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केरल के राहत शिविरों में महामारी का खतरा

नई दिल्ली। सदी की सबसे भीषण बाढ़ और मूसलाधार बारिश से बेहाल केरल में तकरीबन 6.33 लाख लोगों को राज्य के तीन हजार राहत शिविरों में रखा गया है। लेकिन अब इन शिविरों में महामारी फैलने के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने यहां 3,757 चिकित्सा शिविर भी स्थापित किए हैं। अगले पांच दिनों में केरल में तेज बारिश नहीं होगी। इससे बाढ़ के हालात कुछ सुधरने की उम्मीद है। लेकिन इससे महामारी फैलने की शुरुआत हो सकती है।
ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि अब तक किसी महामारी के फैलने की खबर नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दावा किया है कि एक बार नदियों का जलस्तर घटना शुरू होगा तो महामारियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। वातावरण ऐसी बीमारियों के लिए तब अनुकूल होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से प्रतिदिन ऐसी महामारी होने की शुरुआती जांच करने को कहा गया है। केंद्र ने 90 प्रकार की दवाइयों की पहली खेप भी केरल भेज दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा से भी बात की है और वह लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिकरण (एनडीएमए) के अनुसार केंद्र सरकार ने बाढ़ में मारे गए लोगों के परिवार को दो लाख रुपये की सहायता और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। यह मुआवजा राशि प्रधानमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। एनडीएमए के मुताबिक केरल के 2,971 राहत शिविरों में फिलहाल 6,33,010 लोग शरण लिए हुए हैं। विभिन्न एजेंसियों ने अब तक 38 हजार लोगों को बाढ़ से बचाया है। रविवार को केरल में लाल रंग का कोई चेतावनी कोड जारी नहीं किया गया है।
एनडीएमए के अनुसार अब तक 129 मीट्रिक टन चावल, 30 मीट्रिक टन मिल्क पाउडर केरल के लिए रवाना कर दिया गया है। तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन ने प्रभावित इलाकों में आवश्यक दवाइयां भेज दी हैं। सिविल सोसाइटी और गैर सरकारी संगठनों में भी 150 ट्रकों में राहत सामग्री भेजी है। पंजाब के जालंघर और पटियाला से 100 टन खाद्य सामग्री जैसे बिस्कुट, रस्क और पेयजल भेजा गया है। बाढ़ के चलते पिछले दस दिनों में राज्य में 370 लोग मारे जा चुके हैं।
रेलवे ने देश के सरकारी व निजी संगठनों को राहत सामग्री केरल तक मुफ्त पहुंचाने की व्यवस्था की है। केरल के सभी स्टेशनों तक भेजी जाने वाली राहत सामग्री का कोई मालभाड़ा नहीं लिया जाएगा। रविवार को मुंबई से तटरक्षक बल का जहाज "संकल्प" राहत सामग्री लेकर केरल रवाना हुआ। यह सामग्री महाराष्ट्र के विभिन्न संगठनों व राज्य सरकार ने भेजी है। केरल जाने-आने के लिए विमान किराए में भी कटौती की जाएगी।
परिणय सूत्र में बंधे अंजू-सैजू
मलप्पुरम जिले के एमएसपी स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में रह रही अंजू व सैजू ने त्रिपुंथारा मंदिर में शादी कर ली। इस मौके पर उनके परिजन व राहत शिविर में रह रहे लोग मौजूद थे। उनके एक परिजन ने बताया कि हमारा घर तीन-चौथाई पानी में डूबा हुआ है। पहले हमने शादी स्थगित करने का सोचा, लेकिन राहत शिविर के लोगों की मदद से विवाह संपन्न करा दिया। मंदिर के ट्रस्ट्री ने शानदार खाना खिलाया। ऐसी ही शादियां निलांबुर व थिरनवाया कैंपों में भी हुईं।
पोप की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता की अपील
वेटिकन सिटी से पोप फ्रांसिस ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए ठोस सहायता देने की अपील की है। सेंट पीटर्स स्क्वायर में बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रार्थना करते हुए उन्होंने इसे विकटतम आपदा बताया।
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