Madhya Pradesh Tourism

SBI ने शुरू की यह सेवा, बिना ATM कार्ड के निकाल सकेंगे कैश, जानें कैसे

Monday, March 18, 2019

नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में रेपो रेट को बचत खाते से जोड़कर ग्राहकों के फायदे का बड़ा फैसला लिया था और अब एक और कदम उठाया है। इस नए फैसले के बाद अब स्टेट बैंक के ग्राहक बिना एटीएम कार्ड के ही कैश निकाल सकेंगे। यह सुविधा देशभर में मोजूद एसबीआई के 16500 एटीएम पर लागू होगी।
जानकारी के अनुसार स्टेट बैंक द्वारा लॉन्च की गई YONO Cash सुविधा में यूजर YONO ऐप के जरिए बिना कार्ड के कैश निकाल सकेंगे। जिन एटीएम में ये फीचर काम करेगा उन्हें योनो कैश प्वाइंट्स कहा जाएगा।
योनो कैश को YONO SBI के साथ लॉन्च किया गया है जो कि भारत का पहला एकीकृत बैंकिंग और लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म है जो कि एसबीआई को ऐसी सुविधा देने वाला पहला बैंक बनाता है।
कार्डलेस निकासी में कार्ड के भूलने या खोने का डर नहीं रहता है, एसबीआई मान रहा है कि वह योनो कैश फीचर के जरिए ग्राहकों को ज्यादा सुरक्षा और सुविधा प्रदान करके खुश करेगा। योनो कैश के माध्यम से कैश निकासी प्रक्रिया दो तरीकों से सुरक्षित है। पहला ये कि ग्राहकों को योनो एप अपने फोन में इंस्टॉल करना होगा और दूसरा लेनदेन के लिए 6 अंकों का योनो कैश पिन सेट करना होगा। YONO को एंड्रॉइड और आईओएस फोन में चला सकते हैं और वेब पर एक ब्राउजर के जरिए भी इसे चलाया जा सकता है।
कैश निकलाने की प्रक्रिया में ग्राहक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का कोड मैसेज से आएगा, जिसे 30 मिनट के भीतर नजदीकी योनो कैश प्वाइंट पर इस्तेमाल कर कैश निकाल सकते हैं।
एसबीआई चेयरमेन रजनीश कुमार ने लॉन्च पर बात करते हुए, 'योनो कैश हमारे ग्राहकों के लिए सुविधा बढ़ाने और बैंकिंग अनुभव को बेहतर करने के हमारे लक्ष्य की ओर एक कदम है। इस कदम से एटीएम से डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर कैश निकालने में आने वाली चिंताओं को दूर करेगा। YONO के इस फीचर को बिना डेबिट कार्ड कैश निकालने के लिए तैयार किया गया है।'
इसी के साथ उन्होंने कहा कि 'योनो के जरिए हम अगले 2 वर्षों में लेनदेन प्रक्रिया को एकीकृत करके डिजिटल बना रहे हैं।'
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'मेहुल चौकसी' ने की पीएम नरेंद्र मोदी पर पीएचडी, जानिए क्या आया सामने

सूरत। गुजरात के एक छात्र ने गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधान मंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी पर अपनी पीएचडी थीसिस को सफलतापूर्वक पूरा किया है। संयोग से डॉक्टरेट करने वाले इस छात्र का नाम मेहुल चौकसी है। बताते चलें कि छात्र का नाम उस भगोड़े बिजनेसमैन मेहुल चौकसी से मेल खाता है, जो ऋण चूक के मामले में भारत में वांछित है।
राजनीतिक विज्ञान में महारत रखने वाले सूरत के छात्र ने वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी में यह शोध किया और इस विषय पर अपनी थीसिस "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार - केस स्टडी" को पेश किया। चौकसी ने कहा कि अपने शोध के लिए उन्होंने एक सर्वे किया और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की गुणवत्ता के बारे में सरकारी अधिकारियों, किसानों, छात्रों और राजनीतिक नेताओं सहित 450 लोगों से सवाल पूछे।
उन्होंने कहा कि प्रश्नावली में कुल 32 सवाल थे। 450 लोगों द्वारा दिए गए जवाबों को सारणीबद्ध करने के बाद, यह पाया गया कि 25 प्रतिशत लोगों का मानना ​​था कि मोदी के भाषण सबसे अधिक आकर्षक हैं, जबकि 48 प्रतिशत ने कहा कि मोदी राजनीतिक मार्केटिंग सबसे अच्छी है।
चौकसी एक वकील भी हैं। उन्होंने वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी में कला विभाग के नीलेश जोशी के मार्गदर्शन में अपनी पीएचडी पूरी की। उन्होंने अपनी पीएचडी साल 2010 में तब शुरू की थी जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। शुरुआती चरण में, मोदी के सफल नेतृत्व से संबंधित प्रश्न पूछे गए और उन्होंने कहा कि उन्हें 51 प्रतिशत से अधिक लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जबकि मजह 34.25 प्रतिशत से नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
वहीं, इस सर्वे में सामने आया कि 46.75 फीसद लोगों ने कहा कि लोकप्रियता हासिल करने के लिए एक नेता को ऐसे फैसले लेने चाहिए, जिनसे जनता को फायदा हो। चौकसी ने कहा कि 81 प्रतिशत लोग सोचते हैं कि सकारात्मक नेतृत्व वाले व्यक्ति का देश का प्रधानमंत्री होना महत्वपूर्ण है। वहीं, 31 प्रतिशत का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री बनने वाले व्यक्ति की प्रामाणिकता होनी जरूरी है और 34 प्रतिशत का मानना ​​है कि पारदर्शिता होना बहुत जरूरी है।
डॉ. निलेश जोशी ने कहा कि हमें केस स्टडी का विषय बहुत दिलचस्प लगा। हमने कुछ चुनौतियों का सामना किया क्योंकि उस व्यक्ति के बारे में बिना किसी पक्षपात के लिखना मुश्किल होता है, जो उच्च स्थिति रखता है। प्रोफेसर ने कहा कि लोगों तक पहुंचना और उनकी प्रतिक्रिया मांगना भी चुनौतीपूर्ण कामों में से एक था।
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भारत और अमेरिका मिलकर बनाएंगे अत्याधुनिक लड़ाकू मानव रहित विमान

