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जेटली की सफाई के अपने दावे से मुकरा माल्या, कांग्रेस ने मांगा वित्त मंत्री का इस्तीफा

लंदन/नई दिल्ली। शराब कारोबारी विजय माल्या द्वारा किए गए दावे पर वित्त मंत्री द्वारा सफाई दिए जाने के बाद माल्या ने यूटर्न ले लिया है। उसने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उसकी वित्त मंत्री जेटली से कोई आधिकारिक मुलाकात नहीं हुई थी। वहीं माल्या के लगाए आरोपों को हाथोंहाथ लेते हुए कांग्रेस ने अरुण जेटली पर निशाना साधा है और उनके इस्तीफे की मांग की है।
दरअसल, बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विजय माल्या के उस दावे का खंडन किया था जिसमें उसने कहा था कि वो भारत से भागने से पहले वित्त मंत्री से मिला था। 2016 में माल्या जब भारत से भागा था, उस वक्त अरुण जेटली वित्त मंत्री थे। माल्या के खुलासे के बाद जेटली ने सफाई देते हुए उसके बयान को झूठा बताया और कहा कि 2014 के बाद माल्या से उनकी कभी औपचारिक मुलाकात नहीं हुई।
किसी ने भागने को कहा था?
बुधवार को लंदन की वेस्टमिंस्टर अदालत में पेश होने पहुंचे माल्या से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या उसे देश से भागने के लिए आगाह किया गया था? उसने मंत्री का नाम लिए बगैर कहा, "मैं भारत से रवाना हुआ, क्योंकि मुझे जेनेवा में किसी से मिलना था। रवाना होने से पहले मैं वित्त मंत्री से मिला था और निपटारे (बैंकों के साथ मुद्दे) की पेशकश दोहराई थी। यही सच्चाई थी।"
धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहा 62 वर्षीय माल्या अपने प्रत्यर्पण के एक मामले के सिलसिले में अदालत पहुंचा था। माल्या ने सुनवाई के बीच भोजनावकाश के दौरान कहा, "मैंने पहले भी कहा था कि मैं एक राजनीतिक फुटबॉल हूं। मुझे बलि का बकरा बनाया गया। दोनों ही दल मुझे पसंद नहीं करते। इस बारे में मैं कुछ नहीं कर सकता। मेरी अंतरात्मा साफ है और मैंने लगभग 15,000 करोड़ रुपए की संपत्ति कर्नाटक उच्च न्यायालय की मेज पर रख दी थी।"
संसद परिसर में चलते-चलते बात करने आया : जेटली
माल्या के आरोपों को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सिरे से खारिज कर दिया है। जेटली ने साफ कर दिया है कि 2014 के बाद माल्या को कभी मिलने का समय नहीं दिया।
अपने फेसबुक पोस्ट में जेटली ने कहा, "माल्या का बयान झूठा है। एक दिन जब मैं सदन से अपने कमरे की ओर जा रहा था, तो राज्यसभा सदस्य होने का फायदा उठाते हुए माल्या तेज कदमों से मेरे पास आया और चलते हुए ही कहा कि वह सेटलमेंट का प्रस्ताव कर रहा है। माल्या के पूर्व के झूठ से मैं अवगत था। इसीलिए उसकी बात पूरी होने से पहले ही मैंने कह दिया कि अपने प्रस्ताव के साथ वह बैंक से मिले। वह अपने हाथ में कुछ दस्तावेज लिए हुए था। मैंने वह दस्तावेज भी नहीं लिया। इस एक वाक्य के अलावा दोनों में कोई संवाद नहीं हुआ।" जेटली से मुलाकात के दावे को प्रत्यर्पण से बचने के लिए माल्या के नए दांव के रूप में देखा जा रहा है।
खंडन के बाद ले लिया यूटर्न
जेटली ने जैसे ही मुलाकात का खंडन किया माल्या ने लंदन में अपने बयान से यू टर्न ले लिया। उसने कहा कि "मैंने संसद में उनसे मुलाकात की थी और उन्हें बताया था कि मैं लंदन के लिए निकल रहा हूं। उनके साथ मेरी कोई आधिकारिक मुलाकात नहीं हुई।"
जेटली से इस्तीफा लेकर जांच कराएं : राहुल
माल्या के बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर इसे गंभीर मामला बताते हुए प्रधानमंत्री से जांच कराने की मांग की। उन्होंने मांग की कि जांच होने तक जेटली से इस्तीफा लिया जाए। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकार से पूछा कि आखिर विजय माल्या को किन परिस्थितियों में देश के बाहर जाने दिया गया? माल्या और जेटली की अंतिम मुलाकात में क्या हुआ था?
प्रत्यर्पण पर फैसला 10 दिसंबर को
उधर लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट की जज एम्मा अर्बुथनॉट ने बुधवार को प्रत्यर्पण केस की सुनवाई पूरी करते हुए 10 दिसंबर को फैसले की तारीख तय कर दी। जज एम्मा ने भारत के अधिकारियों की ओर से मुंबई की आर्थर रोड जेल की बैरक में माल्या के लिए की गई तैयारी का वीडियो तीन बार देखा। माल्या ने बैरक के वीडियो पर तंज कसते हुए उसे बहुत ही प्रभावशाली बताया। ज्ञात हो कि माल्या पिछले साल अप्रैल से जमानत पर है।
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