Home » » नोबेल पुरस्कार मिलने की खबर को झूठ मान बैठे थे रोमर

नोबेल पुरस्कार मिलने की खबर को झूठ मान बैठे थे रोमर

स्टॉकहोम। नोबेल जीतने पर हैरानी जाहिर करते हुए 62 वर्षीय रोमर ने कहा, "मुझे सुबह जब फोन आया तो मैंने कोई जवाब नहीं दिया क्योंकि मुझे लगा कि यह झूठी बात होगी। मुझे पुरस्कार की कोई उम्मीद नहीं थी। मेरे खयाल से कई लोगों को यह लगता है कि पर्यावरण की रक्षा करना इतना महंगा और कठिन होगा कि वे इसे नजरअंदाज कर देना चाहते हैं। लेकिन हम यकीनन पर्यावरण की सुरक्षा करने के साथ सतत विकास कर सकते हैं।"
रॉयल स्वीडिश अकादमी ऑफ साइंसेज ने सोमवार को अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा, "पुरस्कार विजेताओं के काम से उन बुनियादी सवालों के जवाब मिलने में मदद मिली कि किस तरह दीर्घकालीन सतत विकास और मानव कल्याण को बढ़ावा दिया जाए।"
इस पुरस्कार के तहत मिलने वाली 10 लाख डॉलर (करीब 7.28 करोड़ रुपए) की धनराशि दोनों विजेताओं में साझा होगी।
रोमर ने बनाया अंतर्विकास सिद्धांत
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रोफेसर रोमर ने यह साबित किया है कि आर्थिक शक्तियां किस तरह कंपनियों को नए विचार और नई खोज करने के लिए प्रभावित करती हैं। उन्होंने विकास के एक नए मॉडल की आधारशिला रखी है जिसे अंतर्विकास सिद्धांत कहा जाता है। रोमर विश्व बैंक के पूर्व अर्थशास्त्री भी रह चुके हैं।
Share This News :
 
Site Link : Contact Us | sitemap
Copyright © 2013. khabrokakhulasa.com | Latest News in Hindi,Hindi News,News in Hindi - All Rights Reserved
Template Modify by Unreachable
Proudly powered by Blogger