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कांग्रेस ने Chandrayaan-2 की सफलता का श्रेय नेहरू व मनमोहन को दिया

Tuesday, July 23, 2019

नई दिल्ली। चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण से हर भारतीयों का दिल जहां गर्व से भर गया है, वहीं कांग्र्रेस ने इसका सारा श्रेय अपनी पार्टी के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों को देने की कोशिश की है। भाजपा ने इसकी आलोचना करते हुए कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया।वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कांग्र्रेस ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की प्रगति के लिए अपने दो प्रधानमंत्रियों पंडित जवाहर लाल नेहरू और डॉक्टर मनमोहन सिंह द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।
कांग्रेस स पार्टी ने ट्वीट किया, "1962 में इनस्कोप (अब इसरो) के जरिए अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए धन देने के भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के दूरदर्शी कदम के साथ ही 2008 में चंद्रयान-2 परियोजना को मंजूरी देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को याद करने का यह अच्छा समय है।"
कांग्रेस प्रवक्ता राजीव गौड़ा ने भी बीती शताब्दी के सातवें दशक में आर्यभट्ट के निर्माण से लेकर यूपीए सरकार के दौरान चंद्रयान-1 और अब चंद्रयान-2 की सफलता के लिए वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए इसे पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू की दूरदर्शिता का नतीजा बताया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने भी रविवार को कहा था, "पंडित नेहरू से शुरू हुई भारत की अंतरिक्ष यात्रा पीएम इंदिरा गांधी के करिश्माई नेतृत्व में 1975 में आर्यभट्ट के लांच से ऊंची छलांग लगाई थी।"
भाजपा ने साधा कांग्रेस पर निशाना
चंद्रयान-2 की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश करने पर भाजपा ने कांग्र्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा ने कांग्र्रेस पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट किया, "यह वास्तव में निराशाजनक है .. यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। इसे राजनीति के क्षेत्र में नहीं लाना चाहिए था। वैसे, जब भविष्य में कोई नेतृत्व नजर नहीं आता है तो प्रासंगिक बने रहने के लिए अतीत में देखने की प्रवृत्ति होती है .. दुर्भाग्य से कांग्रेस के साथ ऐसा ही हुआ है।"

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कश्मीर मामले में भारत ने कभी नहीं मांगी मदद, ट्रंप का दावा झूठा; व्हाइट हाउस को देनी पड़ी सफाई

वाशिंगटन।  कश्मीर के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से ऐसी कोई गुजारिश नहीं की है। यही नहीं व्हाइट हाउस के आधिकारिक बयान में कश्मीर का कोई जिक्र तक नहीं है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति में कश्मीर मसले पर मध्यस्थता का ऑफर दिया था।
इमरान खान से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कश्मीर मसले को लेकर मदद मांगी थी। हालांकि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने साफ कर दिया कि मामले पर भारत किसी भी तीसरे पक्ष को बर्दास्त नहीं कर सकता। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी अपने बयान में कहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसला है। हम उन प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेंगे जो दोनों देशों के बीच तनाव को कम करते हैं और बातचीत के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावे को खारिज करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने साफ कर दिया की पीएम मोदी ने कश्मीर मसले पर कभी भी मध्यस्थता की बात नहीं कही। उन्होंने कहा कि हमने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रेस को दिए उस बयान का देखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि भारत और पाकिस्तान अनुरोध करते हैं तो वह कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है।
दूसरे ट्वीट में रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत के लिए सीमापार आतंकवाद पर रोक लगाना जरूरी होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दों के द्विपक्षीय रूप से समाधान के लिए शिमला समझौता और लाहौर घोषणापत्र का अनुपालन आधार होगा।
वहीं, अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमन ने ट्रंप के दावे को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी कभी भी कश्मीर पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का सुझाव नहीं देंगे। ट्रम्प का बयान शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि भारत लगातार कश्मीर पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का विरोध करता रहा है।

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कांवड़ियों के लिए तैयार हुआ कांवड़ यात्रा मैनेजमेंट ऐप, ऐसे करेगा मदद

