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RSS के विजयादशमी उत्सव में बोले भागवत 'डंडे से नहीं चलता समाज'

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आज अपना 93वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस मौके पर नागपुर में संघ द्वारा पथ संचलन (रूट मार्च) का आयोजन किया गया। संघ प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया।
भागवत ने अपने संबोधन में कहा है 'देश में भजन, भोजन और भ्रमण के संस्कार हमें देखने होंगे। घर के लोगों में संस्कार डालने की जरूरत है। डंडे के डर से नहीं चलता समाज। समाज अपने संस्कार से चलता है। कर्मों को मर्यादा में रखने की जरूरत है। नीति कल्पना बदलती रहती है और वही कानून है। मूल्यबोध बेहद जरूरी है। '
उन्होंने कहा है कि सेना को और मजबूत करने की जरूरत है, सेना मजबूत होगी तो ही देश मजबूत होगा। वे बोले 'देश धीरे-धीरे बदलता है। सरकार के काम आहिस्ता ही दिखते हैं।'
नोबोल पुरस्कार से सम्मानित और सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी भी संघ के वार्षिक विजयादशमी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंच पर वे संघ प्रमुख के बगल में बैठे नजर आए।
कैलाश सत्यार्थी बोले, मैं संघ का आभारी हूं
कार्यक्रम में शामिल हुए कैलाश सत्यार्थी ने विजयादशमी और संघ के स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई दी और कहा, 'आपने मुझे अपने स्थापना दिवस पर यहां आमंत्रित करके भारत के ही नहीं, बल्कि विश्व के करोड़ों वंचित और शोषित बच्चों की तरफ सम्मान, प्रेम और करुणा का हाथ बढ़ाया है। मैं उन सबकी तरफ से आपका ह्रदय से आभारी हूं।'
इस दौरान उन्होंने कहा कि आज से करीब 35 साल पहले जब वह एक मैगजीन में काम कर रहे थे, तब एक छोटी बच्ची को बेचा जा रहा था और इस घटना ने उनके विचारों को बदल दिया। उन्होंने आगे कहा कि इस दौर में दुनिया में बच्चों के लिए अच्छा माहौल नहीं है, लेकिन हमारे देश में हमेशा बच्चों को भगवान के रूप में देखा गया है। भारत में लगातार बच्चों के मुद्दों को लेकर तरक्की हुई है। हमारे यहां बाल मजदूरी की संख्या में भी कमी आ रही है। साथ ही, उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए जिस पंचामृत की जरूरत है, उसमें संवेदनशील भारत, समावेशी भारत, सुरक्षित भारत, स्वावलंबी भारत और स्वाभिमानी भारत शामिल है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी नजर आए।
बता दें कि संघ की ओर से हर साल की तरह इस साल भी विजयादशमी उत्सव में शस्त्र पूजन किया जा रहा है। अपने स्थापना दिवस को संघ पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाता है। कार्यक्रम में देश-विदेश से कई कार्यकर्ता शामिल होते हैं।
मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किये थे। हाल में दिल्ली में हुए संघ के कार्यक्रम में मोहन भागवत आरक्षण, एकल विवाह, एससी/एसटी कानून, नोटा, धर्म-परिवर्तन, मॉब लिंचिंग जैसे कई अहम मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए थे। ऐसे में भागवत आज के अपने भाषण में आने वाले चुनावों पर बोलते नजर आ सकते हैं। कुछ ही दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले आरएसएस का ये कार्यक्रम काफी अहम माना जा रहा है।
क्यों खास है विजयादशमी ?
बता दें कि 1925 में विजयादशमी के दिन ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना हुई थी। तब से हर साल विजयादशमी के मौके पर संघ अपने स्थापना दिवस को बड़े स्तर पर मनाता आया है। संघ इसे विजय दिवस के रूप में मनाता है। 27 सितंबर, 1925 को दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना केशव बलराम हेडगेवार ने की थी।
कौन हैं कैलाश सत्यार्थी?
  • कैलाश सत्यार्थी बचपन बचाओ आंदोलन के संस्थापक हैं।
  • सत्यार्थी का संगठन बालश्रम को खत्म करने और बच्चों के पुनर्वास के लिए काम करता है।
  • उन्हें इस सामाजिक कार्य के लिए साल 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है।

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