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छह माह में महिलाओं से ठगी की शिकाएतें 20% तक बढ़ गईंं

भोपाल। दिन में घर में अकेले रहने वाली महिलाएं अब ऑन लाइन ठगी करने वाले गिरोह के निशाने पर हैं। जो लालच और दूसरे तरह से महिलाओं से रुपए ऐंठने के बाद उन्हें डरा-धमकाकर अड़ीबाजी तक करने लगे हैं। बीते छह महीने में महिलाओं से ठगी की शिकायतों में 20 फीसदी तक इजाफा हो गया है। पिछले साल तक जहां 10 मामलों में से 1 महिला इसका शिकार होती थी, तो वहीं अब यह आंकड़ा 3 से अधिक पहुंच गया है। इस साल ही सायबर सेल भोपाल के पास इस तरह की 100 से अधिक शिकायतें पहुंच चुकी हैं। पुरुषों की संख्या जोड़ दी जाए तो आंकड़ा कहीं अधिक हो जाता है।
-इसलिए महिलाएं निशाने पर
जागरुकता के कारण अब ऑनलाइन ठगी के जाल में लोगों को फंसाना ठगों को मुश्किल हो रहा है। ऐसे में उन्होंने ठगी का तरीका बदलते हुए महिलाओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया। फोन लगाने के बाद महिला की आवाज सुनते ही उन्हें लालच देकर ओटीपी नंबर निकाल रुपए ट्रांसफर करने से लेकर ऑन लाइन शॉपिंग तक कर लेते हैं। इसके बाद वह दोबारा उन्हीं महिलाओं को संपर्क कर डरा-धमकाने तक लगते हैं। ठगी के बारे में परिजनों को बताने का कहकर गाली-गलौज और अड़ीबाजी तक उतरने लगे हैं।
-छोटी रकम से कर रहे ठगी
ठग महिलाओं से अधिक रकम न लेकर पहले छोटी रकम से शुरुआत करते हैं। ऐसे में महिलाएं अपने से हुई ठगी के बारे में किसी से नहीं बताती, लेकिन बाद में ठगी की करतूतों से परेशान होकर वह परिजनों को इसके बारे में बताती हैं। तब तक आरोपी उनसे रुपए ऐंठ चुका होता है।
-सायबर सेल ने निकाला था नया रास्ता
सायबर सेल में एटीएम से धोखाधड़ी की रोजाना 6 से अधिक शिकायतें आती हैं। इनमें से करीब 90 फीसदी मामलों में आरोपी एटीएम का नंबर लेकर ऑन लाइन खरीदारी करते हैं। खाते से रुपए निकलने के 24 घंटे के अंदर सायबर सेल से शिकायत करने पर भी रुपए बचाए जा सकते हैं। ऐसे में सायबर सेल ऑन लाइन खरीदी की गई कंपनी को ई-मेल से सामान की डिलेवरी रोकने के निर्देश देती है। इसके बाद भी अगर सामान डिलेवर कर दिया जाता हैं, तो कंपनी की जिम्मेदारी होती है कि वे पीड़ित के रुपए वापस करे। साथ ही उनके खिलाफ प्रकरण भी दर्ज किया जाता है।
कर सकते हैं बैंक पर क्लेम
लोगों को इसकी जानकारी नहीं है कि उनके रुपयों के लिए बैंक ही पूरी तरह से जिम्मेदार होता है। धोखाधड़ी कर खाते और एटीएम से निकाले गए रुपयों के लिए आप बैंक पर क्लेम कर सकते हैं। ऐसे में बैंकर्मियों की गलती पाए जाने पर उनके खिलाफ प्रकरण भी दर्ज किया जा सकता है।
इसका रखे ध्यान
-बैंक प्रबंधन कभी भी ग्राहक से फोन पर संपर्क नहीं करता है।
-किसी अनजान की बातों में आकर उसे खाते और एटीएम संबंधी कोई भी जानकारी न दें, चाहे वह आपके नुकसान की बात क्यों न कर रहा हो।
-शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे के बीच आने वाले बैंक के कॉल फर्जी होते हैं। क्योंकि सभी बैंक की वर्किंग सुबह 10 से शाम 5 बजे तक ही होती है।
-आप वन टाइम पासवर्ड रखकर भी धोखेबाजों से बच सकते हैं। साथ ही चोरी होने पर भी आरोपी उसका उपयोग नहीं कर पाएंगे।
-एटीएम का पासवर्ड न तो किसी को बताएं और न ही कहीं लिखकर रखें।

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