मेरठ। श्रावण मास की शुरुआत होते ही कांवड़ियों का जत्था निकलना शुरू हो जाता है। कांवड़ियों की यात्रा के दौरान उन्हें जरुरी बातों की जानकारी देने और उन्हें बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के इरादे से कांवड़ यात्रा मैनेजमेंट ऐप तैयार किया गया है। मेरठ कमिश्नर द्वारा इस बात की जानकारी दी गई है।
मेरठ कमिश्नर अनीता मेश्राम ने बताया 'यह ऐप यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को नजदीकी कैंप्स, पानी और टॉयलेट सुविधाओं की जानकारी देगा। इसके साथ आसपास के हॉस्पिटल और पुलिस हेल्पलाइन की जानकारी भी इस ऐप के जरिये मिल सकेगी। यह ऐप एंड्राइड पर उपलब्ध है।'
बता दें कि इस बार हरिद्वार में ही तीन करोड़ कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी ना उठाना पड़े इसके लिए ये पहल की गई है।
क्‍यों की जाती हैं कांवड़ यात्रा
ऐसा माना जाता है कि यह यात्रा भगवान शिव को प्रसन्‍न करने का सबसे सरल तरीका है। कांवड़ से ज्योतिर्लिंगों पर गंगाजल चढ़ाने से भोलेनाथ प्रसन्‍न होकर आपकी हर मनोकामना को पूरा कर देते हैं।
इसके पीछे की कथा इस प्रकार है कि जब समुद्र मंथन के बाद 14 रत्‍नों में विष भी निकला, तो भगवान शिव ने उस विष को पीकर सृष्टि की रक्षा की। विष के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव ने दरांती चांद को अपने शीर्ष पर धारण कर लिया।
उसी समय से ये मान्‍यता है कि अगर गंगाजल को शिवलिंग पर चढ़ाने से विष का प्रभाव कम होता है जिससे भगवान शिव प्रसन्‍न होते हैं।

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रायपुर : अवैध संबंध ने किया इनकार, जीजा ने साली को जिंदा जलाया

रायपुर । छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में अवैध संबंधों से इनकार करने पर एक युवक ने अपनी ही साली को जिंदा जला दिया। मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर के पास अभनपुर के ग्राम पलौद में वारदात हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पलौद ने जीजा ने अपनी बड़ी साली पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई दी। युवती का काफी जली हुई हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक आरोपी युवक अपनी पत्नी की बड़ी बहन पर बुरी नीयत रखता था और उससे अवैध संबंध रखने के लिए दबाव बना रहा था। जब युवती ने इनकार कर दिया तो इस वारदात को अंजाम दिया। अभनपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

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डेमोग्राफिक डिविडेंड में होगा बड़ा बदलाव, भारत की इकॉनमी को मिलेगा फायदा

Monday, July 22, 2019

नई दिल्ली। दुनिया में भारत को सबसे युवा देश कहा जाता है। हमारे देश मे 35 साल के युवाओं की जनसंख्या विश्व के अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा है। यूनाइटेड नेशन्स की एक रिपोर्ट के अनुसार 2018 से भारत में डेमोग्राफिक डिविडेंड में बड़ा बदलाव हुआ है। पिछले साल से भारत में वर्किंग एज पॉपुलेशन (15 से 64 वर्ष आयु वर्ग) में काफी वृद्धि दर्ज की गई है। ये आश्रित वर्ग (14 साल के नीचे और 65 से ऊपर) की जनसंख्या की तुलना में तेजी से आगे बढ़ रही है। संभावना है कि यह अस्थाई वृद्धि अगले 37 सालों तक यानी 2055 तक बनी रहेगी। ऐसे में भारत की इकॉनमी को फायदा होगा।
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया के प्रमुख आर्थिक देश जापान, चीन और दक्षिण कोरिया इस डेमोग्राफिक डिविडेंड को उपयोग में लाने में सक्षम थे। इस वजह से इन देशों ने आर्थिक प्रगति तेजी से की। जापान इनमें एक ऐसा देश है जिसने पापुलेशन स्ट्रक्चर में बदलाव करके आर्थिक वृद्धि में तेजी और सुधार दर्ज करवाया है।
बता दें कि, जापान में डेमोग्राफिक डिविडेंट 1964 से 2004 तक रही। इस दौरान जापान की इकोनॉमी डबल डिजिट को छूने में कामयाब रही। वहीं चीन 1978 में किए बदलाव के बूते 16 साल बाद 1994 में इस स्टेज को छूने में कामयाब हुआ। इसी का नतीजा है कि चीन की गिनती आज विश्व के प्रमुख आर्थिक देशों में होती है।
वहीं, सिंगापुर में भी डेमोग्राफिक डिविडेंड 1979 में शुरू हुई और अगले 10 साल में ही इसका काफी फायदा दिखा। पिछले 10 साल की बात करें तो सिंगापुर की इकोनॉमी डबल डिजिट के आंकड़े को छू गई है। साउथ कोरिया और हांगकांग जैसे देश ने भी क्रमशः 1987 और 1979 में डेमोग्राफिक डिविडेंड को अपनाया जिसके कारण इन देशों ने भी अपनी इकोनॉमी को बेहतर स्थिति में पाया है।

