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उत्तरखंड के बाद आंध्र में प्लास्टिक के चावल बिकने की खबर, जांच के आदेश

हैदराबाद। उत्तराखंड में प्लास्टिक के चावल मिलने की खबरों के बीच अब आंध्र प्रदेश में भी इसी तरह की खबरें सामने आ रहीं हैं। इसके बाद विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जानकारी के अनुसार एक वीडियो सामने आया है जिसमें लोग चावल की गेंद बनाकर उससे क्रिकेट खेल रहे हैं। यह वीडियो उत्तराखंड का बताया जा रहा है।
इसके बाद हैदराबाद के सरुरनगर में एक ग्राहक ने बिरयानी में प्लास्टिक के चावल के इस्तेमाल की शिकायत की। वहीं एक अन्य ग्राहक ने मंगलवार को स्थानीय पुलिस से यह दावा किया कि मीरपत में एक किराने की दुकान में प्लास्टिक के चावल बेचे जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर शाम को सिविल आपूर्ति विभाग के टास्क फोर्स के अधिकारियों ने कथित दुकान में छापा मारा और चावल के नमूने को जांच के लिए भेज दिया है। इधर, प्लास्टिक के चावल की अफवाहें सोशल नेटवर्किंग साइटों, फेसबुक और व्हाट्सएप की सहायता से वीडियो के द्वारा लोगों तक पहुंचाई जा रही है जिससे लोगों में आक्रोश पैदा हो रहा है।
मीरपत पुलिस ने बताया कि नंदनवनम कॉलोनी के निवासी अशोक ने शिकायत की है कि पिछले कई दिनों से वह और उनका परिवार पेट दर्द और बदन दर्द जैसी कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित है। उसने बताया कि, वह जब सोमवार की रात काम से घर लौटा तो पत्नी के द्वारा परोसे गए चावल में पाया कि वे प्लास्टिक के चावल थे।
मामले में वेट और मेजरमेंट डिपार्टमेंट (डब्ल्यू एंड एम) चावल की मिलावटी के मुद्दे पर एक विशेष प्रवर्तन दल का गठन करने की योजना बना रहा है। डब्ल्यू एंड एम के सहायक खाद्य नियंत्रक श्री. निवास राव ने बताया कि प्लास्टिक या नकली चावल के बारे में हमें मीडिया और सोशल नेटवर्किंग साइटों के माध्यम से पता चला। अभी तक उच्चाधिकारियों से कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है, लेकिन हमने चार खाद्य निरीक्षकों को चावल के निरीक्षण के लिए विशाखापटनम भेजा है। उन्होंने कहा, इसके अलावा अब तक लाल चनों और अन्य वस्तुओं में मिलावटी के मामले आए हैं।
अगर कोई नागरिक इस तरह की शिकायत करता है तो संबंधित विभाग तथ्यों की जांच कर, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई करते हैं। हालांकि चावल के व्यापारियों ने शहर में प्लास्टिक चावल की संभावना को ठुकरा दिया। चावल के व्यापारी के. के. भीम राव ने कहा," इस तरह के प्लास्टिक चावल की कोई भी बिक्री शहर में नहीं है। भगवान की दया से, राज्य में जाली या प्लास्टिक चावल के लिए कोई जगह नहीं है।"
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