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3 फीसदी दर से सोना होगा महंगा, फुटवियर व बिस्किट में राहत

नई दिल्ली
एक जुलाई 2017 से प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद सोने पर 3 प्रतिशत, 500 रुपये से कम मूल्य के जूते-चप्पल यानी फुटवियर पर 5 प्रतिशत, बिस्किट पर 18 प्रतिशत और बीड़ी पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। लेकिन सिगरेट की तरह बीड़ी पर सेस नहीं लगेगा।
जीएसटी की इन दरों से बिस्किट और जूता चप्पल सस्ते हो सकते हैं क्योंकि फिलहाल इन पर टैक्स की प्रभावी दर जीएसटी की प्रस्तावित दर से अधिक है।
खास बात यह है कि काउंसिल ने सोलर पैनल पर पूर्व में प्रस्तावित 18 प्रतिशत जीएसटी की दर को घटाकर 5 प्रतिशत करने का फैसला किया है।
वहीं पूजा सामग्री के संबंध में जीएसटी की दर शून्य रखने का फैसला किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 15वीं बैठक में इन वस्तुओं के लिए जीएसटी की दरों को अंतिम रूप दिया गया।
इसके अलावा काउंसिल ने रिटर्न फाइलिंग और ट्रांजीशनल रूल्स के मसौदे पर भी मुहर लगायी। ट्रांजीशन रूल में अहम बदलाव यह है कि जिन कारोबारियों के पास जीएसटी लागू होने की तारीख से ठीक पहले जो स्टॉक बकाया है, अगर वह जीएसटी की 18 प्रतिशत या उससे अधिक की श्रेणी में आता है तो उस पर उन्हें 60 प्रतिशत
इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा जबकि 18 प्रतिशत से कम की श्रेणी में आने वाले उत्पाद पर उन्हें 40 प्रतिशत इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा। काउंसिल की बैठक में मुनाफाखोरी रोकने के लिए जीएसटी कानून में लाए गए एंटी प्रॉफिटियरिंग नियम के तहत तंत्र बनाने के संबंध में भी विचार किया गया।
साथ ही जीएसटी लागू होने की तैयारियों के संबंध में जीएसटी नेटवर्क की टीम ने एक विस्तृत प्रजेंटेशन भी दिया। सोने पर फिलहाल एक प्रतिशत केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगता है जबकि अलग-अलग राज्यों में आभूषणों पर वैट की दर अलग-अलग है। ज्वैलरी पर सर्वाधिक वैट 5 प्रतिशत केरल में लगता है जबकि त्रिपुरा में दो प्रतिशत, महाराष्ट्र में 1.2 प्रतिशत तथा शेष राज्यों में एक प्रतिशत की दर से वैट लगता है।
काउंसिल ने अब सोना व चांदी पर तीन प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला किया है। रफ डायमंड पर 0.25 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। हालांकि जीएसटी लागू होने पर ज्वैलर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट की सुविधा का लाभ मिल सकेगा जिससे उनकी लागत कम आएगी। जीएसटी काउंसिल ने बीड़ी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले तेंदू पत्ते पर 18 प्रतिशत तथा बीड़ी पर 28 प्रतिशत टैक्स लगाने का फैसला किया है।
लेकिन सिगरेट की तरह सेस नहीं लगेगा। काउंसिल ने पहले तेंदू पत्ते पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने का मन बनाया था लेकिन मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने इस पर 28 प्रतिशत जीएसटी की मांग की जिसके बाद इसे 18 प्रतिशत रखा गया। फिलहाल तेंदू पत्ते पर 8.41 प्रतिशत टैक्स है।
इसी तरह बीड़ी पर फिलहाल कुल टैक्स 25.68 प्रतिशत है। काउंसिल ने बीड़ी पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने का निर्णय किया है। सभी श्रेणियों के बिस्किट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने का फैसला किया गया है।
फिलहाल 100 रुपये प्रति किलो से कम मूल्य के बिस्किट पर कुल 20.6 प्रतिशत टैक्स लगता है जबकि अन्य श्रेणी के बिस्किट पर 23.11 प्रतिशत टैक्स लगता है।
इस तरह जीएसटी लागू होने पर बिस्कुट पर टैक्स बोझ कम हो जाएगा। वैसे तो अधिकांश खाद्य वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है लेकिन पैकेज्ड फूड आइटम पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला किया है।
जहां तक फुटवियर का सवाल है तो पांच सौ रुपये से कम मूल्य के जूते-चप्पलों पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा जबकि इससे अधिक मूल्य के फुटवियर पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा।
वहीं रेडीमेड गारमेंट पर 12 प्रतिशत और सोलर पैनल पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। काउंसिल की अगली बैठक 11 जून को नई दिल्ली में होगी जिसमें कुछ नियमों के मसौदे को अंतिम रूप देने के साथ-साथ लॉटरी के संबंध में जीएसटी की दरें तय की जाएंगी।
टैक्स का भार कितना
आइटम ---- मौजूदा टैक्स --- जीएसटी
सोना-चांदी ---- 1 से 6 --- 3
बीड़ी ----- 25.68 ------ 28
फुटवियर
500 रु से कम ---- 9.5 ---- 5
500 से 1000 रु ---- 23.1 ---- 18
1000 रु से अधिक ---- 23.1 ---- 18
लैदर 1000 रुपये अधिक --- 29.58 ---- 18
बिस्किट
100 रुपये से कम ---- 20.6 ---- 18
अन्य ---- 23.11 ---- 18
बिजली चालित कृषि उपकरण
कृषि उपकरण ---- 13.79 ---- 12
क्लीनिंग, सॉर्टिंग मशीन ---- 8.79 ---- 5
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