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केरल बाढ़: सभी जिलों से मौसम विभाग ने वापस लिया रेड अलर्ट

तिरुअनंतपुरम। केरल में बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने राज्य में अभी तक का सबसे बड़ा बचाव अभियान शुरू कर दिया है। इस बीच केरल के लिए राहत की खबर सामने आ रही है। मौसम विभाग ने केरल के सभी जिलों से रेड अलर्ट वापस ले लिया है। लेकिन दस जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं दो जिलों को येलो अलर्ट की जद में रखा गया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में राहत और बचाव कार्य चल रहा है। जैसे-जैसे पानी उतर रहा है, वैसे-वैसे बाढ़ के कहर की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
पलक्कड़ जिले में नेम्मारा के पास आरएएफ की टीम को भूस्खलन की जगह से एक लाश बरामद हुई है। कोयंबटूर यूनिट के डिप्टी कमांडेंट ने बताया कि, हमने इस इलाके से अब तक दस लाशें निकाल चुके हैं। इस इलाके में अभी भी रूक-रूककर भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में लाशें निकालने में काम में काफी परेशानी हो रही है।
इस बीच कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन( KSRTC) ने केरल के एर्नाकुलम, कोट्टायम, थ्रिसूर, पालघाट, कन्नूर और त्रिवेंद्रम के लिए बस सेवाएं शुरू कर दी हैं। बैंगलुरू से त्रिवेंद्रम के बीच पहली बस सेवा आज सुबह चार बजे शुरू हुई। हालांकि कसारागोड के लिए फिलहाल बस सेवा शुरू नहीं हुई है।
वहीं एनडीआरएफ बचाव अभियान चला रही है। अब तक दस हजार लोगों को निकाला गया है। शनिवार को 22 लोगों की मौत के बाद आठ अगस्त से शुरू प्रलयंकारी बारिश से अब तक 350 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 36 लोग लापता बताए गए हैं। आफत की इस घड़ी में केरल आईएएस एसोसिएशन ने अपनी एक दिन की सैलरी राहत कोष में जमा कराने का फैसला किया है।
साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों ने करीब दो हजार राहत शिविरों में शरण ले रखी है। राज्य के 14 में से 11 जिलों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात से निपटने के लिए राज्य को तत्काल 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। यह राशि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा घोषित 100 करोड़ रुपये की मदद के अतिरिक्त होगी।
राज्य के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने कोच्चि में एक उच्च स्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा की और बाढ़ग्रस्त कुछ इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की है।
प्रधानमंत्री ने हिम्मत के साथ संकट का सामना कर रहे केरल के लोगों की सराहना की है। राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बताया है कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 19,512 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है,लेकिन नुकसान का असली आंकड़ा प्रभावित इलाकों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद ही मालूम हो सकेगा। राज्य सरकार ने 2000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है।
विजयन ने प्रधानमंत्री को बताया कि मई से राज्य में बारिश-बाढ़ से अब तक 357 लोग मारे जा चुके हैं। करीब 3.53 लाख लोगों को 2000 से ज्यादा राहत शिविरों में ठहराया गया है।
मालूम हो कि 1924 के बाद केरल पहली बार इस तरह के जल प्रलय का सामना कर रहा है।
सोमवार से कोच्चि नौसेना अड्डे पर उतर सकेंगे विमान
केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि कोचीन नौसेना अड्डे पर सोमवार से व्यावसायिक विमानों का संचालन हो सकेगा। पानी भर जाने के बाद देश के सात व्यस्त हवाई अड्डों में से एक कोचीन हवाई अड्डा 14 अगस्त से बंद है। केंद्र ने राहत एवं बचाव में पांच और हेलीकॉप्टर भेजने का फैसला लिया है।
लोग कर रहे हैं मदद की अपील प्रभावित इलाकों में लोग घरों की छतों और अन्य स्थानों पर फंसे हैं। वे खाना और पेयजल की किल्लत झेल रहे हैं।
फंसे हुए लोगों के रिश्तेदार और दोस्त मीडिया संस्थानों में फोन कर मदद की गुहार लगा रहे हैं। चेंगान्नूर में कैंप कर रहे राज्य के खाद्य मंत्री पी. थिलोथमन ने मीडिया से कहा कि लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की जरूरत है।
मदद के लिए बढ़े हाथ
बाढ़ व भारी बारिश की प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे केरल के लिए मदद के हाथ आगे बढ़े हैं।
तेलंगाना : 25 करोड़ रुपये
महाराष्ट्र : 20 करोड़ रुपये।
उत्तर प्रदेश : 15 करोड़ रुपये।
बिहार : 10 करोड़ रुपये।
दिल्ली : 10 करोड़ रुपये।
गुजरात : 10 करोड़ रुपये।
हरियाणा : 10 करोड़ रुपये।
आंध्र प्रदेश : 10 करोड़ रुपये।
तमिलनाडु : 10 करोड़ रुपये।
मध्य प्रदेश : 10 करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़ : 10 करोड़ रुपये।
झारखंड : पांच करोड़ रुपये।
एसबीआइ : दो करोड़ रुपये।
अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल : एक करोड़ रुपये।
केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय : 100 टन खाने के पैकेट।
तेलंगाना : 100 टन खाद्य सामग्री।
मध्य प्रदेश : नौ लाख लीटर पेयजल।
केरल 'जल प्रलय' में सेना ने झोंकी ताकत
केरल में आई बाढ़ से मचे हाहाकार के बीच सेना के तीनों अंगों ने अपनी पूरी ताकत राहत और बचाव कार्य में झोंक दी है। केरल में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) सहित सभी एजेंसियों ने अतिरिक्त संसाधनों को जुटाने का फैसला किया है।
सेना और एनडीआरएफ की टीमों के करीब 1300 जवान राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। युद्धस्तर पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में नौसेना की 46, वायुसेना की 13, थलसेना की 18 टीमों के साथ ही एनडीआरएफ 58 टीमें दिन-रात लोगों को बचाने में जुटी हैं। अब तक टीमों ने करीब 82,442 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है।
इनमें 71,000 से ज्यादा लोग बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित एर्नाकुलम क्षेत्र से हैं। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए नौसेना ने अभूतपूर्व बचाव अभियान चलाया है।
अब तक 3,000 से ज्यादा नौसैनिक तैनात किए गए हैं। लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना ने 23 हेलीकॉप्टर, 11 विमान तैनात किए हैं।
थल सेना ने 10 टुकड़ियों, 10 इंजीनियरिंग टास्क फोर्स, 60 नौकाओं और 100 लाइफ जैकेट के साथ ही एनडीआरएफ ने 58 टीमों और 163 नौकाओं को काम पर लगाया है।
बता दें कि स्थिति की समीक्षा के लिए एनसीएमसी की रविवार को फिर बैठक होगी। गौरतलब है कि राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) लगातार केरल में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर रही है।
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