Sunday, March 17, 2019

वाशिंगटन। भारत के साथ रक्षा संबंधों को एक पायदान और ऊंचा उठाते हुए अमेरिका ने साथ मिलकर लघु आकार के लेकिन अति प्रभावी मानवरहित विमान (यूएवी) का विकास करने की घोषणा की है। साथ ही हल्के छोटे हथियार बनाने की तकनीक विकसित करने के लिए दोनों देश मिलकर कार्य करेंगे। इतना ही नहीं दोनों देश लड़ाकू विमानों के रखरखाव का कार्य भी साथ मिलकर करेंगे। यह बात अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की वरिष्ठ अधिकारी ने कही है।
अमेरिका की तरफ से यह बयान हाल ही में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की रक्षा तकनीक और व्यापार संभावनाओं पर हुई बैठक के बाद आया है। बैठक में दोनों देशों के उद्योगों के मिलकर कार्य करने और अगली पीढ़ी की तकनीक विकसित करने पर बल दिया गया था। पेंटागन के रक्षा मामलों की उप सचिव एलेन लॉर्ड ने कहा, लघु आकार के यूएवी विकसित करने की संभावनाओं पर दोनों देश मिलकर कार्य कर सकते हैं।
लॉर्ड ने भारत के रक्षा उत्पादन मामलों सचिव अजय कुमार के साथ दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता की थी। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। एलेन लॉर्ड ने कहा, हम लड़ाकू विमानों की सहायता के लिए कम लागत वाला प्रभावी तंत्र विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। तीन उद्देश्यों को ध्यान में रखकर यह यूएवी विकसित किया जाएगा।
आपदा की स्थिति में यह यूएवी मानवीय सहायता उपलब्ध कराने और राहत कार्य में मदद करेगा। सीमा पार कार्रवाई के लिए और कार्रवाई के दौरान जानकारियां देने का कार्य करेगा। गुफाओं और सुरंगों में जाकर वहां की जानकारी देने में सक्षम होगा। यह यूएवी मौजूदा तकनीक वाले यूएवी से 40 प्रतिशत हल्का और ज्यादा प्रभावी तरीके से कार्य करने में सक्षम होगा।
ड्रोन के विकास के संबंध में अमेरिकी वायुसेना की शोध प्रयोगशाला और भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के बीच विचार-विमर्श हुआ है। अप्रैल में दोनों संस्थाएं एक तकनीक योजना प्रपत्र को साझा करेंगी। एलेन लॉर्ड ने बताया कि हम सितंबर में इन परियोजनाओं पर समझौता करने की ओर बढ़ रहे हैं। इस परियोजना में तकनीक विकास के साथ ही औद्योगिक निर्माण में भी भारत के साथ कार्य किया जाएगा।
एलेन लॉर्ड ने कहा, हम दोनों देशों के लिए उपयोगी तकनीक का विकास करेंगे। इससे हमारी युद्ध लड़ने की क्षमता में इजाफा होगा। यह हमारी सरकार, हमारी शोध संस्थाओं और हमारी औद्योगिक इकाइयों के बीच सहयोग की बहुत बड़ी और प्रभावशाली योजना है। इसका दोनों देशों को बड़ा लाभ होगा। इस सिलसिले में अगली बैठक सितंबर में भारत में होगी।
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Lok Sabha Election 2019 : चुनाव आते ही हिट हुआ मोदी-प्रिंयका का स्टाइल