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मुंबई के बांद्रा में MTNL बिल्डिंग में लगी भीषण आग, इमारत में फंसे हैं कई लोग

मुंबई। मुंबई के बांद्रा में महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) में आग लग गई है। बिल्डिंग में आग जिस वक्त लगी उस वक्त एमटीएनएल कर्मचारी सहित अन्य लोग भी मौजूद थे वे सभी बिल्डिंग में फंस गए हैं। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर फिलहाल 14 फायरब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच चुकी हैं। जो आग बुझाने की कोशिश में लगी हैं। 
बताया जा रहा है कि आग बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है, हालांकि अब तक इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बिल्डिंग में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। 
आग लगने के बाद नीचे की मंजिल के लोग तो तत्काल बाहर आ गए थे, लेकिन उपर की मंजिल पर मौजूद लोग फंस गए हैं।

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इसरो प्रमुख बोले, चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग चंद्रमा की ओर भारत की एतिहासिक शुरुआत

 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग के साथ ही अंतरिक्ष में एक और इतिहास रच दिया। चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के मौके पर इसरो प्रमुख ने अपनी टीम को बधाई देते हुए कहा कि मैं यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी महसूस कर रहा हूं कि जीएसएलवी एमके-3 एम-1 (GSLVMkIII-M1) ने चंद्रयान-2 (Chandrayaan2) को धरती की कक्षा में स्‍थापित कर दिया है। यह लॉन्चिंग चंद्रमा की ओर भारत की एतिहासिक यात्रा की शुरुआत है।  
इसरो प्रमुख ने कहा कि इसरो की टीम के वैज्ञानिकों ने अपना घर-परिवार छोड़कर पिछले सात दिनों में चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के लिए दिन-रात एक कर दिया था। टीम इसरो के इंजिनियरों और तकनीकी स्टाफ की कठोर मेहनत की बदौलत ही हम यहां तक पहुंचे हैं। पिछली बार हमने समय रहते ही तकनीकी खामी का पता करके इसे तुरंत दुरुस्‍त कर दिया था। 
शिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग करके हमने तिरंगे को सम्मान दिया है। यह लॉन्चिंग हमारी सोच से भी बेहतर हुई है। लेकिन, चुनौती अभी खत्‍म नहीं हुई है। हमें अपने अगले मिशन पर लगना है। हम हर बार की तरह अपने प्रबंधन की ओर से दिए गए कार्यों को सफलता पूर्वक पूरा करेंगे। चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। यह तीन सैटलाइट मिशन है। चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान चांद की सतह पर उतरेंगे। 
चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि यह विशेष क्षण है जो हमारे गौरवशाली इतिहास में दर्ज होगा। चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण हमारे वैज्ञानिकों की तरक्‍की को दर्शाता है। इससे देश के युवाओं की रूचि विज्ञान की ओर बढ़ेगी। आज हर भारतीय को गर्व है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ISRO की सराहना करते हुए कहा कि चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के करीब उतरने वाला दुनिया का पहला अंतरिक्ष यान होगा।
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भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 326 अंक टूटा, निफ्टी 11,300 के ऊपर बंद

