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कई राज्यों में बिजली संकट का खतरा, यह है कारण

जयनगर (कोडरमा)। कोयला संकट के कारण तेनुघाट से बिजली उत्पादन ठप होने के बाद झारखंड के गौरव 1000 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता वाले कोडरमा थर्मल पावर प्लांट (केटीपीएस) में उत्पादन अगले दो तीन दिनों में बंद होने की आशंका बढ़ गई है। प्रमुख कारण है कोयले की किल्लत। केटीपीएस से बिजली उत्पादन ठप होने से कई राज्यों पर असर पड़ेगा।
कोयले की किल्लत के कारण फिलहाल 1000 मेगावाट बिजली उत्पादन वाली इकाई से 700 मेगावाट ही बिजली उत्पादन की जा रही है। केरल, पंजाब, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, बिहार, हरियाणा सहित कई राज्यों में पावर ग्रिड से बिजली सप्लाई की जाती है। अगर कोयला की समस्या बरकरार रही तो बिजली की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
कोडरमा थर्मल पावर प्लांट के मुख्य अभियंता सह परियोजना प्रमुख महेशचंद्र मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि प्लांट को फुल लोड चलाने के लिए प्रतिदिन एक रैक यानी 13 हजार 500 मीट्रिक टन कोयले की आवश्यकता पड़ती है। परंतु फिलहाल कोयले की आपूर्ति कम हो गई है। कभी दो, कभी तीन तो कभी एक भी रैक कोयला का आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिसके कारण प्लांट का उत्पादन प्रभावित हुआ है।
अगर यही हाल रहा तो अगले दो तीन दिन में प्लांट से उत्पादन बंद हो जाएगा और झारखंड समेत कई राज्यों में घोर बिजली संकट हो जाएगा। मिश्रा ने बताया कि फिलहाल प्लांट में पड़ी कोयले के पिछले स्टॉक से प्लांट में किसी तरह उत्पादन किया जा रहा है।
मुख्य अभियंता ने कहा कि विगत कई महीनों से प्लांट मुनाफे में चल रहा था, परंतु कोयले की कमी के कारण उत्पादन ही कम कर देना पड़ा है। अगर कोयले की समस्या शीघ्र दूर नहीं हुई तो अगले दो तीन दिन में प्लांट से उत्पादन बंद करने पर बाध्य होना पड़ेगा।
हालांकि उन्होंने कहा कि डीवीसी के अधिकारी लगातार कोल इंडिया और रेलवे से संपर्क में हैं परंतु उनकी ओर से कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि कोडरमा थर्मल पावर केंद्र से पावर ग्रिड की बिजली आपूर्ति होती है।
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