देश चुनावी मूड में है। नेता जहां वोट की खातिर लोगों के बीच जाने से पहले अपने ड्रेसिंग स्टाइल को लेकर काफी सतर्क हैं वहीं आम लोग खासकर युवा भी इससे अछूते नहीं हैं। वे नेताओं के ड्रेसिंग स्टाइल को फॉलो कर राजनीति में फैशन के तड़के को और चटख कर रहे हैं।
पॉलिटिकल लाइन' के नाम से लांच किए जा रहे राजनीतिज्ञों के स्टाइल से प्रेरित विशेष प्रकार के परिधानों को पहनने में युवा खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। नेता एक तरह से युवाओं के लिए फैशन आइकन बन रहे हैं। इन दिनों डिजाइनर्स कुछ पॉलिटिशियंस के वार्डरोब पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं। हालांकि, डिजाइनर पॉलिटिशियंस के 'ड्रेस लाइन' को आम नहीं कर रहे हैं फिर भी फैशन डिजाइनर्स इन लोगों के पहनावे पर और स्टाइल पर अध्ययन कर लोगों को इसी तरह का लुक देने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
सुषमा स्वराज, स्मृति और प्रियंका गांधी की पसंद...
सुषमा, स्मृति और प्रियंका का साड़ी प्रेम फैशन डिजाइनर ऋतिकाअग्रवाल का कहना है कि इस समय लोग नेत्रियों के पैटर्न और डिजाइन को अपना रहे हैं। इसमें कॉटन व खादी की साड़ियों के लिए लोग सुषमा स्वराज, प्रियंका गांधी वाड्रा व स्मृति ईरानी को फॉलो कर रहे हैं। वहीं भाजपा नेत्री शाइना एनसी नेट की साड़ी और हेयर स्टाइल के जरिए एक ग्लैमरस पॉलिटिशियन की मिसाल पेश कर रही हैं। इसे युवतियां हाथों-हाथ ले रहे हैं। हरसिमरत कौर बादल भी अपनी सादगी के साथ ही अपने पहनावे में सफेद और पेस्टल शेड्‌स के लिए जानी जाती हैं। डिजाइनर प्रीति घई का कहना है कि उनके हर परिधान में दुपट्टे और सूट का कॉम्बिनेशन एक सेट पैटर्न पर होता है। सिर पर लिया जाने वाला दुपट्टा पेस्टल शेड्‌स में लेती हैं और इस बात का विशेष ध्यान रखती हैं कि सूट और दुपट्टा सही तरीके से कैरी करें।
खादी व कॉटन में डिंपल यादव की सादगी डिंपल यादव अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि के लिए लोगों के बीच इतनी लोकप्रिय नहीं हुई होंगी, जितनी अपनी सादगी और पहनावे के चयन को लेकर सराही जाती हैं। पॉलिटिकल लाइन डिजाइन करने वाली डिजाइनर प्रीति के मुताबिक, वह खादी और कॉटन के अलावा कोटा, इकत और जूटसाड़ियों के साथ प्लेन चिकनकारी सूट अपने पहनावे में शामिल करती हैं। बीच की मांग से किया गया हेयर स्टाइल भी युवतियों को भा रहा है।
पीएम मोदी और सिंधिया की पसंद...

मोदी-सिंधिया और सचिन पायलट का स्टाइल लुभावना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कम फैशनेबल नहीं माने जाते। फैशन डिजाइनर अभिषेक शर्मा के मुताबिक, युवा इनके परिधानों के स्टाइल भी कॉपी करना चाहते हैं। इनकी वजह से इन दिनों चेक शर्ट, हाफ जैकेट, ब्लेजर व शेरवानी की मांग बढ़ गई है। अन्य की बात करें तो उमर अब्दुल्ला, सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं का ड्रेसिंग स्टाइल भी लोगों को लुभा रहा है।
क्या कहते हैं डिजाइनर...
'नेता अब पहनावे की परिधियों को तोड़ रहे हैं। मैं दिल्ली एनसीआर के अलावा मेरठ जैसे शहरों में कुछ नेताओं व नेत्रियों के परिधान डिजाइन कर रही हूं। इन नेताओं के लिए मेरे 'पॉलिटिकल लाइन' में कॉलर सूट के साथ हैवी दुपट्टा और साड़ी विद जैकेट शामिल है। इन्हीं डिजाइंस को लेकर युवा भी दीवानगी दिखा रहे हैं और हूबहू डिजाइंस चाहते हैं।' - सिल्की नंदा, फैशन डिजाइनर, फैशन फ्रेगरेंस 'नेता एलीगेंस के साथ स्टाइल की मांग करते हैं। सादगी के साथ स्टाइलिश परिधानडिजाइन किए जा रहे हैं। इस दौरान खादी व कॉटन साड़ियों की मांग बढ़ी है। पुरुषों में सचिन पायलट के चेकशर्ट, उमर अब्दुल्ला की जैकेट व शेरवानी, ज्योतिरादित्य सिंधिया के असेंबल्ड परिधान युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं।' -ऋतिका अग्रवाल, फैशन डिजाइनर
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Goa: दिगंबर कामत के भाजपा में शामिल होने और सीएम बनने की चर्चा

पणजी। गोवा में चल रहे सियासी संकट और सीएम मनोहर पर्रिकर के बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच चर्चा है कि दिगंबर कामत नए मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। कामत गोवा में कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं और उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें चल रही हैं।
इस बारे में गोवा के डिप्टी स्पीकर माइकल लोबो ने कहा है कि भाजपा विधायकों की बैठक में भी दिगंबर कामत पर चर्चा हुई थी, यदि वह भाजपा में शामिल होते हैं तो सीएम बनने के फैसला केंद्रीय नेतत्व करेगा। कामत गोवा में कांग्रेस के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

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चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेन में डकैती, चेन पुलिंग के बाद 3 स्लीपर कोचों में जमकर लूटपाट

