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स्वतंत्रता दिवस: इस कार्यकाल के आखिरी भाषण में GST, ट्रिपल तलाक समेत सभी मुद्दों पर बोले पीएम मोदी, पढ़ें पूरा भाषण

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 15 अगस्त के मौके पर अपने मौजूदा कार्यकाल के आखिरी भाषण में सरकारी की उपलब्धियां गिनाईं और भविष्य का खाका भी खींचा। राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर पहुंचे। ठीक 7.30 बजे तिरंगा फहराया और फिर राष्ट्र को संबोधित किया। मोदी ने ऐलान किया है कि 25 सितंबर को, पंडित दीन दयाल की जयंती पर, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही घोषणा की कि शॉर्ट सर्विस कमिशन में अब महिलाओं की स्थाई रूप से एंट्री मिलेगी। पहले ये लाभ सिर्फ पुरुषों को ही मिलता था।
यह बतौर प्रधानमंत्री उनका पांचवां और संभवतया 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले आखिरी भाषण है। पढ़िए पीएम के भाषण की खास बातें -- अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीए मोदी ने कहा, आप सभी को स्वतंत्रता के इस महान पर्व पर मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। देश इस समय नवनिर्माण के आत्मविश्वास से सराबोर है। जब आज की सुबह हर्ष-उल्लास, श्रद्धा और संकल्प की नई रोशनी लेकर आई है।
- लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश आज नई ऊंचाईयों को पार कर रहा है। आज का सूर्योदय नए उत्साह को लेकर कर आया है। हमारे देश में 12 साल में एक बार नीलकुरिंज का पुष्प उगता है, इस साल ये पुष्प तिरंगे के अशोक चक्र की तरह खिल रहा है।
 PM ने कहा कि आज देश के कई राज्यों की बेटियों ने सात समंदर को पार किया और सभी को तिरंगे से रंग दिया। आज हम आजादी का पर्व उस समय मना रहे हैं, जब आदिवासी बच्चों ने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया है।
- अगले वर्ष बैसाखी पर जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 वर्ष होने जा रहे हैं। मैं इस नरसंहार में शहीद हुए हर देशवासी को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं।
- महान तमिल कवि, दीर्घदृष्टा और आशावादी सुब्रामणियम भारती ने लिखा था कि भारत न सिर्फ एक महान राष्ट्र के रूप में उभरेगा बल्कि दूसरों को भी प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा था- भारत पूरी दुनिया को हर तरह के बंधनों से मुक्ति पाने का रास्ता दिखाएगा।
- जब हौसले बुलंद होते हैं, देश के लिए कुछ करने का इरादा होता है तो बेनामी संपत्ति का कानून भी लागू होता है।
- हम कड़े फैसले लेने का सामर्थ्य रखते हैं क्योंकि देशहित हमारे लिए सर्वोपरी है।
- OROP की मांग दशकों से लंबित थी, हमने फैसला लिया।
- जीएसटी सालों से लंबित था। हर कोई चाहता था कि यह व्यवस्था लागू हो, लेकिन सालों तक अटकाए रखा गया। मेरा फायदा, उसका नुकसान की बातें हुईं। हमने इसे लागू किया। आज हर कोई खुश है। मैं व्यापारी भाइयों का धन्यवाद देना चाहता हूं।
- 2014 से पहले दुनिया की गणमान्य संस्थाएं और अर्थशास्त्री कभी हमारे देश के लिए क्या कहा करते थे, वो भी एक जमाना था कि हिंदुस्तानी की इकॉनोमी बड़ी रिस्क से भरी है वही लोग आज हमारे रिफॉर्म की तारीफ कर रहे हैं। आज दुनिया कह रही है कि सोया हुआ हाथी अब जग चुका है और दौड़ने के लिए तैयार है।

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