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बिजली कंपनी में अफसर बढ़े कर्मचारी घटे, वसूली का बकाया 5378 करोड़

ग्वालियर। प्रदेश की बिजली कंपनियों के दफ्तरों में बैठने वाले अधिकारियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और फील्ड का काम ठेके के कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है। नतीजतन उपभोक्ताओं पर 5 हजार 378 करोड़ रुपए का बकाया हो गया है और इसकी वसूली भी आसान नजर नहीं आती।
इसका खामियाजा उन उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है जो इमानदारी से बिल भर रहे हैं। इसी बढ़ते बकाया को वजह बता कर कंपनियां हर साल बिजली दर में वृद्धि कर रही हैं।
ऐसे बढ़ती गई आउट सोर्सिंग 
-मप्र राज्य विद्युत मंडल में 74 हजार 885 कर्मचारी थे। अस्थाई कर्मचारियों का वजूद नहीं था।
- 1जनवरी 2011 को बिजली कंपनी का विभाजन कर 5 कंपनियां बना दी गईं।
- विभाजन के वक्त 50 हजार 109 कर्मचारी नियमित थे। 10 हजार संविदा पर काम कर रहे थे। 1815 कर्मचारी आऊट सोर्सिंग पर काम कर रहे थे।
- वर्तमान स्थिति में 36 हजार 742 कर्मचारी नियमित हैं। 17 हजार संविदा व 9200 कर्मचारी आउट सोर्सिंग पर काम कर रहे हैं।
- संविदा व आउट सोर्सिंग के कर्मचारियों पर ही कंपनी का फील्ड का काम निर्भर करता है।
तीनों कंपनियों में बकाए की स्थिति 
कंपनी बकाया राशि उपभोक्ता
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 3800 करोड़ 30 लाख
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 1175 करोड़ 39 लाख
पश्चिम क्षेत्र वि.वितरण इंदौर रीजन 403 करोड़ 26.8 लाख
सबसे फिसड्डी प्रदेश की कंपनियां 
केन्द्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने देशभर की कंपनियों की ग्रेडिंग निर्धारित की थी,जिसमें प्रदेश की तीनों कंपनियां फिसड्डी साबित हुईं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को सी प्लस ग्रेड मिला था। यानी सबसे खराब सेवाएं इसी कंपनी मानी गई हैं। कंपनी के राजस्व में गिरावट के साथ साथ सेवाओं में कमियां भी इसकी वजह बनी।जानकार मानते हैं कि ठेके पर काम कराने की वजह से यह स्थिति बनी है।
वह काम जो आउट सोर्सिंस पर कराए जा रहे हैं
- बिजली कंपनियों में मीटर रीडिंग का काम आउट सोर्सिंग पर कराया जा रहा है। रीडिंग से ही कंपनी का राजस्व जनरेट होता है। कंपनियों की मीटर रीडिंग हमेशा विवादों रहती है। की पंच ऑपरेटर, सब स्टेशन ऑपरेटर, लाइन अटेंडर के काम भी ठेके पर दे दिए हैं।
इसलिए कर रहे आउसोर्सिंग 
मीटर रीडिंग में गड़बड़ी की सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही थी। उपभोक्ता बिल को लेकर परेशान हो रहे थे। इस वजह से निजी कंपनी को आधुनिक तरीके से रीडिंग करने का जिम्मा दिया गया। इससे उपभोक्ताओं को सुविधा होगी।
पारस जैन, ऊर्जा मंत्री मप्र शासन
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