सहारनपुर। चेन्नई से देहरादून जा रही 12687 अप चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेन में डकैतों ने धावा बोल दिया। शनिवार तड़के करीब तीन बजे उप्र के सहारपुर स्थित उत्तराखंड बार्डर के नजदीक हिडन पुल पर चेन पुलिंग कर रोकने के बाद आठ-दस नकाबपोश बदमाशों ने करीब 50 मिनट तक तीन स्लीपर बोगियों में लूटपाट की। 20 से ज्यादा यात्रियों से सोने-चांदी के आभूषण के साथ नकदी लूट ली। विरोध करने पर यात्रियों से मारपीट भी की गई।
यात्रियों के मुताबिक, सभी बदमाशों के पास चाकू थे। चेन्नई एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटा देरी से रात ढाई बजे सहारनपुर पहुंची थी। यहां से रुड़की के लिए रवाना हुई। सहारनपुर-रुड़की बॉर्डर के करीब हिडन पुल पर चेन पुलिंग कर बदमाशों के एक साथी ने ट्रेन को रोक लिया। यात्रियों के मुताबिक, इसके बाद आठ से ज्यादा नकाबपोश बदमाश चढ़ गए।
कोच संख्या एस-1, एस-2 व एस-3 में घुसे बदमाशों ने चाकू निकालकर गहरी नींद में सो रहे यात्रियों को आतंकित कर दिया। नकदी व जेवर लूटना शुरू कर दिया। ज्वालापुर स्थित वाणप्रस्थ आश्रम निवासी आरसी त्रिपाठी ने विरोध किया तो चाकू से उनके सिर पर वार कर दिया। इस दौरान ट्रेन में चीख-पुकार मच गई। बदमाशों ने तीनों कोच के 20 यात्रियों से लूटपाट की।
एस-4 में घुसने की कोशिश की, मगर एक यात्री ने इंटरकनेक्ट रास्ते के शटर को बंद कर दिया था। इसके बाद बदमाश ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। घटना के बाद ट्रेन रुड़की पहुंची। रात में ही इंस्पेक्टर जीआरपी सहारनपुर राशिद अली रुड़की पहुंच गए। एडीजी रेलवे संजय सिघल ने भी फोन पर घटना की जानकारी ली।
एक यात्री आइआइटी में लैब असिस्टेंट मदुरई निवासी के. कुमार ने 30 हजार रुपये नकद, एलईडी टीवी, सोने की दो चेन, मंगलसूत्र और एटीएम कार्ड लूटने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सहारनपुर जीआरपी के इंस्पेक्टर राशिद अली का कहना है कि चेन्नई एक्सपे्रस में दो महिला व दो पुरुष यात्रियों से चार बदमाशों ने लूटपाट की है। लूटपाट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले का जल्द पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
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Lok Sabha Seat Sharing In Bihar: BJP-JDU-LJP में हो गया सीटों का बंटवारा, जानिए कौन कहां से लड़ेगा

पटना। बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों के लिए एनडीए में बंटवारा हो गया है। भाजपा जहां 17 सीटों पर लड़ेगी, वहीं जेडीयू भी 17 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। लोकजनशक्ति पार्टी को 6 सीटें मिली हैं। पटना में JDU के दफ्तर पर एनडीए नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की नवादा सीट सहयोगी लोजपा को दे दी गई है। ऐसे में गिरिराज सिंह अब भाजपा के टिकट पर बेगूसराय से चुनाव लड़ सकते हैं।
2014 के चुनावों में भाजपा ने जहां 31 सीटों पर जीत दर्ज की थी, वहीं जदयू के खाते में 2 सीटें गई थीं। कांग्रेस को दो तो लालू की पार्टी को महज चार सीटें मिली थीं।
सूत्रों के अनुसार, काफी जद्दोजहद के बाद बिहार में एनडीए के सहयोगी दलों के बीच सीटों का मामला सलटा है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जदयू और लोजपा नेताओं से बातचीत करके इसका समाधान निकाला है।
जदयू - सीतामढ़ी, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा, सीवान, मुंगेर , जहानाबाद ,गया, सुपौल, गोपालगंज, बांका, सीतामढ़ी, झंझारपुर, भागलपुर, पूर्णिया, काराकट और नालंदा।
भाजपा - पश्चिमचंपारन,पू्र्व चंपारम, मधुबनी, अररिया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, पटनासाहिब, सासाराम, बक्सर, दरभंगा, पाटलिपुत्र, महाराजगंज, आरा, सारण, उजियारपुर, औरंगाबाद, शिवहर।
लोजपा - वैशाली, हाजीपुर, समस्तीपुर, खगड़िया, जमुई, नवादा
इससे पहले भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश के सभी शीर्ष नेताओं को दिल्ली बुलाया था, जहां भाजपा मुख्यालय में प्रदेश कोर कमेटी की बैठक हुई। उसके बाद अमित शाह ने प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में अधिकृत सुशील कुमार मोदी, नित्यानंद राय, प्रेम कुमार और बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव व संगठन महामंत्री नागेंद्र के साथ बैठक कर सहयोगी दलों के साथ चल रही सीटों की गुत्थी को सुलझाई थी।
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BJP केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आज 4 बजे, जारी हो सकती है उम्मीदवारों पहली सूची

Saturday, March 16, 2019

नई दिल्ली। तापमान की तरह ही देश का सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। आज शाम 4 भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होने जा रही है। इसमें पार्टी के लोकसभा प्रत्याशियों की पहली सूची को मंजूरी दी जा सकती है। इस सूची में अधिकांश प्रत्याशी 11 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव क्षेत्रों के हो सकते हैं।
खबरों के अनुसार इस लिस्ट में 100 से अधिक उम्मीदवारों के नाम हो सकते हैं जिनमें प्रधानमंत्री मोदी का नाम सबसे ऊपर होगी। इसके अलावा कुछ नेताओं की सीट बदलने के अलावा कुछ का पत्ता भी कट सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी की पहली लिस्ट में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की 42 सीटों के अलावा पश्चिम यूपी, उत्तराखंड, बिहार, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की कुछ सीटें भी शामिल हो सकती है।
खबर यह भी है कि कुछ सांसदों की सीट भी बदली जा सकती है इनमें बिहार से सासंद गिरिराज सिंह का नाम शामिल है। दावा है कि इसके लिए सांसद तैयार हैं। बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर भी गणित सामने आया है जिसमें भाजपा और जदयू के बीच 17-17 सीटों पर सहमति बनने का दावा है वहीं लोजपा को 6 सीटें मिली हैं।
शाम को होने वाली चुनाव समिति की बैठक में भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह व अन्य शीर्ष भाजपा नेता शामिल होंगे। याद रहे, 543 लोस सीटों के लिए सात चरणों में 11 अप्रैल से 19 मई तक मतदान होने वाला है। मतगणना 23 मई को होगी। आंध्र व तेलंगाना की सभी 42 सीटों पर पहले चरण में 11 अप्रैल को वोट पड़ेंगे, जबकि उप्र, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा व असम की भी कुछ सीटों पर इसी दिन मतदान होगा।
कई चेहरे बदलने की उम्मीद
पीएम मोदी सत्ता विरोधी प्रभाव से निपटने के लिए अक्सर कई प्रत्याशियों को बदल देते हैं। ऐसे में मौजूदा सांसदों के भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। प्रत्याशी बनाने के लिए पार्टी ने कई तरह का फीडबैक मंगाया है। जहां जनता की राय ली गई है वहीं सांसदों से भी उनके द्वारा कराए गए कार्यों का ब्योरा मांगा गया है।
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पुलवामा के पिंगलीना में सेना छोड़कर भागने वाले युवक को आतंकियों ने मारी गोली

