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नौकरी गई तो न लें टेंशन, सरकार ला रही है 'विश्वकर्मा अकाउंट' जिससे चलेगा घर खर्च

नई दिल्ली। निजी क्षेत्र में नौकरी करने वालों पर हमेशा नौकरी जाने का खतरा बना रहता है। नौकरी छूट जाने पर घर का खर्च कैसे चलेगा, बच्चों की फीस कैसे भरेंगे, घर की ईएमआई का क्या होगा, जैसे सवाल सामने खड़े हो जाते हैं। लोगों की इसी चिंता को दूर करने के लिए मोदी सरकार जल्द ऐसी स्कीम लाने जा रही है। जिसके तहत पचास करोड़ लोगों का सरकार 'विश्वकर्मा खाता' खुलवाएगी।
केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने पिछले हफ्ते लोकसभा में कहा था कि सरकार ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को पीएफ पेंशन सहित दूसरी सुविधाएं मुहैया कराने का प्‍लान तैयार कर लिया है। इसका मतलब साफ है कि अगर किसी की नौकरी चली जाती है तो परिवार का खर्च चलाने की चिंता नहीं करनी होगी। विश्‍वकर्मा खाता आपके परिवार का खर्च चलाएगा।
ऐसा काम आएगा विश्वकर्मा अकाउंट
विश्वकर्मा अकाउंट एक ऐसा अकाउंट होगा, जिसके तहत अगर किसी की नौकरी चली जाती है तो परिवार का खर्च चलाने के लिए इस खाते से मदद ली जा सकेगी। यह एक सामाजिक सुरक्षा खाता होगा, जिसमें कर्मचारी को पीएफ पेंशन और ग्रुप मेडिकल इन्‍श्‍योरेंस के अलावा इसमें बेरोजगारी फायदे मिलेंगे।
ऐसे लोग खुलवा सकेंगे विश्‍वकर्मा अकाउंट
विश्‍वकर्मा अकाउंट स्‍कीम के तहत ये कंपनी की जिम्मेदारी होगी कि वो अपने कर्मचारी का विश्वकर्मा खाता खुलवाए। मोदी सरकार देश में 50 करोड़ विश्वकर्मा खाता खोलने जा रही है। इस स्कीम में यह सुविधा भी होगी कि अगर कोई कंपनी या संस्‍थान कर्मचारी का खाता तय अवधि में नहीं खुलवाते हैं तो कर्मचारी खुद से अपना खाता खुलवा सकेगा। इसके अलावा अगर कोई बिजनेस करता है तो वो भी अपना खाता खुद खुलवा सकता है। इतना ही नहीं ये खाता हस्तांतरणीय होगा, यानी अगर आपका ट्रांसफर होता है तो आपका विश्‍वकर्मा अकाउंट भी ट्रांसफर हो जाएगा।
ये खाता निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सुरक्षा देगा। अगर किसी की नौकरी चली जाती है तो विश्‍वकर्मा खाता सुनिश्चित करेगा कि उस कर्मचारी को बेरोजगारी से जुड़े तमाम सुविधाएं मिले। वो उस कर्मचारी को एक निश्चित तय समय तक पूर्व निर्धारित राशि देगा। जिससे वो अपने परिवार को जरूरी खर्च चला सकेगा। आपको बता दें कि ये यह राशि कितनी होगी यह उस व्‍यक्ति की सैलरी पर निर्भर करेगा।
कर्मचारियों को अलग-अलग वर्गों में बांटा जाएगा
इसके तहत कर्मचारी को अलग अलग वर्गों में बांटा जाएगा। इसमें से जो कमजोर सामाजिक, आर्थिक आधार वाले कर्मचारी होंगे, उनको अपने विश्‍वकर्मा खाते में कोई अंशदान नहीं करना होगा। उनको पीएफ, पेशन सहित दूसरे सामाजिक सुरक्षा से जुड़े फायदे के लिए पूरा अंशदान सरकार करेगी। वहीं जिसकी आर्थिक स्थिति ठीक होगी, वो विश्वकर्मा अकाउंट में अंशदान करेंगे। उन्हें फायदा लेने के लिए विश्वकर्मा खाते में अंशदान करना होगा।
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