Home » » किसानों की कर्जमाफी का भारी दबाव, बंदोबस्त में जुटे सीएम

किसानों की कर्जमाफी का भारी दबाव, बंदोबस्त में जुटे सीएम

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश,पंजाब और महाराष्ट्र के बाद अब मध्य प्रदेश पर भी किसानों की कर्जमाफी का भारी दबाव है। फिलहाल केंद्र की 'ना" और राज्य की खराब माली हालत के चलते अभी यह फैसला लटका हुआ है, लेकिन जिस तरीके से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसे लेकर सक्रिय है, उससे साफ है कि जल्द ही इसे लेकर जल्द ही कुछ फैसला हो सकता है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेश लौटने के बाद मध्य प्रदेश को इस समस्या से निपटने के लिए कुछ सहायता देने का फैसला लिया जा सकता है।
जानकारों की मानें तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले दिनों अपने दिल्ली प्रवास के दौरान इसकी पूरी व्यूह रचना कर दी है। इसके तहत उन्होंने जहां केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह से मुलाकात कर उन्हें प्रदेश के किसानों की स्थिति और कर्जमाफी की समस्या को प्रमुखता से रखा।
वहीं उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी इस मामले की पूरी जानकारी दी। इसके अलावा प्रदेश से जुड़े केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर इस मामले में मप्र की मदद करने की मांग की।सूत्रों की मानें तो सीएम ने जिस तरीके से अपने पक्ष रखा है,उससे साफ है कि कर्जमाफी के बंदोवस्त में वह तेजी से जुटे हुए है। हालांकि वह चुनाव को देखते हुए आनन-फानन में कोई भी फैसला लेने से बच रहे है, लेकिन जैसे ही केंद्र ने इसे हरी झंडी दी, वह तुरंत ही इसका ऐलान कर देंगे।
बता दें कि उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में किसानों की कर्जमाफी को जिस तरीके से राजनीतिक लाभ से जोड़ कर भुनाया गया है, वैसा कुछ फार्मूला मध्य प्रदेश में भी चला जा सकता है। वैसे भी मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव के चलते राज्य सरकार भारी दबाव में है।
पीएमओ पहुंचाया गया प्लान
जानकारों की मानें तो प्रदेश के किसानों की कर्जमाफी का पूरा प्लान प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेज दिया गया है। सूत्रों का दावा है कि पिछले दिनों सीएम खुद भी इसी मकसद से पीएमओ गए थे। जहां उनकी पीएमओ के वरिष्ठ अफसरों के साथ इस मुद्दे पर लंबी चर्चा भी हुई है। किसानों से कर्ज से जुड़ी यह रिपोर्ट सहकारिता विभाग से तैयार कराई गई है। बता दें कि किसानों पर ज्यादातर कर्ज सहकारी बैंकों का ही है।
प्रदेश के किसानों पर करीब 45 हजार करोड़ के कर्ज का दावा
इस बीच किसानों आंदोलन से जुड़े किसान नेता शिवकुमार शर्मा उर्फ कक्का जी का दावा है कि प्रदेश के किसानों पर मौजूदा समय में अकेले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)का करीब 45 हजार करोड़ का कर्ज है।जबकि अन्य बैकों के भी वह कर्जदार है। उनका कहना है कि यह किसानों का यह कर्ज वर्ष 2005 में सिर्फ दो हजार करोड़ का था। जो पिछले कई सालों से लगातार बढता जा रहा है।
Share This News :
 
Site Link : Contact Us | sitemap
Copyright © 2013. khabrokakhulasa.com | Latest News in Hindi,Hindi News,News in Hindi - All Rights Reserved
Template Modify by Unreachable
Proudly powered by Blogger