नई दिल्ली । हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 326 अंक गिरकर 38,010.64 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 82 अंक कमजोर होकर 11,336.70 पर बंद हुए। निफ्टी के 50 शेयरों में से 27 हरे निशान और 23 लाल निशान पर कारोबार कर बंद हुए। आज सुबह बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। 9 बजकर 56 मिनट पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 294.03 अंकों की गिरावट के साथ 38,042.98 पर कारोबार कर रहा था। उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 9 बजकर 57 मिनट पर 72.85 अंकों की गिरावट के साथ 11,346.40 अंकों पर कारोबार कर रहा था।
इन कंपनियों के शेयरों में दिखी तेजी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी की 50 कंपनियों में से सबसे अधिक तेजी YES BANK, Vedanta Limited,HINDALCO, ZEEL के शेयरों में देखी गई।
इन कंपनियों के शेयरों में दिखी गिरावट
वहीं, निफ्टी 50 में शामिल कंपनियों में से Bajaj Finserv Limited, HDFC, KOTAK BANK, HDFC BANK के शेयरों में आज सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।
भारतीय रुपया
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और घरेलू शेयर बाजारों में बिकवाली के चलते आज सोमवार को रुपया 26 पैसे गिरकर खुला। इसके साथ ही भारतीय रुपये की कीमत एक डॉलर के मुकाबले 69.06 रुपये पर आ गई। इससे पहले शुक्रवार को रुपया एक डॉलर के मुकाबले 68.80 रुपये पर बंद हुआ था।
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चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण सफल, अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचा, देशभर में खुशी की लहर