Thursday, March 14, 2019

पुलवामा। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में बुधवार को आतंकियों ने एक युवक की उसके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। मारा गया युवक सेना से भगोड़ा था। पुलिस के अनुसार, वारदात पुलवामा के पिगलीना गांव के नायक मुहल्ले में हुई। 25 वर्षीय आशिक हुसैन अपने घर में दाखिल हो रहा था। तभी अचानक नकाब पहने आतंकी आए और उन्होंने आशिक पर गोलियां दाग दीं। आशिक को मरा समझकर आतंकी वहां से फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल आशिक को स्थानीय लोगों व परिजनों ने तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत लाया घोषित कर दिया। इस घटना के बाद स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के जवानों ने पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
सेना के अनुसार, आशिक हुसैन ने कभी भी जवान की शपथ नहीं ली। पंद्रह जनवरी 2018 को वह टेरीटोरियल आर्मी में भर्ती हुआ था। 21 मई 2018 को जेकलाइ रेजीमेंटल सेंटर में गया। 14 सितंबर को वह तीन दिन की छुट्टी पर घर गया, लेकिन उसके बाद कभी नहीं लौटा। 17 सितंबर को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। इसीलिए उसका सेना के साथ कोई भी लेना देना नहीं है।

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Twitter को सरकार की चेतावनी, भड़काऊ कंटेंट नहीं हटाया तो जाना होगा जेल

नई दिल्ली। ''आपत्तिजनक और भड़काऊ'' कंटेंट और उसे पोस्ट करने वाले हैंडल के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर ट्विटर के शीर्ष अधिकारियों को जेल जाना पड़ सकता है।
एक अंग्रेजी अखबार ने इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री के सूत्रों के हवाले से यह बताया है कि ''भड़काऊ और आपत्तिजनक'' कंटेंट और उसे पोस्ट करने वाले हैंडल को नहीं हटाए जाने के मामले में सोशल मीडिया साइट ट्विटर के शीर्ष अधिकारियों न केवल जुर्माना बल्कि सात साल जेल तक की सजा हो सकती है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ट्विटर से भारत के आईटी एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक काम करने के लिए कहा गया है, वरना उसे इसी एक्ट की धारा 69ए के तहत सजा का सामना करना पड़ सकता है।
आईटी एक्ट की यह धारा सरकार को उन सभी कंटेंट और हैंडल को ब्लॉक करने का अधिकार देती है, जो भारत की संप्रभुता और एकता को नुकसान पहुंचा सकती है। या फिर वैसी सामग्री जो कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ सकती है।
आईटी मिनिस्ट्री की तरफ से यह चेतावनी वैसे समय में आई है, जब हाल ही में संसद की स्थायी समिति ने चुनाव से पहले कथित पूर्वाग्रही तरीके से कई खातों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की शिकायत के बाद ट्विटर को तलब किया था। हालांकि, ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी समिति के समक्ष पेश नहीं हुए थे।
आम चुनाव को देखते हुए फेसबुक और ट्विटर को राजनीतिक प्रक्रिया में दखल नहीं देने के बारे में आगाह किया जा चुका है। हाल ही में ट्विटर ने 'एड्स ट्रांसपैरेंसी सेंटर' की शुरुआत की है, जिसमें कोई व्यक्ति राजनीतिक विज्ञापनों के बारे में जानकारी ले सकता है। इसमें विज्ञापन देने वालों की तरफ से किए गए खर्च और उस पर मिले इंप्रेशन को भी देखा जा सकता है।
पिछले महीने संसदीय समिति ने ट्विटर से चुनाव आयोग के साथ मिलकर काम करने को कहा था। ट्विटर के अधिकारी बता चुके हैं कि लोकसभा चुनाव में कोई ''अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप'' नहीं होगा।
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Uttar Pradesh Lok Sabha Election 2019: प्रियंका के जाते ही चंद्रशेखर बोले, कांग्रेस से मेरा लेना-देना नहीं

