अफगानिस्तान में सैन्य अड्डे पर तालिबानी हमले में 43 सैनिकों की मौत

Thursday, October 19, 2017

कंधार। कंधार में सेना के कैंप पर तालिबानी आतंकियों द्वारा किए एक आत्मघाती हमले में 43 अफगान सैनिकों की मौत हो गई है और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। आतंकियों ने मयवांड स्थित अफगान नेशनल आर्मी बेस के भीतर बम विस्फोट किया और गोलीबारी की। खबरों के मुताबिक गाड़ियों पर सवार दो आत्मघाती हमलावरों ने हमला किया।
आतंकियों ने बम विस्फोट से पहले सुरक्षाबलों पर गोलीबारी भी की। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने समाचार एजेसी एएफपी से बात करते हुए कहा है कि हमलावरों ने सबसे पहले एक विस्फोटक पैक हम्वे वाहन को अपना निशाना बनाया औऱ फिर परिसर में प्रवेश किया।
इससे पहले मंगलवार को भी आतंकियों ने एक प्रांतीय पुलिस मुख्यालय समेत कई जगहों को निशाना बनाया। इसमें प्रांतीय पुलिस प्रमुख समेत 80 लोग मारे गए थे।
इन हमलों में दो सौ से ज्यादा लोग घायल हुए थे। आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों ने पक्तिया प्रांत की राजधानी गार्डेज में स्थित पुलिस मुख्यालय से स
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सीएम योगी ने किए रामलला के दर्शन, अफसरों को दिए व्यवस्था सुधारने के निर्देश

अयोध्या। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिवाली के मौके पर अयोध्या में है। इस मौके पर सीएम ने राम जन्मभूमि के विवादित स्थल पर रामलला के दर्शन किए।
वहीं सीएम ने राम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्यगोपाल दास से उनके मंदिर मणि राम छावनी में मुलाकात की।
सीएम ने यहां की साफ-सफाई को लेकर थोड़ी नाराजगी जताई और अफसरों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।योगी आदित्यनाथ ने विवादित राम जन्मभूमि के पास पीने के साफ पानी, ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा।
वहीं विपक्ष पर भी सीएम योगी आदित्यनाथ के तेवर हमलावर भी दिखे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई काम नहीं है। यूपी में पूरे पारदर्शी तरीके से सरकार चल रही है।
इस मौके पर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री होने के बाद भी उनकी व्यक्तिगत आस्था है और इसमें विपक्ष हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
मंदिर दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि अयोध्या में दुनिया भर के श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था की जिम्मेदारी मेरी है। इसलिए ये परखने के लिए भी मैं अयोध्या पहुंचा था।
इसके अलावा योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते पूरे प्रदेश के विकास की जिम्मेदारी उनकी है। ऐसे में वो प्रदेश के हर हिस्से का विकास करेंगे।
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LOC पर सैनिकों के साथ पीएम मोदी की दिवाली, कहा- आप मेरे परिवार की तरह

नई दिल्ली। इस साल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमा पर तैनात सैनिकों के साथ दिवाली मनाई। पीएम मोदी गुरुवार सुबह एलओसी के पास गुरेज सेक्टर पहुंचे और यहां तैनात सैनिकों के बीच तकरीबन दो घंटे मौजूद रहे।
पीएम मोदी के साथ आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत के अलावा उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू और चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जे एस संधु भी गुरेज सेक्टर पहुंचे।इस पहले पीएम मोदी ने देशवासियों को ट्विट करके दिवाली की बधाई दी। ये लगातार चौथा साल है, जब पीएम मोदी जवानों के साथ दिवाली मना रहे हैं। इससे पहले, प्रधानमंत्री बनने के बाद 2014 में उन्होंने अपनी पहली दिवाली सियाचिन में सेना के जवानों के साथ मनाई थी।
इसके बाद 2015 में डोगराई वॉर मेमोरियल पर पीएम मोदी ने जवानों के साथ दिवाली का त्योहार मनाया था। जबकि पिछले साल यानी 2016 में दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री हिमाचल प्रदेश में आईटीबीपी जवानों के बीच गए थे।
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अफीम नीति नहीं आई, धनतेरस पर नहीं हो सकी बोवनी

