Home » » दुनिया के 112 देशों में भारत दूसरा सबसे सस्ता देश

दुनिया के 112 देशों में भारत दूसरा सबसे सस्ता देश

 भारत रहने या सेवानिवृत्ति की दृष्टि से दुनिया का दूसरा सबसे सस्ता देश है। हाल में 112 देशों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है। सर्वे में पहले स्थान पर दक्षिण अफ्रीका रहा है। यह सर्वेक्षण निजी वित्त प्रबंधन पर काम करने वाली गो बैंकिंगरेट्स ने किया है। उसने देशों की रैंकिंग चार प्रमुख मानकों पर तय की है।
इसके लिए उसने ऑनलाइन प्राइसिंग डेटाबेस वेबसाइट नमबियो के आंकड़ों का सहारा लिया है। सर्वे चार प्रमुख मानकों के आधार पर किया गया। ये हैं-स्थानीय क्रयशक्ति, किराया लागत, रोजमर्रा में इस्तेमाल चीजों या किराना सामान (ग्रॉसरी) के दाम और उपभोक्ता सामान व सेवाओं के मूल्य। तुलना अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क सिटी में क्रयशक्ति, किराया, ग्रॉसरी और उपभोक्ता सामान व सेवाओं की स्थिति से की गई है।
भारत दुनिया के 50 सबसे सस्ते देशों में किराया सूचकांक के मामले में दूसरे क्रम पर है। उससे ऊपर सिर्फ पड़ोसी देश नेपाल है। इस हिंसाब से भारत अन्य देशों के मुकाबले रहने के लिए सबसे सस्ता देश है। उपभोक्ता सामान और ग्रॉसरी की कीमतों के हिंसाब से भी भारत सबसे सस्ता देश है जहां कोलकाता शहर में 285 डॉलर (18,125 रुपए) मासिक खर्च में एक अकेला व्यक्ति अपना गुजर-बसर कर सकता है।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत में 125 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं और दुनिया के 50 सबसे सस्ते देशों में यही सबसे अधिक आबादी वाला देश है। देश में प्रमुख उद्योग कपड़ा, रसायन और खाद्य प्रसंस्करण हैं। इसके अलावा भारत के कई शहरों में तुलनात्मक रूप से स्थानीय क्रयशक्ति भी अधिक है यानी लोगों की वस्तुओं व सेवाओं की खरीदी की क्षमता अच्छी है।
पाकिस्तान व बांग्लादेश महंगे
भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का इस सूची में 14वां स्थान है यानी वह रहने या सेवानिवृत्ति के लिहाज से भारत की तुलना में महंगा है। इसके अलावा कोलंबिया 13वां सबसे सस्ता, नेपाल 28वां और बांग्लादेश का 40वां सबसे सस्ता देश है।
दक्षिण अफ्रीका इसलिए है टॉप पर
सर्वे में दक्षिण अफ्रीका को रहने या सेवानिवृत्ति के लिए दुनिया का सबसे सस्ता देश माना गया है। हीरा, सोना और क्रोमियम का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक देश होने से इसकी अर्थव्यवस्था अधिक समृद्ध है। यहां की स्थानीय क्रयशक्ति न्यूयॉर्क सिटी से भी उल्लेखनीय रूप से अधिक है। इसी कारण दक्षिण अफ्रीका सस्ते देशों में पहले पायदान पर आया।
यहां उपभोक्ता सामान, ग्रॉसरी और किराया 50 सबसे देशों में सबसे कम है। उदाहरण के लिए बड़े शहर केपटाउन में मासिक खर्च 400 डॉलर (25,434 रुपए) से भी कम है जबकि डरबन में एक बेडरूम कमरे का मासिक किराया 280 डॉलर (17,800) रुपए है। ये हैं सबसे महंगे देश सबसे महंगे देश बरमूडा (112वें स्थान पर), बहामास (111), हांगकांग (110), स्विट्जरलैंड (109) और घाना (108) हैं।
Share This News :
 
Site Link : Contact Us | sitemap
Copyright © 2013. khabrokakhulasa.com | Latest News in Hindi,Hindi News,News in Hindi - All Rights Reserved
Template Modify by Unreachable
Proudly powered by Blogger