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नक्सली पहाड़ सिंह ने सुधा भारद्वाज सहित इन नामों का किया खुलासा

भिलाई। छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित राज्यों में नक्सलियों को रणनीतिक मदद देने में तीन और शहरी नक्सलियों का नाम सामने आने का दावा पुलिस ने किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस का दावा है कि समर्पण करने वाले 47 लाख के इनामी नक्सली पहाड़ सिंह ने प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश में गिरफ्तार सुधा भारद्वाज को शहरी नेटवर्क के रूप में पहचाने की जानकारी दी है। जिन तीन नए नामों की जानकारी मिली है उसमें दीपक तेलकुम्हड़े व उसकी पत्नी एंजिला तेलकुम्हड़े तथा मंजू शामिल हैं।
आइजी दुर्ग जीपी सिंह ने बताया कि नक्सलियों के विस्तार संगठन एमएमसी(महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़- मध्यप्रदेश) का सक्रिय माओवादी पहाड़ सिंह ने पिछले महीने आत्मसमर्पण किया था। उसने जिन नए नामों की जानकारी दी है, उसमें दीपक तेलकुम्हड़े छत्तीसगढ़ में सक्रिय है।
नक्सली विस्तार जोन एमएमसी का सदस्य होने के नाते वह छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रहता है। उसकी पत्नी एंजिला तेलकुम्हड़े गिरफ्तारी के बाद से पुणे में शिफ्ट हो गई है। वह अभी पुणे में नक्सलियों के नेटवर्क को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। नक्सलियों के सतत संपर्क में रहने वाली मंजू अभी मुंबई में नक्सली संगठन के लिए काम कर रही है। मंजू कहां की रहने वाली है, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। समर्पित नक्सली से लगातार पूछताछ कर माओवादी नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
कुख्यात नक्सली ने ये भी बताया
कुख्यात नक्सली पहाड़ सिंह ने बताया कि पीएम मोदी की हत्या की साजिश में 27 अगस्त को गिरफ्तार छत्तीसगढ़ की सुधा भारद्वाज के अलावा अरुण फरेरा, वरवरा राव, वर्णन गोंजालविस व गौतम नवलखा को वह जानता-पहचानता है और उन्हें शहरी नेटवर्क की मुख्य कड़ी बताया है।
किसे कैसे जानता है पहाड़ सिंह
अरुण फरेरा : सेंट्रल कमेटी सदस्य स्तर का व्यक्ति है। वर्ष 2006 में कोरची में हुए नक्सलियों के अधिवेशन में भी शामिल हुआ था। पहाड़ सिंह इसी अधिवेशन में अरुण से मिला था।
दीपक तेलकुम्हड़े : सेंट्रल कमेटी मेंबर है। छत्तीसगढ़ में नक्सली विस्तार जोन एमएमसी का सदस्य है। नक्सलियों के लिए शहरी नेटवर्क के रूप में काम करता है।
एंजिला तेलकुम्हड़े : एंजिला, दीपक तेलकुम्हड़े की पत्नी है। पूर्व में नक्सलियों से मिलने जंगल में भी जाती थी, लेकिन एक बार पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद जंगल जाना छोड़ दिया। अब शहरी नेटवर्क के रूप में सक्रिय है।
गौतम नवलखा : नक्सली संगठन व पार्टी में होने वाली चर्चाओं के अनुसार नक्सलियों को सपोर्ट करने का काम गौतम नवलखा का है।
सुधा भारद्वाज : नक्सलियों का एक मजबूत शहरी नेटवर्क है। कानूनी मदद के लिए नक्सलियों के परिवार संपर्क करते हैं।
वरवरा राव : यह भी नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के रूप में काम करता है।
वर्णन गोंजालविस : यह नक्सलियों का समर्थन करता है, लेकिन इसकी पहाड़ सिंह से मुलाकात नहीं हुई।
मंजू : मंजू मुंबई में रहती है और नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के लिए काम करती है। छत्तीसगढ़ में कुरखैरा के जंगल में मंजू, पहाड़ सिंह से मिली थी।
बड़ा ऑपरेशन प्लान कर रहे हैं
आइजी दुर्ग रेंज जीपी सिंह ने बताया कि पहाड़ सिंह के आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों से संबंधित काफी अहम जानकारियां मिली हैं। जल्द ही बड़ा ऑपरेशन प्लान किया जाएगा। जो नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, वह सामने आ सकते हैं।
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