Wednesday, October 18, 2017

नीमच। हर साल दीपावली के पूर्व खेतों में अफीम की बोवनी होती थी। मां कालिका की स्थापना के साथ किसानों खेती में जुट जाते थे, लेकिन इस बार अफीम किसानों को अब नई नीति का इंतजार है। अब तक नीति नहीं आने से किसान पसोपेश में है। नीति जारी होने में देरी का असर अफीम के उत्पादन के साथ उसके लागत मूल्य पर भी पड़ने की संभावना है।
नीमच-मंदसौर प्रमुख अफीम उत्पादक क्षेत्र है। अफीम नीति 2016-17 में क्षेत्र के लगभग 30 हजार से ज्यादा किसानों को अफीम की खेती के लिए पट्टे जारी हुए थे। इनमें से लगभग 11 हजार से ज्यादा किसान नीमच जिले से ताल्लुक रखते हैं। लेकिन इस बार अब तक अफीम वर्ष 2017-18 के लिए नई नीति जारी नहीं हुई है।
किसानों की माने तो कई सालों से वे अफीम की बोवनी का मुहूर्त दीपावली के पूर्व करते आए हैं। लेकिन इस बार अब तक नई नीति नहीं आई है। नीति के अभाव में किसान मायूस है। उन्हें नीति जारी होने और पट्टे मिलने का इंतजार है। इससे उनमें हताशा की स्थिति है।
साथ ही वे अफीम की बोवनी, मां कालिका की स्थापना सहित अन्य तैयारियों से दूर है। दीपावली तक नीति नहीं आने से किसान परेशान है। कई किसान केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कार्यालय तक पहुंच रहे हैं। लेकिन नीति के संबंध में अंतिम फैसला केंद्रीय वित्त मंत्रालय स्तर पर होना है। जिससे किसान इंतजार के अतिरिक्त और कुछ भी करने की स्थिति में नहीं है।
नई नीति के लिए अब तक यह
नई नीति के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय में 5 अक्टूबर को एक बैठक हो चुकी है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शुक्ल की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें सांसद सीपी जोशी, दुष्यंत सिंह व सुधीर गुप्ता सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए थे। इसमें नई नीति के संबंध में सुझाव भी लिए गए थे।
अब तक यह होता था
- दीपावली के पूर्व अफीम नीति जारी होती थी।
- खेत तैयार कर किसान धनतेरस पर बुआई का मुहूर्त करते थे।
- अफीम बोने से पूर्व खेत में मां कालिका की स्थापना की जाती है।
- सिंचाई के साथ खेत पर सुरक्षा के प्रबंध भी कर दिए जाते थे।
अभी यह हालात
- अब तक अफीम नीति जारी नहीं की गई।
- नीति के अभाव में किसानों को पट्टे नहीं मिल सके।
- खेत तैयार कर किसान नई नीति व पट्टे मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
- पट्टे मिलने में देरी से अफीम का उत्पादन व लागत प्रभावित होने की आशंका है।
आखिरकार क्या है अफीम नीति
केंद्रीय वित्त मंत्रालय देश में अफीम की खेती के लिए नीति जारी करता है। इस नीति को आदर्श मान केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो मप्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में किसानों को अफीम की खेती के लिए पट्टे जारी करता है। 12 व 20 आरी के पट्टे में खेती कर किसान अफीम केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो सौंपते हैं।
डोडाचूरा पर नियंत्रण आबकारी विभाग का रहता है। जबकि पोस्ता दाना पर अधिकार किसानों के पास सुरक्षित रहता है। पट्टे के बिना अफीम की खेती अक्षम्य अपराध माना है। एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई होती है। शासन से राजपत्र में प्रकाशन के बाद जारी नीति को ही अधिकृत अफीम नीति कहा जाता है।
नीमच-मंदसौर क्यों अहम?
मप्र में सिर्फ नीमच-मंदसौर व रतलाम जिले के जावरा में अफीम की खेती होती है। अफीम नीति 2016-17 में इन क्षेत्रों के करीब 30 हजार से ज्यादा किसानों को अफीम की खेती के लिए पट्टे मिले थे। इन क्षेत्रों में पैदा होने वाली अफीम को गुणवत्ता के मान से बेहतर माना जाता है। इतना ही नहीं नीमच में एशिया का सबसे बड़ा शासकीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना भी है।
किसानों का पक्ष
पट्टे का इंतजार है
'अफीम नीति अब तक जारी होना जाना चाहिए थी। यदि किसानों को पट्टे मिल जाते तो दीपावली के पूर्व बोवनी हो जाती है। यह किसानों के हित में रहता। लेकिन अब तक हम नई नीति का इंतजार कर रहे हैं।
- प्यारचंद धाकड़, बोहड़ा
खेत तैयार कर लिए हैं
'किसानों ने अफीम की बोवनी के लिए खेत तैयार कर लिए हैं। लेकिन अभी तक नई नीति जारी नहीं हुई है। पट्टे मिलने में देरी से होने से किसानों को दोबारा खेत तैयार करना होंगे। इसके कारण लागत में इजाफा होगा।
- शंभूलाल धाकड़, बोहड़ा
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पीएम मोदी आज गुजरात दौरे पर, राहुल ने ट्वीट कर कसा तंज