नई दिल्ली, । Chandrayaan 2 Launch Live Update: भारत के लिए आज बेहद खास दिन है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान-2 को लॉन्च कर इतिहास रच दिया है। चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) को लेकर 'बाहुबली' रॉकेट (GSLV MK-3) दोपहर 2.43 मिनट पर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रवाना हुआ। रॉकेट ने चंद्रयान-2 को अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचा दिया है। चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को लेकर सतीश धवन स्पेस सेंटर में मौजूद वैज्ञानिकों में खुशी की लहर है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग पर नजर बनाए हुए थे। सफल लॉन्चिंग पर वैज्ञानिकों और इसरो की टीम को पीएम मोदी ने बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन 130 करोड़ देशवासियों के लिए गर्व का दिन है।
चंद्रयान-2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग पर इसरो के चीफ के सिवन ने कहा कि हमने चंद्रयान-2 की तकनीकी दिक्कत दूर कर इस मिशन को अंतरिक्ष में भेजा। इसकी लॉन्चिंग हमारी सोच से भी बेहतर हुई है। चांद की तरफ भारत की ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत हुई। चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। उन्होंने कहा कि अभी टास्क खत्म नहीं हुआ है। हमें अपने अगले मिशन पर लगना है।
इसरो की तरफ से कहा गया है कि अभी रॉकेट की गति बिल्कुल सामान्य है। सब कुछ प्लानिंग के हिसाब से ही चल रहा है। दोनों एस- 200 रॉकेट्स चंद्रयान-2 से अलग हो गए हैं।
इसरो के मुताबिक चंद्रयान-2 की लैंडिंग के अखिरी के 15 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होंगे, जब लैंडर विक्रम चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला होगा। उन्होंने कहा कि मिशन पूरी तरह से कामयाब सबित होगा और चंद्रमा पर नई चीजों की खोज करने में सफल रहेगा। 
चंद्रयान-2 को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने की जिम्मेदारी इसरो ने अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल- मार्क 3 (जीएसएलवी-एमके 3) को दी थी। इस रॉकेट को स्थानीय मीडिया से 'बाहुबली' नाम मिला। 640 टन वजनी रॉकेट की लागत 375 करोड़ रुपये है।
इस रॉकेट ने 3.8 टन वजन वाले चंद्रयान-2 को लेकर उड़ान भरी। चंद्रयान-2 की कुल लागत 603 करोड़ रुपये है। अलग-अलग चरणों में सफर पूरा करते हुए यान सात सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव की निर्धारित जगह पर उतरेगा। अब तक विश्व के केवल तीन देशों अमेरिका, रूस व चीन ने चांद पर अपना यान उतारा है। 2008 में भारत ने चंद्रयान-1 लॉन्च किया था। यह एक ऑर्बिटर अभियान था। ऑर्बिटर ने 10 महीने तक चांद का चक्कर लगाया था। चांद पर पानी का पता लगाने का श्रेय भारत के इसी अभियान को जाता है।
इसरो का सबसे मुश्किल मिशन
इसे इसरो का सबसे मुश्किल अभियान माना जा रहा है। सफर के आखिरी दिन जिस वक्त रोवर समेत यान का लैंडर चांद की सतह पर उतरेगा, वह वक्त भारतीय वैज्ञानिकों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होगा। खुद इसरो के चेयरमैन के. सिवन ने इसे सबसे मुश्किल 15 मिनट कहा है। इस अभियान की महत्ता को इससे भी समझा जा सकता है कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी अपना एक पेलोड इसके साथ लगाया है।
दुनियाभर की टिकी है निगाह
चंद्रयान-2 की सफलता पर भारत ही नहीं, पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। चंद्रयान-1 ने दुनिया को बताया था कि चांद पर पानी है। अब उसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए चंद्रयान-2 चांद पर पानी की मौजूदगी से जुड़े कई ठोस नतीजे देगा। अभियान से चांद की सतह का नक्शा तैयार करने में भी मदद मिलेगी, जो भविष्य में अन्य अभियानों के लिए सहायक होगा। चांद की मिट्टी में कौन-कौन से खनिज हैं और कितनी मात्रा में हैं, चंद्रयान-2 इससे जुड़े कई राज खोलेगा। उम्मीद यह भी है कि चांद के जिस हिस्से की पड़ताल का जिम्मा चंद्रयान-2 को मिला है, वह हमारी सौर व्यवस्था को समझने और पृथ्वी के विकासक्रम को जानने में भी मददगार हो सकता है।
तीन हिस्सों में बंटा है चंद्रयान-2
चंद्रयान-2 के तीन हिस्से हैं-ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर। अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के सम्मान में लैंडर का नाम विक्रम रखा गया है। रोवर का नाम प्रज्ञान है, जो संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ज्ञान। चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद लैंडर-रोवर अपने ऑर्बिटर से अलग हो जाएंगे। लैंडर विक्रम सात सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव के नजदीक उतरेगा। लैंडर उतरने के बाद रोवर उससे अलग होकर अन्य प्रयोगों को अंजाम देगा। लैंडर और रोवर के काम करने की कुल अवधि 14 दिन की है। चांद के हिसाब से यह एक दिन की अवधि होगी। वहीं ऑर्बिटर सालभर चांद की परिक्रमा करते हुए विभिन्न प्रयोगों को अंजाम देगा।
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दंतेवाड़ा में नक्सलियों की नई साजिश, पुतला खड़ा कर लगा दिया था बम

दंतेवाड़ा। जिले के थाना क्षेत्र स्थित कोंडासंवाली सीआरपीएफ कैम्प के पास नक्सलियों दो पुतले रखकर नीचे बम लगा दिया था। जिसे जवानों ने सावधानी पूर्वक डिफ्यूज किया।
एसपी डॉ अभिषेक पल्लव इसकी पुष्टि करते बताया कि कोंडासंवाली कि कैम्प से करीब 600 मीटर दूर जगरगुंडा मार्ग में नक्सलियों ने रखें थे। पेंट शर्ट पहने एक पुतला को बांस के सहारे खड़ा और दूसरे को जमीन पर लिटा दिया था। जिसके नीचे रिलीज 5 और 3 किलोग्राम का रिलीज बम लगा रखा था।
रात करीब 9 बजे जवानों की नजर पड़ी तो सावधानी से वहां तक पहुँचे। इसके बाद सतर्कता के साथ बम को डिस्ट्रॉय किया। ज्ञात हो कोंडासंवाली में सीआरपीएफ की 231 बटालियन तैनात है।

