Madhya Pradesh Tourism

Home » » दो दिवसीय चीन दौरा खत्म करके भारत रवाना हुए पीएम मोदी, कई मुद्दों पर बनी सहमति

दो दिवसीय चीन दौरा खत्म करके भारत रवाना हुए पीएम मोदी, कई मुद्दों पर बनी सहमति

वुहान। वुहान के दो दिवसीय दौरे पर गए प्रधानमंत्री शनिवार दोपहर अपना दौरा पूरा कर भारत रवाना हो गए। अपने इस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कई मुलाकातें की और दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री का यह दौरा अनौपचारिक था जिसके चलते ना तो कोई साझा बयान जारी हुआ और ना ही किसी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
इससे पहले अपने दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह 7.30 बजे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। यह मुलाकात ईस्ट लेक झील के किनारे हुई जहां दोनों नेता चहलकदमी करते हुए आपस में बात करते नजर आए। आधे घंटे सैर के बाद पीएम मोदी और जिनपिंग एक डबल डेकर नौका में सवार हुए और विहार का आनंद लिया। नौका विहार के बाद पीएम मोदी और जिनपिंग ने चाय का आनंद लेते हुए वहां आपस में विभिन्न मुद्दों पर बात की।
इसके बाद मोदी-जिनपिंग ने साथ में लंच किया जिसमें विशेष रूप से मोदी की पसंद का खाना बनाया गया था। साथ ही लंच का मेन्यू कार्ड भी विशेष रूप से तैयार किया गया था जिसमें ऊपर और नीचे तिरंगे के दो रंग थे साथ ही बीच में नीले रंग से भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर बना हुआ था।
इससे पहले शुक्रवार को पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच कई मुलाकातें हुईं जिनमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में इसी तरह की अनौपचारिक मुलाकात भारत में करने की इच्छा जताई। शुक्रवार शाम दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई इसमें दोनों देशों की ओर से छह-छह शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि "न्यू इंडिया" और चीन के "न्यू एरा" की कोशिश दुनिया के हित में है क्योंकि दुनिया की 40 फीसद आबादी इन्हीं दो देशों में रहती है। भारत और चीन पिछले 2000 साल में से 1600 साल से वैश्विक आर्थिक विकास में दो इंजन की तरह काम कर रहे हैं।
भारत-चीन मिलकर दुनिया को कई समस्याओं से निजात दिला सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए "स्ट्रैन्थ" को नए सिरे से परिभाषित किया। इसके मुताबिक, एस- स्प्रीच्यूआलिटी; टी- ट्रेडिशन, ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी; आर- रिलेशनशिप; ई- एंटरटेनमेंट; एन- नेचर कंजरवेशन; जी- गेम्स; टी- टूरिज्म और एच- हेल्थ एंड हीलिंग।
दिल से जुड़ेगा दिल
मालूम हो कि इस अनौपचारिक वार्ता को "दिल से दिल को जोड़ने वाली पहल" करार दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच कुछ अति विवादास्पद मुद्दों पर सहमति की राह खोजना है। पहले दिन की बातचीत के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा भी, "हमने व्यापक और फलदायी बातचीत की। हमने मजबूत भारत-चीन संबंधों के अलावा अन्य वैश्विक मसलों पर भी विचार-विमर्श किया।"
आंकड़ों में रिश्ते
- मोदी सबसे ज्यादा यानी चार बार चीन का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इसके बाद वह 9-10 जून को एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भी चीन आएंगे। जबकि मनमोहन सिंह अपने 10 साल के शासनकाल में तीन बार चीन गए थे। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चार साल में सिर्फ एक बार भारत यात्रा की है।
- मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिनसे चीनी नेता ने प्रोटोकॉल तोड़कर अनौपचारिक बातचीत की है। पहले प्रधानमंत्री की आधिकारिक मुलाकात चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग से होती थी। इसके बाद ही वह राष्ट्रपति से मिल पाते थे।
- ऐसा पहली बार हो रहा है कि दोनों देशों के नेताओं की बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी नहीं हो रहा है।
- दोनों नेताओं के बीच यह 11वीं बैठक है। मोदी ने इससे पहले सबसे ज्यादा आठ बार अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात की थी।
Share This News :
 
Site Link : Contact Us | sitemap
Copyright © 2013. khabrokakhulasa.com | Latest News in Hindi,Hindi News,News in Hindi - All Rights Reserved
Template Modify by Unreachable
Proudly powered by Blogger