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आफत की बारिश से हिमाचल में यातायात ठप, पंजाब में रेड अलर्ट के बाद सेना सतर्क

नई दिल्ली। पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से उत्तर भारत में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सबसे ज्यादा तबाही पंजाब व हिमाचल प्रदेश में हुई है। पंजाब में बाढ़ के खतरे को देखते हुए सेना को तैयार रहने को कहा गया है। हिमाचल प्रदेश में कई जगहों पर पानी के तेज बहाव में बस और ट्रक तक बहते देखे गए हैं। सड़क, रेल व हवाई यातायात जबर्दस्त रूप प्रभावित हुआ है।
कालका-शिमला रेलमार्ग बाधित होने से सोलन में तीन ट्रेनें रद करनी पड़ीं। यहां सोमवार को भूकंप का हल्का झटका भी लगा। जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के कई क्षेत्रों में अगले आदेश तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। सोमवार को बर्षाजनित हादसों मे जम्मू-कश्मीर में पांच, हिमाचल में छह, हरियाणा में चार व पंजाब में पांच की मौत हो गई। हिमाचल में दस लोगों के बहने की भी सूचना है। उत्तर प्रदेश में भी दो की मौत हो गई है।
पंजाब में रेड अलर्ट
बारिश से बाढ़ के खतरे को देखते हुए पूरे पंजाब में रेड अलर्ट है। मंगलवार को सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूल-कालेजों में छुट्टी की घोषित कर दी गई है। सतलुज, रावी व ब्यास नदियों व बरसाती नालों में लगातार बढ़ रहे पानी से लुधियाना, गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, जालंधर आदि जिलों में बाढ़ का खतरा है।
सरकार ने सेना व एनडीआरएफ को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। भाखड़ा व पौंग डैम में पानी का स्तर अभी नियंत्रण में है। भाखड़ा में 24.51 फीट पानी और स्टोर हो सकता है, लेकिन पौंग डैम में मात्र 4.88 फीट पानी स्टोर हो सकता है। पौंग डैम से अगर पानी छोड़ा जाता है तो निचले क्षेत्रों में बाढ़ आ सकती है। चंडीगढ़ की सुखना झील के गेट जलस्तर बढ़ने के कारण खोलने पड़े हैं।
जलस्तर का सात साल का रिकॉर्ड टूटा
हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से 378 सड़कें बंद हैं। कांगड़ा व भुंतर हवाई अड्डों से कोई उड़ान नहीं हो सकी। कुल्लू में ब्यास नदी के जलस्तर का सात साल का रिकॉर्ड टूट गया है। लोगों को नदी-नालों के नजदीक न जाने की सलाह दी गई है। बारिश के चलते लाहुल-स्पीति जिले के जिंगजिंगबार में 300 व कोकसर में 123 व केलंग में 150 पर्यटक फंसे हुए हैं।
इसके अलावा 42 लामा (बौद्ध भिक्षु) मनाली-लेह मार्ग पर फंसे हैं। आईआईटी मंडी के पांच सहायक प्रोफेसर भी चंद्रताल के पास फंसे हैं। मंडी में चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा ब्यास नदी में डूबने से कुल्लू-मनाली का संपर्क प्रदेश से कट गया है। बर्फबारी के कारण चंबा की पांग घाटी का संपर्क भी प्रदेश से कट गया है।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा बाधित
उत्तराखंड में भारी बारिश से चारधाम यात्रा बाधित हो गई। विभिन्न पड़ावों पर फंसे 1340 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कैलास मानसरोवर यात्रा पूरी कर पिथौरागढ़ के गुंजी पहुंचे आखिरी दो दल में शामिल 49 यात्री तीसरे दिन भी फंसे रहे।
चंडीगढ़-शिमला हाईवे में दरार
कौशल्या डैम में भारी उफान के बीच सोमवार शाम चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग दरक गया। भूमि कटाव के चलते उसका कुछ धंस गया जिससे आवागमन ठप पड़ गया। जाम खुलवाने के लिए अधिकारियों को जेसीबी की मदद से हाईवे पर बना डिवाइडर तुड़वाना पड़ा। मार्ग को एक तरफ से पूरी तरह बंद कर दिया है। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बरसात के चलते कौशल्या डैम का जल स्तर काफी तेजी से बढ़ा है। इसीलिए पानी को थोड़ा-थोड़ा कर छोड़ा जा रहा था।

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