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PM मोदी ने किया Statue of Unity का उद्घाटन, अभिषेक के बाद कर देखा संग्रहालय

अहमदाबाद। आज देश के पूर्व गृहमंत्री और लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती है। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" सौंप दी है।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी प्रतिमा स्थल तक जाने वाले रास्ते से प्रतिमा तक पहुंचे। यहां उन्होंने 30 नदियों के जल से प्रतिमा के पास रखे शिवलिंग का अभिषेक किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री व अमित शाह समेत अन्य लोगों के साथ प्रतिमा के अंदर बने संग्रहालय का दौरा किया।
इसके बाद वह लिफ्ट से 152 मीटर की ऊंचाई पर जाकर पटेल की प्रतिमा के सीने से विहंगम दृश्य देखेंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने लीवर खींच कर प्रतिमा का अनावरण किया।
प्रधानमंत्री ने एक लीवर खींच कर इस प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद वायुसेना के विमान फ्लाय पास्ट करते हुए प्रतिमा के ऊपर से तिरंगा बनाते हुए गुजरे।
अनावरण के बाद भारतीय वायुसेना के तीन विमान प्रतिमा के ऊपर से गुजरे और आकाश में तिरंगा बनाया। अनावरण के बाद सरदार पटेल को पुष्पांजलि दिए जाते वक्त एमआई-17 हेलिकॉप्टर्स ने प्रतिमा पर फूल बरसाए।
अनावरण के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि सरदार साहब का संकल्प न होता, तो कश्मीर से कन्याकुमारी तक की सीधी ट्रेन की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। देश के लोकतंत्र से सामान्य जन को जोड़ने के लिए सरदार साहब प्रतिपल समर्पित रहे। ये प्रतिमा, सरदार पटेल के उसी प्रण, प्रतिभा, पुरुषार्थ और परमार्थ की भावना का प्रकटीकरण है।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने वॉल ऑफ यूनिटी का भी उद्घाटन किया।
इस कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल ओ पी कोहली, मध्यप्रदेश की राज्यपालआनंदीबेन पटेल, कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आदि इस समारोह में शिरकत कर रहे हैं।
अनावरण से पहले यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इन्हें गुजरात पुलिस और सेना के जवान पेश कर रहे हैं। 29 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के कलाकार नृत्य भी पेश किया।
पटेल प्रतिमा के अनावरण से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने यहां बनी खूबसूरत फूलों की घाटी का दौरा किया और उसका उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने यहां बनी टेंट सिटी का भी अनावरण किया। टेंट सिटी में प्रतिमा देखने आए पर्यटक रुक सकेंगे।
आम जनता के लिए यह एक नवंबर से खुलेगी। ऑनलाइन टिकट बुकिंग शनिवार से शुरू हो गई है। प्रति व्यक्ति 150 से 380 रुपए का टिकट रखा गया है।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल को उनकी जयंती पर याद करते हुए ट्वीट कर लिखा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा हम सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर नमन करते हैं। उन्होंने देश को एक किया और सच्चे मन से देश सेवा की।
यह है खासियतें
182 मीटर ऊंची प्रतिमा के 135 मीटर तक याने प्रतिमा के ह्रदय स्थल पर बनी व्यूइंग गैलरी से नर्मदा बांध को निहार सकेंगे। यहीं से नजर आएगी 35 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले सौ से अधिक प्रजाति के फूलों से बनी वैली ऑफ फ्लावर।
सोमनाथ, द्वारका, रण ऑफ कच्छ, सासण गीर, पोरबंदर गांधीजी के जनम स्थल व अहमदाबाद के रिवरफ्रंट के बाद गुजरात के पर्यटन स्थलों की सूची में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का नाम भी जुड गया है। पर्वतमालाओं के बीच हरी भरी वादियों के साथ खडी सरदार की भव्य प्रतिमा 8 किलोमीटर दूर से नजर आ जाएगी।
मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का मानना है कि लौहपुरुष सरदार पटेल देश का गौरव हैं तथा आनेवाले 50 साल तक दुनिया में उनकी सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। उपमुख्यमंद्त्री नीतिन पटेल का कहना है कि सरदार ने देश का एकीकरण कर एक आधुनिक राष्ट्रका निर्माण किया, यह प्रतिमा युवाओं को सदियों तक उनके काम व आदर्श की प्रेरणा देती रहेगी।
मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का मानना है कि लौहपुरुष सरदार पटेल देश का गौरव हैं तथा आनेवाले 50 साल तक दुनिया में उनकी सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। सरदार पटेल व प्रतिमा के बारे में उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल कहते हैं कि दुनिया में अब तक हजारों नेता हुए हैं पर सरदार जैसा दूरदर्शी, लोकनायक व द्रढ व्यक्तित्व के धनी नहीं हुए। करीब 2332 करोड की लागत से निर्मित 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ युनिटी आने वाली पीढी को अखंड भारत के शिल्पी के द्रढ मनोबल का आभास कराती रहेगी। सरदार सफल बैरिस्टर रहे, नगर पालिका से लेकर देश के उपप्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे लेकिन सादगी, ईमानदारी व द्रढ मनोबल उनकी पहचान रहे।
182 मीटर ऊंची इस मूर्ति को बनाने में हजारों मजदूर व सैकडों इंजीनियर तो महीनों तक जुटे ही साथ ही अमरीका, चाइना से लेकर भारत के शिल्पकारों ने भारी मेहनत की। सरदार का चेहरा कैसा हो और भावभंगिमा कैसी हो इसे तय करने में काफी समय लग गया।
अब तक चाइना में बुद्व की प्रतिमा सबसे ऊंची 128 मीटर थी, उसके बाद अमरीका का स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी 90 मीटर पर भारत में वह भी नदी के पट में 182 मीटर लंबी प्रतिमा को खडा करने का सपना देखना और उसे साकार करना एक बड़ी चुनौती वाला काम था इसे साकार किया शिल्पकार पद्मश्री राम सुथार व उनके पुत्र अनिल सुथार ने और उनका साथ दिया अमेरिकन आर्किटेक्चर माइकल ग्रेस और टनल एसोसिएट्स कंपनी ने। प्रतिमा की खास बात यह है कि सरदार पटेल की प्रतिमा अपने नाम पर बने 138 मीटर ऊंचे सरदार सरोवर नर्मदा बांध को निहारती नजर आएगी तथा सरदार की आंखों में बांध का द्रश्य नजर आएगा।
ये खास आकर्षण
- प्रतिमा के पास की 17 किमी लंबी वैली ऑफ फ्लावर तैयार की गई है। यहां दुनिया के विविध फूलों की किस्म के साथ नमो फूल भी देखे जा सकेंगे।
- पर्यटकों के लिए एक टेंट सिटी और सरदार पटेल को समर्पित एक म्यूजियम भी बनाया गया है।
- 55 मंजिला (करीब 600 फीट) प्रतिमा के हृदयस्थल 153 मीटर की ऊंचाई तक लोग लिफ्ट से पहुंचकर वहां से 138 मीटर ऊंचे सरदार सरोवर बांध को देख सकेंगे।
- प्रतिमा के सामने विजिटर गैलरी भी बनाई गई है, जहां से एक साथ 200 लोग प्रतिमा को निहार सकेंगे।
- युवाओं के लिए यहां सेल्फी पॉइंट बनाए गए हैं।
- सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट जल्द ही एक ऐप भी जारी करेगा, इसके माध्यम से भी टिकट बुक किया जा सकेगा।
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