी में सुरक्षाबलों के लिए नया सिरदर्द बने जैश के स्नाइपर शूटर दस्ते का डिप्टी कमांडर बताया था। मुठभेड़ के दौरान आतंकी जिस घर में रह रहे थे वह भी पूरी तरह तबाह हो गया है। अातंकी मसूद अजहर ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में भतीजे हैदर की मौत की पुष्टि करते हुए कश्मीरियों से भारत के खिलाफ खड़े होने और आक्रामक हमले करें।
ऑडियो क्लिप में अजहर ने कहा कि मेरा प्यारा भतीजा उस्मान इब्राहिम और एक कश्मीरी लड़ाके शौकत अहमद ने अपने जीवन का बलिदान दिया है। बड़ी तादात में लोग शौकत अहमद को श्रद्धांजलि देने के लिए जमा हुए थे, फिर भी भारत दावा करता है कि कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है? उन्हें शर्म आनी चाहिए।
भतीजे की मौत की तारीफ करते हुए अजहर ने कहा- 18 साल के उस्मान ने इतनी कम उम्र में अपने जीवन का बलिदान दे दिया। कश्मीर में उस्मान का जाना अवैध नहीं है, बल्कि भारत की कश्मीर की सीमा में घुसना गैर-कानूनी है।
उसने कश्मीरियों से भारत के खिलाफ खड़े होने और जेहाद छेड़ने को कहा। युवकों को भड़काते हुए मसूद ने कहा- कश्मीरी युवाओं, उस्मान का बलिदान काफी नहीं है कि तुम खड़े हो। गुलाम के रूप में मरना किसी भी मुस्लिम के खिलाफ है।
भारत ने तुम्हें विकल्प दिया है कि गुलाम की तरह जियो और दमन में मर जाओ। तुम्हें इन चीजों को उन्हें सौंप देना चाहिए और उनके लिए बलिदान देने के लिए तैयार हो जाना चाहिए। कब तक तुम लोग अकेले खड़े रहोगे। तुम सबको साथ में खड़े होना चाहिए और भारत को उखाड़ फेंकना चाहिए।
एक भतीजा पहले मारा गया था
बताते चलें कि उस्मान से पहले मसूद अजहर का एक अन्य भतीजा तल्हा रशीद छह नवंबर 2017 को पुलवामा जिले के अगलर कंडी इलाके में अपने दो अन्य साथियों के साथ मारा गया था।
करीब चार महीने तक उत्तरी कश्मीर में सक्रिय रहा था और उसके बाद वह दक्षिण कश्मीर में आ गया था। उसके ठिकाने की निशानदेही करने के बाद उसे मार गिराने का अभियान दो दिनों की कवायद के बाद तैयार किया गया था। तल्हा रशीद के पास से भी पुलिस ने एम 4 कार्बाइन राइफल बरामद की थी।
इंटरसेप्ट किया था मैसेज
पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद का एक संदेश पकड़ा था, जिसमें मसूद अजहर के रिश्तेदार ने उस्मान की मौत का जिक्र करते हुए जल्द ही जम्मू कश्मीर में किसी बड़े सनसनीखेज हमला कार उसकी मौत का बदला लेने की धमकी दी थी। उस्मान के साथ मारे गए दूसरे आतंकी का नाम शौकत गनई है और वह दक्षिण कश्मीर का ही रहने वाला है।
आईजीपी कश्मीर एसपी पाणि ने बताया कि मारे गए दोनों आतंकियों के शव बुरी तरह जले हुए हैं। उनकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है। मगर, यह बड़ी कामयाबी है, क्योंकि बीते दिनों त्राल और उसके साथ सटे इलाकों में सुरक्षा शिविरों पर जो आतंकियों के स्टैंड ऑफ हमले हुए थे, उनके लिए यही माड्यूल जिम्मेदार था।
स्नाइपर हमले के बाद मजबूत किया नेटवर्क
आईजीपी ने बताया कि त्राल और नौगाम में बीते दिनों सुरक्षाबलों के शिविरों पर हुए स्टैंड ऑफ अटैक (जिनमें स्नाइपर शूटिंग हुई थी) के बाद हमने अपने खुफिया नेटवर्क को और मजबूत बनाया। ऐसे में मंगलवार दोपहर को हमें सूचना मिली कि आतंकियों का एक दल त्राल में मंडूरा के पास छन्नकितर गांव में छिपा हुआ है। इसके आधार पर तलाशी अभियान चलाया गया और मुठभेड़ शुरू हो गई।
सूत्रों ने बताया कि तीन आतंकी जिनमें हांडूरा (त्राल) का रहने वाला शौकत गनई, पांजू (त्राल) का फैयाज और पाकिस्तानी आतंकी उस्मान एक ग्रामीण मुम्मा मीर के मकान में छिपे हुए थे। सुरक्षाबलों ने जैसे ही मकान की घेराबंदी कर अंदर छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी फायरिंग कर आतंकियों को ढेर कर दिया।
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