Home » » रक्षाबंधन के दिन यहां एक-दूसरे पर फेंके जाते हैं पत्थर

रक्षाबंधन के दिन यहां एक-दूसरे पर फेंके जाते हैं पत्थर

देहरादून। उत्तराखंड के चंपावत में रक्षाबंधन का त्योहार अलग ही ढंग से मनाया जाता है। देवताओं को प्रसन्न करने के लिए युगों पुरानी परंपरा आज भी इस डिजिटल युग में अपनाई जाती है। इस त्योहार के दिन लोग एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं। इस परंपरा को 'बग्वाल' कहा जाता है जिसका अर्थ है लड़ाई। सदियों से चल रहे इस अनोखे युद्ध की एक अलग खासियत और रोमांच है। इस साल इस अनूठे खेल में 60 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस खेल में शामिल होने वाले लोग अलग-अलग गुटों में बंट जाते हैं और एक-दूसरे पर जमकर पत्थरबाजी करते हैं। पत्थरबाजी करने के बाद सभी गुट के लोग गले मिलकर खुशियां मनाते हैं।
चंपावत के बग्वाल मेला के लोकप्रिय मां बाराही धाम देवीधूरा में हर साल यह युद्ध आयोजित होता है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में लोग आते हैं। इस खेल के दौरान कोई भी किसी को निशाना बनाकर पत्थर नहीं फेंकता है। उनका उद्देश्य एक खेमे से दूसरे खेमे में पत्थर पहुंचाना होता है। लेकिन, हर साल इस खेल में दर्जनों लोग घायल होते हैं। घायल होने के बावजूद खेल खेलने के लिए और देखने वालों में इसको लेकर जबरदस्त उत्साह रहता है।
माना जाता है कि नर बलि की परम्परा के अवशेष के रुप में ही बग्वाल मेला का आयोजन होता है। इस बार भी फल-फूलों के साथ पत्थरों की मार आठ मिनट चली। बग्वाल शुरू होने से पहले झमाझम बारिश में चारों खामों (बिरादरी) के रणबांकुरों ने सात मिनट 57 सेकेंड तक फूल, फल से युद्ध किया। आखिरी दो मिनट में पत्थर भी बरसे। इस अनूठे नजारे को 20 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा।
दोपहर करीब डेढ़ बजे से योद्धा खोलीखांड़ दुबाचौड़ मैदान में जुटना शुरू हो गए थे। सबसे पहले गुलाबी पगड़ी में चम्याल खाम के गंगा सिंह चम्याल के नेतृत्व में उनका दल मैदान में पहुंचे। इसके बाद लाल पगड़ी में गहड़वाल खाम के त्रिलोक सिंह, केसरिया पगड़ी में लमगडिय़ा खाम के वीरेंद्र सिंह व सफेद पगड़ी में वालिक खाम के चेतन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में योद्धा मैदान पर पहुंचे। सभी ने मंदिर व मैदान की परिक्रमा की।
Share This News :
 
Site Link : Contact Us | sitemap
Copyright © 2013. khabrokakhulasa.com | Latest News in Hindi,Hindi News,News in Hindi - All Rights Reserved
Template Modify by Unreachable
Proudly powered by Blogger