मेरठ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनावी माहौल में बुधवार को भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर से मुलाकात कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। चंद्रशेखर ने तमाम प्रयासों की हवा निकालते हुए साफ कर दिया कि उनका कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। यदि गठबंधन उन्हें सहयोग करे तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहते हैं।
गौरतलब है कि चंद्रशेख्रर मंगलवार को बिना अनुमति बहुजन सुरक्षा अधिकार यात्रा निकाल कर दिल्ली जा रहे थे। इस पर पुलिस ने उन्हें सहारनपुर में हिरासत में ले लिया था। इसी दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई, उन्हें मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भीम आर्मी समर्थकों ने प्रियंका को रोका
शाम करीब पांच बजे प्रियंका गांधी कांग्रेस नेताओं के साथ मेरठ के आनंद अस्पताल पहुंचीं। पहले तो सुरक्षाकर्मियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं व मीडिया को अंदर जाने से रोक दिया। बाद में जब प्रियंका तीसरे तल पर भर्ती चंद्रशेखर से मिलने पहुंचीं, तो वहां उन्हें भी भीम आर्मी समर्थकों ने रोक दिया। वे बोले, चंद्रशेखर की अनुमति मिलने के बाद ही मिलने जाने देंगे। करीब दस मिनट तक प्रियंका अस्पताल स्टाफ के साथ दूसरे कमरे में बैठी रहीं। इसके बाद ज्योतिरादित्य व राजबब्बर के साथ चंद्रशेखर से मिलने कमरा नंबर 210 में पहुंचीं और हालचाल पूछा। इस दौरान चंद्रशेखर ने प्रियंका गांधी से स्पष्ट कहा कि अगर यह मुलाकात राजनीति से प्रेरित है तो वह कोई बात नहीं करेंगे। इस बीच राजबब्बर व ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कुछ बोलना चाहा, लेकिन चंद्रशेखर ने उन्हें रोक दिया।
चंद्रशेखर का जोश पसंद आया, इसलिए मिलने आ गई
उधर, प्रियंका गांधी ने कहा कि मुझे चंद्रशेखर का जोश पसंद आया इसलिए उनसे मिलने आ गई। उनके संघर्ष से परिचित हूं। मोदी सरकार अहंकारी है, जो युवाओं का रोजगार छीनती है। चंद्रशेखर जैसे नौजवान अपने समाज और रोजगार की खातिर आवाज उठाते हैं, जिसे दबाया जा रहा है। प्रियंका ने कहा कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। बहरहाल, शाम 5.35 बजे वह पार्टी नेताओं के साथ अस्पताल से दिल्ली लौट गईं।
पश्चिमी उप्र की किसी सीट से नहीं लड़ेंगे चुनाव
उधर, चंद्रशेखर ने साफ कर दिया कि वह कांग्रेस में नहीं जाएंगे और सपा-बसपा गठबंधन का ही समर्थन करेंगे। भीम आर्मी प्रमुख ने नगीना या पश्चिमी उप्र की किसी सीट से कांग्रेस के समर्थन से चुनाव लड़ने की बात भी खारिज की। कहा, यदि गठबंधन साथ दे तो वह मोदी के खिलाफ बनारस से चुनाव लड़ेंगे। उनका मकसद बहुजन समाज को शिखर पर ले जाना है।
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बोइंग 737 मैक्स संकट का आज उड़ानों पर दिखेगा असर, होली से पहले 60% तक बढ़े किराए

नई दिल्ली। भारतीय विमान यात्रियों के लिए गुरुवार का दिन मुश्किल भरा साबित हो सकता है। बोइंग 737 मैक्स 8 विमानों पर उड़ान पाबंदी का असर स्पाइसजेट की उड़ानों पर पड़ेगा, जिसके 12 मैक्स विमान खड़े कर दिए गए हैं। जेट एयरवेज के पांच विमान पहले से लीज रेंट अदा न करने के कारण खड़े हैं। ऐसे में दर्जनों उड़ानें रद्द होने की संभावना है। वहीं दूसरी तरफ होली के कारण जहां ट्रेनों में भीड़ है वहीं हवाई यात्रा के किराए भी आसमान छूने लगे हैं।
विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा कि "गुरुवार को 30-35 उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। लिहाजा सरकार ने दूसरी एयरलाइनों से यात्रियों को समायोजित करने को कहा है।" बुधवार को भारतीय उड्डयन नियामक डीजीसीए ने भी चार बजे से इन विमानों की आवाजाही बंद कर दी। नागरिक विमानन मंत्रालय ने सभी एयरलाइनों की बैठक बुलाकर उनसे स्पाइसजेट के प्रभावित यात्रियों को यथासंभव समायोजित करने को कहा है।
स्पाइजेट ने अपने बयान में कहा है कि मैक्स विमानों के ग्राउंड होने के बाद उसने बुधवार को इन विमानों से संबंधित 14 उड़ाने कैंसिल की हैं। इसकी भरपाई के लिए वह गुरुवार से अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी। स्पाइसजेट के 76 विमानों के बेड़े में 12 विमान बोइंग 737 मैक्स 8 हैं। जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं उनमें से ज्यादातर को स्पाइसजेट की ही दूसरी उड़ानों में समायोजित कर लिया गया है।"
60 प्रतिशत तक बढ़ा किराया
मैक्स संकट के कारण हवाई किराया भी 60 फीसदी तक ऊपर चढ़ गया है। इसका फायदा एयर इंडिया, विस्तारा, गो एयर और इंडिगो को हो रहा है। होली के कारण पहले ही किराए बढ़ रहे थे। दिल्ली-मुंबई रूट के किरायों में 50 फीसदी और दिल्ली-चेन्नई के किराए में दो गुना तक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसे देखते हुए सरकार ने एयरलाइनों से किराए को काबू में रखने की अपील की है।
विमानन सचिव खरोला ने कहा कि "हमने एयरलाइनों से किराए में बढ़ोतरी को सीमित रखने को कहा है। हम किराए पर नजर रख रहे हैं।" मैक्स विमानों के भविष्य को लेकर डीजीसीए लगातार दूसरे देशों के उड्डयन नियामकों के संपर्क में है। मैक्स विमानों की भविष्य की डिलीवरी के बारे में खरोला ने कहा, "चूंकि सभी मैक्स विमानों के लिए एयरस्पेस बंद है। इसलिए हम भविष्य की डिलीवरी के बारे में कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं।"
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बस्तर में खास महत्व रखता है यह मेला, शामिल होते हैं 350 गांवों के देवी-देवता

