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AMU में जिन्ना की तस्वीर पर बवाल, पथराव-फायरिंग के बाद हिंदू वाहिनी ने दी चेतावनी

लखनऊ। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के यूनियन हाल में पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की लगी तस्वीर को लेकर बुधवार को बवाल हो गया। एएमयू छात्र संघ की ओर से पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को आजीवन सदस्यता देने व उनके लेक्चर का कार्यक्रम तक रद्द करना पड़ा। देरशाम अंसारी दिल्ली लौट गए। छात्र संघ ने देर रात आपात जनरल बॉडी मीटिंग बुलाई, ताकि मौजूदा हालात पर रणनीति तय की जा सके।
48 घंटे में तस्वीर हटाने का अल्टीमेटम 
हिदू युवा वाहिनी के महानगर उपाध्यक्ष आदित्य पंडित ने चेताया है कि अगर एएमयू 48 घंटे के भीतर जिन्ना की तस्वीर नहीं उतरवाता तो वह वाहिनी कार्यकर्ताओं के साथ जाकर तस्वीर उतारेंगे। यह चेतावनी इस मामले में अहम है, क्योंकि वाहिनी के संरक्षक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही हैं। वहीं, वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश राय ने कहा कि आदित्य पंडित को एक साल पहले ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है।
तस्वीर उतारने वाले को 51 हजार का इनाम 
इस बीच आरएसएस से जुड़े व मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद आमिर रशीद ने कहा है कि एएमयू से जिन्ना की तस्वीर जो भी उतार कर लाएगा, उसे 51 हजार रुपये दिए जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान झड़प में कई घायल
इसके पहले, एएमयू सर्किल पर जिन्ना का पुतला फूंकने पहुंचे हिंदू जागरण मंच के दर्जनभर कार्यकर्ताओं से बुल (यूनिवर्सिटी सुरक्षाकर्मी) से झड़प हो गई। हिंदूवादी युवक पहली बार एएमयू के बाबे-सैयद (मुख्य द्वार) तक नारेबाजी करते पहुंचे और एक बुल को भी पीट दिया। विरोध में सैकड़ों एएमयू छात्र रिपोर्ट लिखाने थाने चल पड़े।
पुलिस ने रोका तो उससे अभद्रता की। एक युवक ने एसपी क्राइम आशुतोष त्रिवेदी के सामने ही हवाई फायर कर दिया तो पुलिस ने लाठियां भांजीं। आंसू गैस छोड़ी। छात्रों ने पथराव किया। इसमें एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, एसडीएम कोल पंकज वर्मा, सीओ संजीव दीक्षित, सीओ पंकज श्रीवास्तव, दो इंस्पेक्टर समेत नौ पुलिसकर्मी भी घायल हैं।
छात्र संघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, सचिव मोहम्मद फहद, पूर्व उपाध्यक्ष माजिन जैदी समेत 15 से अधिक छात्र घायल हैं। दो कंपनी आरएएफ, दो कंपनी पीएसी और 12 थानों की पुलिस मुस्तैद है। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने शासन को प्रकरण की रिपोर्ट भेज दी है।
पुलिस के सामने ही धक्का-मुक्की
बवाल दोपहर डेढ़ बजे से तब शुरू हुआ, जब एएमयू सर्किल के फैज गेट के पास हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता जिन्ना का पुतला फूंकने पहुंचे। बुल व प्रॉक्टोरियल टीम के रोकने पर पुलिस के आगे ही धक्का-मुक्की हुई। पुलिस इन्हें सिविल लाइंस थाने ले आई। कुछ देर बाद करीब तीन दर्जन मंच नेता व कार्यकर्ता जिन्ना व एएमयू मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए बाबे-सैयद तक पहुंच गए। इनके पीछे जीप में पुलिस भी थी। यह देखकर एएमयू छात्र व बुल डंडे लेकर दौड़ पड़े। पुलिस ने बमुश्किल टकराव टाला।
