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किसानों की मौत के बाद मंदसौर में और उग्र हुए आंदोलनकारी

मंदसौर-रतलाम। पुलिस फायरिंग में 6 किसानों की मौत के बाद बुधवार को किसान आंदोलन और उग्र हो गया। मृतक किसानों के अंतिम संस्कार में गए कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह के साथ मारपीट की गई। अंत्येष्टि के बाद आंदोलनकारी पिपलिया मंडी के पास महू-नीमच फोरलेन पर उतर आए और कई गाड़ियां फूंकी। पिपलियामंडी के पास टोल नाके को तोड़ा और पास के वेयर हाउस में आग लगा दी। मंदसौर के सीतामऊ और सुवासरा में भी हिंसक घटनाएं हुई जिसमें एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया।
किसानों के आंदोलन के कारण फोरलेन पर यातायात ठप पड़ गया है। वहीं चित्तोड़गढ़ रूट पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। आंदोलनकारी किसानों ने सरकार को अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर शासन द्वारा मृतक किसानों को 1 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि देने को भी किसानों ने आड़े हाथों लिया है। आंदोलनकारियों ने कहा है कि सीएम किसानों की मौत की बोली लगा रहे हैं।
बुधवार सुबह मृतक किसानों की अंत्येष्टि की गई। अंत्येष्टि में आए कलेक्टर स्वतंत्र कुमारसिंह को देख ग्रामीण भड़क गए और मारपीट पर उतारू हो गए। कलेक्टर जैसे-तैसे वहां से निकले। अंतिम संस्कार के बाद किसान फिर पिपलियामंडी टोलनाके के पास हाईवे पर जमा हो गए और पथराव किया।
ट्रकों में आग लगा दी। इसके अलावा टोल नाके में तोड़फोड़ के बाद समीप के वेयर हाऊस को भी आग लगाई। थोड़ी देर बाद पुलिस और सीआरपीएफ के वहां पहुंचने पर किसान इधर-उधर हो गए। इधर पुलिस के लौटते ही आंदोलनकारी फिर सड़क पर उतर आए।
आंसू गैस के गोले छोड़े
टोलनाके में तोड़फोड़ की घटना के तुरंत बाद पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा था। इस पर किसान खेतों में भागे। इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसके बाद भी किसान खेतों में डटे रहे। पुलिस बेबस बनी रही। मौके पर उज्जैन एडीजी वी मधुकर सहित प्रशासन और पुलिस के कई आला अधिकारी मौजूद थे।
ढोढर टोलनाके से नेताओं को लौटाया
किसानों की मौत की घटना के बाद बुधवार को सियासत भी शुरू हो गई। सुबह भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान और मंत्री गौरीशंकर बिसेन मंदसौर जा रहे थे। इस दौरान ढोढर टोल नाके पर प्रशासन और पुलिस ने उन्हें रोक लिया। तीखी बहस के बाद भी एसडीएम आरपी वर्मा ने आगे जाने देने से इंकार कर दिया।
एसडीएम का कहना था कि सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया है। बाद में भाजपा नेता लौट गए। इसी तरह शाम को कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन सहित अन्य कांग्रेस नेता भी मंदसौर जा रहे थे। मगर उन्हें भी ढोढर से लौटा दिया गया।
फोरलेन पर यातायात ठप
