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लोन वसूली नागरिक समस्या लेकिन मुझे लोन डिफाल्टर का पोस्टर बॉय बना दिया माल्या

नई दिल्ली। हजारों करोड़ का लोन लेकर देश से भाग चुके विजय माल्या ने लोन डिफल्ट मामले में पत्र लिखा है। माल्या ने जहां अपने इस पत्र में बैंकों का बकाया चुकाने की बात कही है वहीं खुद को लेकर हो रही बयानबाजी पर भी दुख जताया है। माल्या ने अपने पत्र में लिखा है कि लोन रिकवरी एक नागरिक समस्या है लेकिन मुझे लोन डिफॉल्टर का पोस्टर बॉय बना दिया है।
माल्या ने कहा है कि वह सरकारी बैंकों के साथ हर तरह के समझौते करने के प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सरकारी बैंकों के ज्यादातर आरोप ब्याज के खाते को लेकर है।
माल्या ने कहा कि उन्होंने 22 जून को कर्नाटक हाई कोर्ट के समक्ष 139 अरब रुपये की संपत्ति को बेचने के लिए आवेदन दिया है। कोर्ट से माल्या ने अनुरोध किया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको सहित पुनर्भुगतान के लिए उन्हें न्यायिक पर्यवेक्षण के तहत इन संपत्तियों को बेचने की अनुमति दी जाए।
माल्या ने कहा कि ऋण की वसूली एक नागरिक समस्या का मामला है लेकिन मेरे केस में इसमें मुझे दोषी ठहरा दिया गया है। माल्या ने आगे कहा कि सरकार और उनके आपराधिक एजेंसिंयों के द्वारा बार-बार मुझे टार्गेट किए जाने से मैं तंग आ गया हूं।
इसी महीने माल्या के खिलाफ दूसरा आरोपपत्र
इसके पहले माल्या और उसकी दो कंपनियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नया आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। मनी लांड्रिंग और राष्ट्रीय बैंकों के समूह को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने के मामले में यह आरोपपत्र दाखिल किया गया है। माल्या ने यह कर्ज 2005-10 के दौरान राष्ट्रीय बैंकों के समूह से लिया था। कर्ज का भुगतान नहीं करने पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। ईडी ने पाया कि ऋण के हेर-फेर के लिए इन फर्जी कंपनियों के समूह का इस्तेमाल किया गया।
उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय ने माल्या के खिलाफ पहला आरोपपत्र पिछले साल दाखिल किया था। आइडीबीआइ बैंक से किंगफिशर एयरलाइन के लिए 900 करोड़ के कर्ज में हेराफेरी के सिलसिले में वह आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
मई में ब्रिटिश हाई कोर्ट ने माल्या पर लगाया जुर्माना
ब्रिटिश हाई कोर्ट ने भारत के भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को भारतीय बैंकों को दो लाख पाउंड (करीब 1.82 करोड़ रुपये) देने का आदेश दिया है। माल्या इन दिनों ब्रिटेन में रह रहा है। वह वहीं से भारतीय एजेंसियों से कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। माल्या पर आरोप है कि वह 13 भारतीय बैंकों के नौ हजार करोड़ रुपये लेकर भारत से फरार हुआ है।
मई में हाई कोर्ट जज एंड्र्यू हेनशॉ ने माल्या की अन्य देशों में मौजूद संपत्तियों को जब्त करने का आदेश देने से इन्कार कर दिया था। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले 13 भारतीय बैंकों के कंसोर्टियम ने इस जब्ती के जरिये कर्ज दी गई अपनी रकम की वसूली का रास्ता सुझाया था। लेकिन हाई कोर्ट ने इस सुझाव को नहीं माना। इसके बाद एक अन्य आदेश में हाई कोर्ट ने माल्या को कानूनी लड़ाई के हर्जाने के तौर पर दो लाख पाउंड भारतीय बैंकों को देने के लिए कहा है।
भारत कर चुका है ब्रिटेन से मदद का अनुरोध
पिछले महीने मई में ही भारत ने ब्रिटेन के सामने शराब कारोबारी विजय माल्या के शीघ्र प्रत्यर्पण की मांग रखी थी। भारत और ब्रिटेन के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के दौरान इस मामले पर भी चर्चा की गई थी। ब्रिटेन से कहा गया कि वह भारत विरोधी गतिविधियों के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने दे।
भारत और ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के अधिकारियों के बीच करीब ढाई घंटे वार्ता चली थी। बैठक से संबंधित एक भारतीय अधिकारी के अनुसार, 'हमने ब्रिटिश अधिकारियों से अपने यहां वांछित लोगों के प्रत्यर्पण में मदद का आग्रह किया है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। हर कोई जानता है कि हमारी त्वरित कार्रवाई के चलते माल्या को ब्रिटेन के कोर्ट में जाना पड़ा।
माल्या की संपत्ति कुर्क का आदेश
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इसी साल मार्च में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मनी लांड्रिंग के एक मामले में भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। विजय माल्या के ब्रिटेन भाग जाने के बाद से ही कोर्ट उसे नोटिस जारी कर रहा है। जिसका बाद बड़ा कदम उठाते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने वसूली के लिए बड़ा आदेश दिया। इससे पहले कोर्ट ने माल्या के खिलाफ नोटिस जारी किया था, लेकिन कई नोटिस के बाद भी वह पेश नहीं हुआ।
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