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जिन्ना प्रकरण : AMU बनी छावनी, पूरे जिले की इंटरनेट सेवा ठप

अलीगढ़। एएमयू पर आज सबकी नजर हैं। हिंदूवादी संगठनों के लोग एएमयू के यूनियन हाल में लगी पाकिस्तान संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर उतारने जाएंगे। प्रशासन ने एएमयू के आसपास किसी को भी न फटकने देने के इंतजाम किए हैं। चारों ओर पुलिस तैनात की गई है। सुबह से ही अधिकारी एएमयू क्षेत्र का जायजा ले रहे हैं। हर पल की खबर लखनऊ मुख्यालय को दी जा रही है।
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं एएमयू के गेट तक पहुंचने वाले छात्र नेता अमित गोस्वामी व सौरभ चौधरी ने ऐलान किया है कि शुक्रवार को वह एसवी, डीएस समेत अन्य कॉलेजों की छात्र-छात्राओं के साथ एएमयू के लिए कूच करेंगे। इंतजामिया को जिन्ना की तस्वीर हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसकी सीमा खत्म हो गई है।
एएमयू में भी धरना दिया जा रहा है। एएमयू छात्र एएमयू गेट पर हंगामा करने वाले हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बिगड़ते हालातों को देखते हुए गैर जिलों से भी फोर्स मंगाया गया है। तनाव के चलते समूचे क्षेत्र में दहशत है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के यूनियन हाल में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर उपजे विवाद से तनाव बना हुआ है। एएमयू के गेट पर छात्र धरना दे रहे हैं, वहीं एसडी कॉलेज से हिंदूवादी छात्र जुलूस के रूप में एएमयू जाने की तैयारी कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए समर्थन व विरोध में मैसेज, फोटो व वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। इसके चलते प्रशासन ने चार मई (शुक्रवार) की दोपहर दो बजे से पांच मई (शनिवार) तक जिले में इंटरनेट सेवा बंद करने रखने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में डीएम चन्द्रभूषण सिंह ने आदेश जारी किए हैं। वहीं, एएमयू और एसडी कॉलेज में पुलिस की कड़ी सुरक्षा की गई है। हिंदू वादी नेताओं को वहां जाने से रोका जा रहा है। एएमयू में लगी जिन्ना की तस्वीर का विरोध पिछले चार दिनों से हो रहा है। यह विवाद भाजपा सांसद व एएमयू कोर्ट मेंबर सतीश गौतम के सोमवार को एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र लिखने से शुरू हुआ। सांसद ने पूछा था कि किन कारणों से जिन्ना की तस्वीर लगी है और कहां-कहां? जिन्ना भारत व पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे।
आज भी पाकिस्तान गैरजरूरी हरकतें कर रहा है। ऐसे में जिन्ना की तस्वीर एएमयू में लगाना कितना तार्किक है? दरअसल, एएमयू के यूनियन हॉल में जिन्ना समेत 30 हस्तियों की तस्वीर लगी है। जिन्ना 1938 में एएमयू आए थे। तभी उन्हें यूनियन की सदस्यता दी गई थी। एएमयू गठन (1920) के साथ ही पहले मानद सदस्य महात्मा गांधी थे।
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