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उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगह आकाशीय बिजली गिरने से 32 की मौत, कई घायलउत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगह आकाशीय बिजली गिरने से 32 की मौत, कई घायल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रविवार को अलग अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से 32 लोगों की मौत हो गई, वहीं कई लोग घायल हो गए हैं। कानपुर और फतेहपुर में आकाशीय बिजली ने 7-7 लोगों की जान ले ली। वहीं झांसी में 5, जालौन में 4, हमीरपुर में 3, गाजीपुर में 2 और जौनपुर, कानपुर, चित्रकूट और प्रतापगढ़ में एक-एक की मौत हुई है।
आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौतों के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने मारे गए लोगों के परिजनों को 4-4 लाख की राहत राशि देने की घोषणा की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य के राहत आयुक्त कार्यालय ने पिछले घंटों के दौरान आकाशीय बिजली और सर्पदंश की वजह से 34 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी है
धानपुर में आकाशीय बिजली गिरने की चपेट में बच्चे भी आ गए। दरअसल बच्चे मैदान में जब खेल रहे थे, उसी दौरान बारिश आ गई। बारिश से बचने बच्चे पेड़ के नीचे चले गए। इस दौरान पेड़ पर बिजली गिरने से कुछ बच्चों की मौत हो गई वहीं कई बच्चे गंभीर घायल हो गए।
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राज्यपाल सत्यपाल मिलक ने दिया ऐसा बयान की मचा बवाल, फिर जताया अफसोस

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक विवादित बयान दे दिया। उन्होंने बंदूक उठाने वाले आतंकियों से कहा कि आम लोगों और बेकसूर पुलिस वालों को क्यों मार रहे हैं। मारना ही है तो उन्हें मारो जो देश को लूट रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बंदूक किसी समस्या का समाधान नहीं है। उनके इस बयान के बाद राज्य में सियासी उबाल आ गया है और इसके बाद अब मलिक ने अपने बयान पर खेद जताया है।
उन्होंने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा है कि एक संवैधानिक पद पर बैठकर मुझे ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था। हालांकि, आप उस बयान के शब्दों को ना पकड़ें।
बता दे कि रविवार को कारगिल में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल मिलक ने कहा था कि कश्मीर में जिन लोगों ने बंदूक उठा रखी है, वे पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी अफसर) और एसपीओ (स्पेशल पुलिस अफसर) को मार रहे हैं। आप उन्हें क्यों मार रहे हो? उन्हें मारो जो मुल्क और कश्मीर को लूट रहे हैं। क्या इनमें से किसी को मारा?
राज्यपाल ने कहा, आतंकी बनने वाले युवा फिजूल में अपनी जिदगी गंवा रहे हैं। बंदूक उठाकर सरकार को नहीं हरा सकते। श्रीलंका में एलटीटी सबसे खतरनाक था। वह सभी सरकार से लड़ते हुए खत्म हो गए। अब तो ऐसे लड़के सिर्फ ढाई सौ के आसपास ही रह गए हैं। इनमें से सौ के करीब पाकिस्तानी हैं।
हम तो जीते जी युवाओं को जन्नत दे रहे :
राज्यपाल ने कहा कि अलगाववादी इन युवाओं को गुमराह कर रहे हैं कि मरने के बाद उन्हें जन्नत मिलेगी। हम तो जीते जी उन्हें जन्नत दे रहे हैं। एक तो कश्मीर खुद ही जन्नत है। इसे विकसित करने के लिए काम करें। अपने बच्चों को पढ़ाएं और कश्मीर के विकास के लिए काम करें। राज्यपाल ने कहा कि एक बेहतर मुसलमान के तौर पर मरोगे तो जन्नत मिलेगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में माहौल अब बदल रहा है।
राज्यपाल पर बरसे उमर :
राज्यपाल के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उमर ने ट्वीट किया कि जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति आतंकवादियों को उन नेताओं को मारने के लिए कह रहा है जिन्हें वह भ्रष्ट समझता है। ऐसी गैर कानूनी हत्याओं को मंजूरी देने से पहले शायद उन्हें दिल्ली में इन दिनों अपनी छवि के बारे में पता करना चाहिए।

