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सिलेंडर के बढ़ते दाम से हैं हलकान, ऐसे वापस हासिल करें सब्सिडी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च 2015 को संपन्न लोगों से आह्वान किया था कि वह रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ दें। इससे गरीबों को रसोई गैस देने में सरकार को सहूलियत होगी और विकास कार्यों को भी गति दी जाएगी। प्रधानमंत्री के आह्वान का असर भी दिखा और हर एजेंसी की कुछ उपभोक्ता संख्या के लगभग पांच फीसद तक लोगों ने सब्सिडी छोड़ भी दी। आंकड़ों की बात करें, तो करीब दो करोड़ उपभोक्ताओं ने सब्सिडी छोड़ दी या उन्हें कभी सब्सिडी नहीं मिली।
हालांकि, तब रसोई गैस सिलेंडर की कीमत तकरीबन 550 रुपए थी। सब्सिड़ी करीब 160 रुपए मिलती थी। वर्तमान में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 941 रुपए पहुंच चुकी है। यानी सब्सिडी छोड़ने वालों का साल में करीब पांच हजार रुपए का अलग से खर्च बढ़ गया है। लिहाजा, चार साल पहले स्वेच्छा से या गलती से छूट गई रसोई गैस की सब्सिडी पाने को उपभोक्ता परेशान हो गए हैं।
रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान लोग गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। अचानक सब्सिडी पाने के लिए आवेदन आने से एजेंसी संचालक और ऑयल कंपनियों के अधिकारी भी हैरान हैं। साल 2018-19 के दौरान कुकिंग गैस सब्सिडी के बढ़कर 30,000 करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
बताते चलें कि दो साल में बिना सब्सिडी वाले गैस सिलिंडर की कीमत 389 रुपए यानी 79 फीसद बढ़ी है। देश में करीब 24.5 करोड़ कुकिंग गैस कंज्यूमर हैं। इनमें से 8.3 प्रतिशत यानी लगभग दो करोड़ कस्टमर्स सब्सिडी नहीं लेते या उन्हें सब्सिडी नहीं मिलती है। करीब 1.04 करोड़ कस्टमर्स ने पिछले कुछ वर्षों में सब्सिडी छोड़ी है। सरकार के गिव इट अप कैंपेन के अलावा ऑयल कंपनियों ने नए कस्टमर्स को यह विकल्प भी दिया कि वे चाहें तो शुरू से ही सब्सिडी न लें।
सब्सिडी न पाने वाले दो करोड़ कंज्यूमर्स में वे भी शामिल हैं, जो सब्सिडी ट्रांसफर के लिए बैंक खाते या आधार की डीटेल्स नहीं दे पाए थे। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनकी सालाना कर योग्य आय 10 लाख रुपए से ज्यादा है।
सब्सिडी पाने के लिए यह करें
रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ने वाले या गलती से सब्सिडी न ले पाने वाले उपभोक्ताओं को संबंधित गैस एजेंसी के कार्यालय में सब्सिडी के लिए आवेदन करना होगा। एजेंसी संचालक इसे अपनी कंपनी के सेल्स ऑफिसर के पास भेजेंगे, जो ऑयल कंपनी के पोर्टल पर सब्सिडी पाने के लिए होने वाली प्रक्रिया को पूरी करेंगे। पोर्टल पर प्रक्रिया शुरू होने के 15 दिन के बाद सब्सिडी मिलने का दावा किया जा रहा है।
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