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जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव की मतगणना शुरू, 720 उम्मीदवारों का तय होगा भविष्य

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में 13 वर्षों बाद हुए निकाय चुनाव में भाग्य आजमा रहे 2990 उम्मीदवारों में से 720 की तकदीर आज खुल जाएगी। राज्य के 79 शहरी निकायों के 1145 वार्डों में से 720 के लिए मतगणना शुरू हो चुकी है।
राज्य के 244 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं और कश्मीर में 181 वार्ड ऐसे हैं, जहां कोई उम्मीदवार मैदान में न होने के कारण वोटिंग ही नहीं हुई है। यानि राज्य में 425 वार्ड ऐसे हैं, जिनके लिए वोटों की गिनती नहीं हो रही है।
राज्य के सभी 22 जिला मुख्यालयों में मतों की गिनती सुबह नौ बजे शुरू हुई और सुबह साढ़े 10 बजे तक चुनाव के परिणाम आने लगेंगे। मतगणना केंद्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
शुक्रवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शालीन काबरा ने श्रीनगर में उच्च स्तरीय बैठक में मतगणना को कामयाब बनाने के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को मतगणना केंद्र में नहीं जाने दिया जाए।
घाटी में कमल खिलने की पूरी तैयारी
जम्मू-कश्मीर में चार चरणों में हुए नगर निकायों के चुनाव का परिणाम शनिवार को घोषित होने के साथ ही कश्मीर में कमल भी पूरी तरह खिलने की संभावना है। आजादी के बाद यह पहला मौका होगा जब मुस्लिम बहुल कश्मीर घाटी में लगभग 14 निकायों पर भाजपा का ही राज होने की संभावना है। 100 से ज्यादा वार्डों में कमल खिलने के आसार हैं।
भाजपा दूसरी बार कश्मीर में नगर निकाय चुनावों में हिस्सा ले रही है और उसने 260 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे थे। इसके अलावा 50 निर्दलीय उम्मीदवारों को भाजपा का समर्थन था। भाजपा के सहयोगी दलों के करीब 30 उम्मीदवार भी मैदान में थे। आतंकियों और अलगाववादियों की धमकियों के बीच निकाय चुनावों के दौरान कश्मीर संभाग में सिर्फ 186 वार्डों में ही मतदान हुआ है। 412 वार्डों में कोई मतदान नहीं हुआ क्योंकि उनमें से 181 में कोई उम्मीदवार नहीं था, जबकि 231 वार्डों में एक-एक उम्मीदवार था जो निर्विंरोध जीता है। सिर्फ 13 निकायों में चुनाव हुआ है। 27 में कोई चुनाव नहीं हुआ।
कश्मीर घाटी के विभिन्न निकायों में जिस तरह प्रत्याशी उतारे गए थे और जिस तरह कई जगह वे निर्विंरोध निर्वाचित हुए हैं, उसके आधार पर पहले ही दावा किया जा रहा है कि जिला अनंतनाग में 30 वार्ड, जिला बारामुला में 24, जिला शोपियां में 13, जिला बडगाम में 11, जिला कुलगाम में 10, जिला पुलवामा में नौ और कुपवाड़ा में तीन वार्ड भाजपा की झोली में जा सकते हैं। ये वे वार्ड हैं, जिनमें चुनाव हुए हैं।
भाजपा के लिए निकाय चुनावों की कमान संभालने वाले मौलवी तारिक ने कहा कि इस बार कश्मीर में चारों तरफ कमल ही कमल खिल रहा है। गौरतलब है कि हिज्बुल्ला जैसे खूंखार आतंकी संगठन के कभी कमांडर-इन-चीफ रहे मौलवी तारिक 2005 में श्रीनगर नगर निगम के बेमिना वार्ड से नेशनल कांफ्रेंस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और कुछ समय पहले ही भाजपा का हिस्सा बने हैं।
उन्होंने कहा कि इन चुनावों में हमारा सीधा मुकाबला कांग्रेस के प्रत्याशियों से रहा है या फिर नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी द्वारा उतारे गए छद्म उम्मीदवारों से रहा है। हम न सिर्फ श्रीनगर नगर निगम में अधिकांश सीटों पर जीतेंगे बल्कि पहलगाम, देवसर, सीर हमदान, शोपियां, कुलगाम, बडगाम, मागाम, सुंबल, पट्टन, बांडीपोर, सोपोर, हंदवाड़ा और कुपवाड़ा में भी हमें बहुमत प्राप्त होगा।
कश्मीर की सियासत पर नजर रखने वालों का कहना है कि नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी जैसे दलों ने चुनावों में हिस्सा न लेकर भी भाजपा के लिए राह आसान बनाई है। अगर ये दल चुनाव लड़े होते तो भाजपा के लिए मौजूदा परिस्थितियों में जीत मुश्किल होती। 
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