किसानों के उग्र होने और हिंसक घटनाओं के बीच महू-नीमच फोरलेन पर जावरा के बाद से ही यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। पुलिस-प्रशासन ने इक्का-दुक्का गाड़ियों को ही आने जाने दे रहा है। इसके पीछे सुरक्षा कारण बताए गए। ढोढर और जावरा और नीमच की ओर से कई वाहनों को लौट दिया गया। इससे राहगीर बुरी तरह परेशान हुए। इधर जावरा से लेकर नीमच तक फोलनेन की दुकान बंद रहीं। पूरे मार्ग पर सन्नााटा पसरा रहा। दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। पिपलिया मंडी के पास पूरे फोरलेन पर आग और धुआं उठता दिखाई दिया।
बुधवार को कब क्या हुआ
8.30 बजे: मृतक किसानों की अंत्येष्टि।
10.00 बजे: आंदोलनकारी फिर हाईवे पर जमा हुए।
10.30 बजे: प्रदर्शकारियों ने ट्रक आदि वाहन जलाए।
10.45: किसान वेयरहाउस की ओर बढ़े और वेयरहाउस को जलाया।
11:05: पिपलिया मंडी के पास टोलनाके पर तोड़फोड़
11.15: पुलिस फोर्स सीआरपीएफ के साथ पहुंचा। किसान खेतों की तरफ दौड़े।
इतने वाहन फूंके
- 12 ट्रक और अन्य बड़े वाहन
- 07 मोटरसाइकलें
- 04 कार और अन्य वाहन
आंदोलनकारियों ने ' नईदुनिया को बताया मंगलवार का घटनाक्रम
'हम लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। एक जगह बैठ नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने आकर बिना किसी सूचना के बल प्रयोग शुरू कर दिया। इस पर किसानों नें भी जवाब दिया। इस पर पुलिस वाले चले गए। बाद में करीब 15 सीआरपीएफ के जवान और पुलिस पहुंची। हमसे बातचीत शुरू की। कहा कि हम जवान हैं और आप किसान हो आओ मिलकर बात करें। विश्वास में लेकर किसानों को टोलनाके के पास ले जाया गया और फिर गोली मार दी गई। पैरों के अलावा पेट और सीने पर भी किसानों को गोली मारी गई। मैं प्रशासन से पूछना चाहूंगा कि कश्मीर में सैनिक लाठी-पत्थर खाने के बाद गोली नहीं चला रहे और हम पर फायर किए जा रहे हैं। सीएम दिन भर मुआवजा बढ़ाते रहे। पहले 2 लाख फिर 5 लाख और फिर 1 करोड़ कर दिया। मुख्यमंत्री किसानों की मौत की बोली लगा रहे हैं। किसानों की सभा मांगें पूरी नहीं की गई तो यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा।"
(जैसे कि किसान नरेश पाटीदार ने नईदुनिया को बताया)
एक नजर में प्रदर्शन
मंदसौर
-महू-नीमच राजमार्ग पर 30 ट्रक, कंटेनर, ट्रॉले फूंके। मेलखेड़ा में फायरफाइटर फूंका।
-पीपल्यामंडी में तीन मकान और 65 दुकानें जलाईं
-कयामपुर में 3 बैंक शाखाओं में आग लगाई।
-भानपुरा में 15 दुकानें लूटी।
-पीपल्यामंडी रोड पर रुई की फैक्टरी फूंकी।
-जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में कोल्ड स्टोर जलाया।
-कयामपुर में एक शराब दुकान लूटी।
-जिले में कुल 20 पुलिसकर्मी घायल।
-30 आंदोलनकारी भी घायल।
देवास
-थाने, चौकी, एसडीओपी और टीआई के बंगले फूंके, 2 चार्टर्ड बसों सहित 80 वाहनों को आग के हवाले किया।
-पुलिस वाहनों सहित 200 छोटे-बड़े वाहनों में तोड़फोड़।
-इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर चक्काजाम।
उज्जैन
-जिले के विजयागंजमंडी में एमपीईबी सहित 2 बड़े वाहन फूंके।
पुलिसचौकी और फोर्स पर पथराव।
-बड़नगर रोड पर चंदूखेड़ी टोल बेरियर पर पथराव में 6 पुलिसकर्मी
घायल।
नीमच
-12 ट्रक और 2 कारों में तोड़फोड़
-महू-नसीराबाद राजमार्ग पूरी तरह बाधित
-कुकड़ेश्वर में एक प्रदर्शनकारी घायल
-मनासा एसडीएम वंदना मेहरा के वाहन के कांच फोड़े।
-आरक्षक की बाइक और पुलिस चौकी फूंकी।
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