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क्या खत्म होने जा रही ईरान-अमेरिकी की दुश्मनी? इसलिए जगी आस

Sunday, July 21, 2019

वॉशिंगटन। क्या अमेरिका और ईरान के बीच चार दशक से जारी दुश्मनी खत्म होने जा रही है? ईरान से आ रही सूचनाओं से इसकी उम्मीद जगी है। दरअसल, अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत को हार की तरह देखने वाली ईरान की कट्टर आवाजों में दरार पड़ने लगी है। अब ईरान में भी एक गुट अमेरिका से बातचीत की पैरवी करता दिखने लगा है। कुछ लोगों का मानना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों देशों की दुश्मनी खत्म करने में मददगार हो सकते हैं। खास बात यह भी है कि पैरवी करने वालों में कुछ ऐसे नाम हैं, जिन्हें अमेरिका का धुर विरोधी माना जाता रहा है।
बातचीत की राह तलाश रहे लोगों में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद का नाम सबसे खास है। अहमदीनेजाद को अमेरिका का धुर विरोधी माना जाता रहा है। द न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में उन्होंने कहा, 'ट्रंप जुबान के पक्के आदमी हैं। वह एक कारोबारी हैं और इसीलिए नफा-नुकसान का आकलन करने के बाद फैसला लेने में सक्षम हैं। उनसे कहना चाहिए कि दोनों देश मिलकर लंबी अवधि में होने वाले नुकसान पर विचार करें। तात्कालिक फायदे पर ना जाएं।'
अहमदीनेजाद के काम करने के तरीकों को देखते हुए कुछ लोग उन्हें ईरान का ट्रंप भी कहते हैं। आठ करोड़ की आबादी वाले ईरान में उनके बहुत प्रशंसक हैं। विशेषतौर पर देश का गरीब तबका उनका समर्थक है, क्योंकि उनके समय में ईरान की आर्थिक स्थिति बेहतर थी और लोगों को सरकार की ओर से सब्सिडी भी मिलती थी।
ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जावद जाफरी ने भी इसी तरह की बात कही है। हाल में उन्होंने कहा था कि परमाणु संकट सुलझाने को संभावित रास्तों की तलाश के लिए वह अमेरिकी सीनेटरों से मिलने और चर्चा करने के इच्छुक हैं। पहली बार उन्होंने अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों को क्रमबद्ध तरीके से हटाने जैसे विकल्प की बात कही है। कुछ समय पहले तक जरीफ अमेरिका से तब तक किसी तरह की बातचीत के पक्ष में नहीं थे, जब तक वह फिर से 2015 में हुए परमाणु समझौते में शामिल नहीं हो जाता।
अमेरिका ने पिछले साल खुद को इस समझौते से अलग कर लिया था। अभी आवाजें कम भले हैं, लेकिन जरीफ और अहमदीनेजाद का रुख यह दिखाता है कि अमेरिका को लेकर ईरान में दो गुट बनने लगे हैं। एक गुट है जो अमेरिका के साथ पिछले चार दशक से चले आ रहे टकराव को खत्म करना चाहता है। इन दोनों का बयान इसलिए भी अहम है कि घरेलू राजनीति में दोनों को एक-दूसरे का विरोधी माना जाता है। अपने शासनकाल में अहमदीनेजाद ने जरीफ को सरकार से बाहर कर दिया था।

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पाकिस्तान में बड़ा हादसा टला, रनवे से फिसला विमान, यात्री सुरक्षित

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में शनिवार को बड़ा विमान हादसे टल गया। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का विमान गिलगित एयरपोर्ट पर उतरते समय रनवे से फिसल गया। गनीमत रही कि विमान में सवार 48 यात्रियों में किसी को कोई चोट नहीं आई।
विमान इस्लामाबाद से गिलगित जा रहा था। एयरलाइंस ने एक बयान में बताया कि एटीआर-42 विमान कच्ची जगह से कुछ पहले फिसला, लेकिन पायलट द्वारा विमान पर तत्काल नियंत्रण कर लेने से किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। तस्वीरों में विमान रनवे के बगले में स्थित घास क्षेत्र की तरफ झुका दिखाई दे रहा है।
PIA प्रमुख एयर मार्शल अरशद मलिक ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही जांच रिपोर्ट आने तक पायलट और सहायक पायलट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एयरलाइंस ने एक बयान में कहा, 'CEOने तत्काल और पारदर्शी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अगर किसी प्रकार की मानव या तकनीकी त्रुटि मिलती है तो विमानन कानूनों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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जमीनों पर कब्जा, आजम खां के खिलाफ तीन और मुकदमे