Wednesday, March 13, 2019

कोंडागांव। बस्तर की आदिवासी संस्कृति में इस मावली मेले का विशेष महत्व है। कोंडागांव में सदियों से यह मेला लग रहा है और इस मेले की सबसे खास बात यह है कि करीब 350 गांवों के ग्रामीण अपने ग्राम देवता के साथ इस मेले में शामिल होने आते हैं। इस मेले की शोभायात्रा में जो नजारा दिखाई पड़ता है वह अपने आप में बेहद रोचक है साथ ही आस्था और विश्वास की इंसानी भावना को दर्शाता है।
तरह-तरह की यातनाएं खुद को देते हुए लोग यहां नजर आते हैं। किसी ने अपने गालों के आर-पास सूल घोंपा है तो कोई अपनी जीभ को ही सूजों से भेद कर आया है। लोग अपने आप को कंटीली जंगीरों से मारते हैं और दर्द की अनूभूति में देवता को अपने करीब महसूस करते हैं।
अपनी विशिष्ट ऐतिहासिक स्थानीय परंपरा के लिए यह मेला पूरे देश में प्रसिद्घ है। यहां बस्तर की ऐतिहासिक, पारंपरिक, आदिवासियों की सांस्कृतिक,धार्मिक छटा दिखाई देती है।
आस्था के अनुरूप देवी-देवताओं के अद्भुत रूपों का प्रदर्शन होता है। क्षेत्रवासियों को कोंडागांव के मावली मेले का वर्ष भर इंतजार रहता है। बस्तर की संस्कृति व परंपरा से परिचित होने के लिए देश-विदेश से शैलानी भी मेले में पहुंचते हैं। कोंडागांव मेला सप्ताह भर का होता है। जो मंगलवार से शुरू हो कर रविवार तक चलेगा।
मेले के पहले दिन कोंडागांव के कुम्हारपारा स्थित बूढ़ी माता मंदिर में पटेल गांयता पुजारी व सभी ग्रामीण एकत्रित होकर ढोल-नगाड़े, मोहरीबाजा आदि पारंपरीक वाद्य यंत्रों की धुन के साथ बूढ़ी माता की पालकी लेकर मेला स्थल पहुंचते हैं।
बूढ़ी माता या डोकरी देव के आगमन के बाद नगर में आगंतुक देवी-देवताओं का स्वागत सत्कार होता है। इसके पश्चात मेले में पलारी से आई देवी पलारीमाता द्वारा मेला स्थल का फेरा लगाया जाता है।
बाद में अन्य सभी देवी देवताओं, लाट, अंगा, डोली आदि मेला की परिक्रमा करते हैं। मेले में फेरे के दौरान कुछ देवी-देवता लोहे की कील की कुर्सियों में विराजमान रहते हैं। मेला परिक्रमा के पश्चात देवी-देवता एक जगह एकत्रित होकर अपनी अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करते हैं। जिसे देव खेलाना या देव नाच कहते हैं।
इस पारंपरिक मेले में अब व्यवसायिकता का तड़का भी लगने लगा है। मीना बाजार की तरह कई तरह के झूले यहां लगे हैं साथ ही सरकारी स्तर पर चौपाटी और हस्तशिल्प प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है। यहां लकड़ी, बांस, बेलमेटल सहित कई तरह के हस्तशिल्प उत्पाद लोगों को मिल रहे हैं।

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BSP प्रत्याशियों के नाम पर लखनऊ में चर्चा, 3 सीटें सपा के लिए छोड़ीं