यूनियन अध्यक्ष ने मंच नेताओं व संग दिखे पुलिसकर्मियों पर एफआईआर की मांग की। एडीएम सिटी सीबी सिंह व एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव रिपोर्ट लिखने को राजी थे, पर देरी देखकर छात्र थाने की ओर चल दिए। लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। यूनियन अध्यक्ष का आरोप है कि हिंदूवादी नेता एएमयू के गेस्ट हाउस नंबर तीन पर ठहरे पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी को निशाना बनाना चाहते थे। इनकी गिरफ्तारी हो।
दो तरफ से दी गई तहरीर
वहीं, मंच के महानगर अध्यक्ष सोनू सविता ने बुल व एएमयू छात्र संघ पदाधिकारियों पर जानलेवा हमले व 3200 रुपये लूटने की तहरीर दी है। एएमयू के सिक्योरिटी इंचार्ज बीके गौतम, राशिद मुस्तफा व जावेदुर्रहमान ने संयुक्त रूप से और बुल सलमान ने भी तहरीर दी हैं। एसएसपी अजय कुमार साहनी ने कहा कि दोनों ओर से मिली पर रिपोर्ट लिखी जा रही है। पुलिस भी एक मुकदमा लिखाएगी। वीडियो फुटेज के जरिये साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मामले से राज्य और केंद्र सरकार को कराया अवगत
एएमयू ने हिंदूवादी संगठनों की ओर से विश्वविद्यालय सीमा के उल्लंघन, आपत्तिजनक नारे लगाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। जिला प्रशासन से आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एएमयू की ओर से जारी बयान के मुताबिक कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने परिसर की स्थिति के बारे में राज्य और केंद्र सरकार को अवगत करा दिया है। एएमयू टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) ने केंद्र सरकार से पूरे प्रकरण की समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग की है।
ऐसे उपजा जिन्ना विवाद
जिन्ना का विवाद भाजपा सांसद व एएमयू कोर्ट मेंबर सतीश गौतम के सोमवार को एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र लिखने से शुरू हुआ। सांसद ने पूछा था कि किन कारणों से जिन्ना की तस्वीर लगी है और कहां-कहां? जिन्ना भारत व पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे। सांसद ने कहा कि जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर एएमयू छात्रों का विरोध समझ से परे है।
राजनीतिक लोग हैं, उन्हें राजनीति करने दो। मैंने 10 साल में कोई राजनीति नहीं की। -हामिद अंसारी, पूर्व उपराष्ट्रपति (एएमयू में जिन्ना की तस्वीर के सवाल पर)
जिन्ना की तस्वीर आजादी के पहले से एएमयू में लगी हुई है। इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मेरे विचार से विरोध गलत है। 
-सलमा अंसारी, पूर्व उपराष्ट्रपति की पत्नी
विभाजन के जिम्मेदार जिन्ना देशद्रोही : इंद्रेश
एएमयू में जिन्ना की तस्वीर को लेकर मचे बवाल के बीच बुधवार को आरएसएस के कार्यकारिणी सदस्य और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संस्थापक इंद्रेश कुमार ने भारत विभाजन के लिए जिन्ना को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें देशद्रोही करार दिया। इंद्रेश ने कहा कि भगत सिंह देशभक्त थे और उनसे जिन्ना की तुलना नहीं हो सकती है। इंद्रेश लखनऊ में विश्व संवाद केंद्र में नारद जयंती एवं पत्रकार सम्मान समारोह को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे।
एएमयू देशद्रोहियों का अड्डाः हरनाथ सिंह
एटा में भाजपा से राज्यसभा सदस्य हरनाथ सिह यादव ने बुधवार को पत्रकार वार्ता की, जिसमें उन्होंने उप्र सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के जिन्ना संबंधी बयान पर उन्हें पार्टी से निकालने की मांग की। इस दौरान उनके बोल भी बिगड़े और उन्होंने एएमयू को देशद्रोहियों का अड्डा तक बता दिया।
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