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साइबर ठगों का गढ़ दिल्ली, एक महीने में पकड़ा 10वां फर्जी कॉल सेंटर

रायपुर। झारखंड का जामताड़ा इलाका कभी साइबर फ्रॉड करने वालों का एक बड़ा अड्डा माना जाता था, लेकिन अब झारखंड और बिहार के शातिर ठगों ने दिल्ली को अपना गढ़ बना लिया है। कॉल सेंटर की आड़ में ठगी की दुकान चला रहे साइबर ठग वहीं से बैठकर लोगों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। पिछले एक माह के भीतर दिल्ली, नोएडा में संचालित 10वें फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ रायपुर पुलिस ने किया है।
राजधानी के चार्टर्ड अकाउंटेंट साकेत अग्रवाल को शॉप लॉबी डॉट काम से ऑनलाइन मोबाइल खरीदने पर गिफ्ट में कार, मोबाइल देने का झांसा देकर प्रोसेस फीस के नाम पर 16 लाख 35 हजार रुपये ठगने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह के 12वीं पास मास्टर माइंड तथा उसके पार्टनर को दिल्ली से गिरफ्तार कर पुलिस टीम रायपुर पहुंची।
इनके कॉल सेंटर से 34 मोबाइल, एक लैपटॉप, तीन डेस्कटॉप, सीपीयू, तीन लैंड लाइन फोन, 18 एटीएम कार्ड, 10 चेकबुक, तीन पैनकार्ड, सील और करोड़ों की ठगी का हिसाब-किताब जब्त किया है। हालांकि इनसे नगदी रकम जब्त नहीं की जा सकी।
एडिशनल एसपी क्राइम दौलतराम पोर्ते, डीएसपी क्राइम अभिषेक माहेश्वरी, प्रभारी क्राइम ब्रांच अश्विन राठौर ने रविवार शाम पुलिस कंट्रोल रूम में गिरोह का राजफाश किया। उन्होंने बताया कि मूलतः झारखंड के धनबाद जिले के केलूडीह थाना कत्रासगढ़ निवासी गिरोह के मास्टर माइंड अजहर आलम (32) और उप्र के मथुरा जिले के सुरीर थानाक्षेत्र के खैराकोठी निवासी ऋषि कुमार सिंह (29) को दिल्ली के पॉश इलाका बदरपुर में संचालित हाइटेक कॉल सेंटर में दबिश देकर पकड़ा गया। दोनों पार्टनरशिप में कॉल सेंटर खोलकर ठगी की दुकान चला रहे थे। सेंटर में 10 युवती और पांच युवकों को कॉल करने के लिए रखा गया था।
एक लाख के किराए के भवन में खोली ठगी की दुकान
एक लाख के मासिक किराए के भवन में कॉल सेंटर संचालित कर रहे शातिर ठग हर महीने पांच लाख रुपए खर्च कर देशभर में अब तक पांच सौ से अधिक लोगों से करोड़ों रुपए ठग चुके हैं।
पूछताछ में अजहर आलम ने बताया कि वह दिल्ली में आठ साल तक विभिन्ना काल सेंटरों में काम करने के बाद ऋषि के साथ पार्टनरशिप में डेढ़ साल पहले खुद का काल सेंटर खोलकर ठगी करने लगा। उसने शॉप लॉबी डाट काम नामक ऑनलाइन शॉपिंग साइट बना रखी थी।
लोगों को विश्वास में लेने के लिए पहले उनके ऑर्डर के अनुसार मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की बाकायदा कोरियर के माध्यम से डिलेवरी देते थे, फिर कंपनी की ओर से बंपर लॉटरी लगने का झांसा देकर प्रोसेस फीस के नाम पर लाखों रुपये ठग लेते थे।
मि.इंडिया मार्केटिंग के नाम से बनाया पैनकार्ड
ठग गिरोह ने मिस्टर इंडिया मार्केटिंग के नाम से रजिस्टर्ड कंपनी बनाकर बाकायदा उस नाम से पैनकार्ड भी बनवा रखा था। अलग-अलग नामों से दर्जनभर से अधिक विभिन्ना बैंकों में खाता खुलवाकर ये लोगों को झांसे में लेकर इन्हीं खातों में पैसा जमा करवाते थे। पुलिस ने बैंक खाता व एटीएम कार्ड की पूरी डिटेल बैंक से मांगकर उसे सीज करने को कहा है। ताकि खातों में जमा ठगी के पैसों की जब्ती की जा सके।
केस वन
सितम्बर महीने में दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी की आड़ में ठगी की दुकान चलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के अमित कुमार मिश्रा, विमलेश कुमार, धमेंद्र कुमार, राजकुमार मौर्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
केस टू
सितम्बर महीने में ही लोन दिलाने का झांसा देकर रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के आठ जिलों के सौ से अधिक लोगों से एक करोड़ की ठगी करने वाले चंदन कुमार प्रसाद, अंकित जाटव, प्रभु दयाल सिंह तथा था शक्ति कुमार प्रसाद को नोएडा से गिरफ्तार किया गया था। गिरोह से देशभर के हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ था।
केस थ्री
अक्टूबर महीने में केबीसी नाम पर लाखों की लाटरी लगने का मैसेज वाट्सएप पर भेजकर इंटरनेट कालिंग के माध्यम से देशभर के लोगों को फंसाकर लाटरी की रकम पाने के एवज में लाखों की प्रोसेस फीस ऐंठने वाले न्यू दिल्ली के पालम थाना क्षेत्र के महावीर इंकलेव निवासी राजीव कुमार सिंह और वरुण कुमार देव की गिरफ्तार किया गया।
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