ग्वालियर। बहुजन समाज पार्टी ने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। ग्वालियर चंबल संभाग के प्रभारी इन दिनों लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। जिन लोगों ने दावेदारी जताई है, उनके नाम की सूची भी वह साथ लेकर गए हैं। जहां पर बसपा सुप्रीमों के सामने यह सूची रखी जाएगी। इसके बाद प्रत्याशियों को मुलाकात के लिए बुलाया जाएगा। मध्यप्रदेश में बसपा-सपा साथ मिलकर मैदान में उतर रही है, ऐसे में भाजपा, कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी का प्रदर्शन कोई खास बेहतर नहीं रहा है। ऐसे में लोकसभा चुनाव में बसपा-सपा ने साथ मिलकर मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। दोनों पार्टी मध्यप्रदेश में 29 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी, जिसमें 26 सीटों पर बसपा एवं 3 सीटों पर सपा के प्रत्याशी मैदान में होंगे। ग्वालियर ग्रामीण से चुनाव हारने वाले बागी नेता ने भी लोकसभा चुनाव के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।
इसके अलावा करीब आधा दर्जन से अधिक नाम ग्वालियर-चंबल संभाग प्रभारी महेश आर्य के पास पहुंचे हैं। इस सूची को लेकर वह लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। जहां लोकसभा चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। इसमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों से बसपा के कोर्डिनेटरों को बुलाया गया है। आचार संहिता की जानकारी देने के साथ ही जिन लोगों ने दावेदारी जताई है, उनके बारे में भी बसपा सुप्रीमो मायावती से चर्चा की जाएगी। हालांकि नामों को लेकर निर्णय होने में अभी समय लगेगा, क्योंकि अभी दावेदारों को बसपा सुप्रीमो के सामने अपनी दावेदारी का आधार भी बताना होगा।
विधानसभा चुनाव के बाद हुआ बदलाव
विधानसभा चुनाव के दौरान जिला कार्यकारिणी एवं स्टेट कोर्डिनेटरों के बीच तालमेल नहीं होने से विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी। दोनों पक्षों की तरफ से काफी शिकायतें भी हुई थीं। इसके बाद चुनाव के बीच ही जिलाध्यक्ष को बदल दिया गया था। बाद में अन्य पदाधिकारियों को भी बदला गया है। साथ ही स्टेट कोर्डिनेटर भी बदले गए हैं।
तीन सीटों पर प्रत्याशी फाइनल
बसपा सूत्रों के मुताबिक तीन सीटों पर अब तक प्रत्याशी फाइनल हो चुके हैं। इसमें मुरैना से पूर्व सांसद रामलखन सिंह, सतना से अच्छे लाल कुशवाह एवं गुना शिवपुरी लोकसभा सीट से प्रत्याशी फाइनल हो चुके हैं। तीन में से दो सीटों पर ओबीसी जबकि एक सीट पर सामान्य वर्ग को टिकट दिया गया है। पार्टी टिकट वितरण में जातिगत समीकरण भी साधने का प्रयास कर रही है।
नाम आए हैं
प्रत्याशियों के नाम हमारे पास आए हैं। अभी इसी संबंध में चर्चा के लिए हम लखनऊ आए हुए हैं। हालांकि अभी बसपा सुप्रीमो खुद प्रत्याशियों से भी चर्चा करेंगी। प्रदेश में बसपा एवं सपा के बीच समझौता हो चुका है, 26 सीटों पर बसपा एवं 3 सीटों पर सपा प्रत्याशी उतारेगी। मुरैना, सतना एवं गुना शिवपुरी से प्रत्याशियों के नाम फाइनल हो चुके हैं- महेश आर्य, कोर्डिनेटर ग्वालियर चंबल संभाग बसपा
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पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर भाजपा पहुंची चुनाव आयोग, कहा- केंद्रीय बल की हो नियुक्ति

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मंथन जारी है वहीं भाजपा पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत के लिए पहुंची है। भाजपा ने अपनी शिकायत में कहा है राज्य में स्थितियां खराब है और ऐसे में पेरा मिलिट्री फोर्स की मौजूदगी में चुनाव करवाए जाएं। साथ ही मीडिया के लिए भी ऑब्जर्वर नियुक्त किया जाए।
जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, भाजपा महासचिव कैलाश समेत वरिष्ठ नेताओं का एक दल बुधवार को चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा। अधिकारियों से मुलाकात के बाद बाहर आए भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने मीडिया को बताया कि उन्होंने कई शिकायतें और मांगे आयोग के सामने रखी हैं।
उन्होंने कहा कि हमने अपनी शिकायत में कहा है कि राज्य को अति संवेदनशील घोषित किया जाए। साथ ही पुलिस प्रशासन टीएमसी के कार्यकर्ता की तरह काम करता है इसलिए लोकसभा चुनाव शांति और निष्पक्षता के साथ हो इसलिए पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात की जाए। साथ ही राज्य में मीडिया को भी आजादी नहीं है और इसके लिए मीडिया ऑब्जर्वर भी नियुक्त किया जाए।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि हमने आयोग से राहुल गांधी के खिलाफ भी शिकायत की है कि वो अपने बयानों में झूठ बोलते हैं। आचार संहिता में कहा गया है कि बिना तथ्यों के कोई आरोप नहीं लगा सकते।

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ईडी ने नीरव मोदी के खिलाफ दाखिल किया नया आरोप पत्र

Tuesday, March 12, 2019

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपित नीरव मोदी तथा अन्य के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत एक नया आरोप-पत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आरोप-पत्र या अभियोजन शिकायत मुंबई स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट में कुछ दिनों पहले दाखिल किया गया।
माना जा रहा है कि एजेंसी ने इसमें रुपये की हेराफेरी में मोदी की पत्नी अमी की भूमिका का भी उल्लेख किया है। हीरा कारोबारी नीरव तथा अन्य के खिलाफ यह एक पूरक आरोप-पत्र है। इसे एजेंसी द्वारा रिकार्ड किए गए अतिरिक्त सुबूतों तथा अटैचमेंट की कार्रवाई के बाद पेश किया गया है।
दो दिन पहले ही एक ब्रिटिश अखबार ने खबर दी थी कि पीएनबी से करीब 13 हजार करोड़ रुपये का घोटाला करने वाला नीरव मोदी (48) लंदन के एक आलीशान बंगले में रहता है। अब वह हीरे के नए कारोबार में लगा है।
ईडी ने शनिवार को कहा था कि ब्रिटेन के गृह मंत्री ने दागी कारोबारी के प्रत्यर्पण के भारतीय आग्रह को कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए अदालत को अग्र्सारित कर दिया है। जांच एजेंसी ने इस केस में पहला आरोप-पत्र गत वर्ष मई में दाखिल किया था। ईडी तथा सीबीआइ नीरव मोदी, उसके मामा मेहुल चोकसी व अन्य के खिलाफ मुंबई में पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा में हुए घोटाले की जांच कर रही हैं।

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I can’t hold back my tears. Please save my son.

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