रामपुर। सांसद और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब जमीनों पर कब्जा करने के उन पर शनिवार को तीन और केस दर्ज हुए। अजीमनगर थाने में दर्ज इन मुकदमों में किसानों की जमीनों पर कब्जा कर जौहर यूनिवर्सिटी में मिलाने का आरोप है। इस तरह रामपुर के इस सांसद पर अब तक 27 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
इस बीच, आजम खां के खिलाफ दर्ज कराए जा रहे मुकदमों की जांच के लिए शनिवार को रामपुर पहुंचे सपा विधायक दल को विरोध का सामना करना पड़ा। आजम विरोधियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। गांधी समाधि पर काफिले को घेर लिया और आजम हाय-हाय के नारे लगे। बाद में 21 सदस्यीय विधायक दल ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
ये है ताजा मामला
गांव आलियागंज के किसान जाकिर, मुहम्मद आलिम और नूर आलम का आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के समय सांसद आजम खां, तत्कालीन सीओ सिटी और वर्तमान में यूनिवर्सिटी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी आले हसन खां और तत्कालीन अजीमनगर थानाध्यक्ष कुशलवीर सिह द्वारा उनकी भूमि लेने के लिए मारा-पीटा गया। भूमि का बैनामा कराने के लिए जबरन दबाव बनाया गया। उन्हें एक दिन हवालात में भी बंद रखा गया। जमीन न देने पर चोरी, चरस, स्मैक आदि के झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी गई। इसके बाद भी जब भूमि का बैनामा जौहर यूनिवर्सिटी के पक्ष में नहीं किया तो आरोपितों ने उस पर जबरन कब्जा कर लिया।

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बिहार के दर्जनभर गांवों में घुसा बागमती का पानी, 10 लोग डूबे

पटना। देश का एक हिस्सा जहां मानसून की मेहरबानी की आस लगाए बैठा है, वहीं बिहार में बाढ़ का तांडव जारी है। हालांकि कोसी-सीमांचल के बाद अब उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति सामान्य होने लगी है, लेकिन मधुबनी के बेनीपट्टी और दरभंगा के जाले और केवटी में बागमती और अधवारा समूह की नदियों का पानी दर्जनभर से अधिक गांवों में प्रवेश कर गया है। इस बीच, दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सीतामढ़ी पहुंचकर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों और राहत शिविरों का जायजा लेने के साथ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। जानिए बिहार की बाढ़ की ताजा स्थिति -
पानी और धूप के बीच फंसी है हजारों की की जिंदगी
  • पूर्णिया जिले में परमान, सौरा, महानंदा आदि नदियों के पानी में कमी आई है, लेकिन पीड़ितों की जिंदगी पानी और धूप के बीच फंसी नजर आ रही है। सैकड़ों परिवारों का सबकुछ तबाह हो गया।
  • बाढ़ पीड़ित पिछले आठ दिनों से पॉलीथिन के नीचे रहने को विवश हैं। कटिहार में भी नदियों का पानी घटा है। हालांकि महानंदा अब भी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।
  • कोसी और सीमांचल की नदियों में आई बाढ़ का पानी अब घटने लगा है। कोसी और सीमांचल के जिलों में शनिवार को सात लोगों के डूबने की सूचना है।
  • पूर्वी चंपारण के विभिन्न क्षेत्रों में पानी में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई। पूर्वी चंपारण में गंडक, सिकरहना समेत सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बहने से जनजीवन सामान्य होने लगा है।
  • सीतामढ़ी में बागमती, लखनदेई, लाल बकेया और अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। पुपरी में जलजमाव से आक्रोशित लोगों ने सड़क जामकर, टायर जलाकर प्रदर्शन किया।

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