अहमदाबाद। पीएम मोदी आज फिर गुजरात दौरे पर जाने वाले हैं। गुएक महीने में यह उनका चौथा दौरा है। पीएम मोदी गांधीनगर में भाजपा की गुजरात गौरव यात्रा के समापन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और यहां एक रैली को भी संबोधित करेंगे। उनके इस दौरे को लेकर कांग्रेस उपाध्याक्ष राहुल गांधी ने तंज कसते हुए ट्वीट किया है।
राहुल ने लिखा है "मौसम का हाल: चुनाव से पहले गुजरात में आज होगी जुमलों की बारिश"
पीएम मोदी ने इस यात्रा से पहले रविवार को ट्वीट कर कहा कि दशकों तक भाजपा को आशीर्वाद देने के लिए वह गुजरात की जनता का नमन करते हैं। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, 'हम हमेशा पूरी ताकत और जोश के साथ प्रत्येक गुजराती के सपनों को साकार करेंगे।'
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जब गुजरात में पीएम मोदी को पहनाया राज्य के नक्शे के आकार का हार

गांधीनगर। गुजरात चुनावों की अभी घोषणा नहीं हुई है लेकिन माना जा रहा है कि यह दिसंबर में हो सकते हैं। इसके पहले राज्य में राजनीतिक सभाओं का दौर जारी है। इसी कड़ी में पीएम मोदी भी एक महीने में अपने चौथे गुजरात दौरे पर सोमवार को गांधीनगर पहुंचे।
पीएम यहां भाजपा की गौरव यात्रा के समापन समारोह को संबोधित करने के लिए आए थे। जैसे ही पीएम स्टेज पर पहुंचे यहां भाजपा नेताओं ने पीएम मोदी का हार पहनाकर स्वागत किया। लेकिन यह हार कोई सामान्य हार नहीं था बल्कि विशेष था।
दरअसल इस हार को आम फूलों के हार की बजाय पूरी तरह से गुजरात के नक्शे के आकार में बनाया गया है। पीएम का इस तरह के हार के साथ स्वागत किए जाना अपनी तरह का पहला मामला है।
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आज अयोध्या जाएंगे योगी आदित्यनाथ, जानें कारण और पूरा कार्यक्रम

फैजाबाद. उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अयोध्या में दीपोत्सव मनाने आ रहे हैं। सीएम के दीपोत्सव के अति व्यस्त कार्यक्रम के चलते प्रशासनिक व पुलिस अफसरों की रात की नींद उड़ गई है।
अयोध्या में मुख्यमंत्री का करीब पांच घंटे का कार्यक्रम है। इसके घटने-बढ़ने के बार में कोई भी अफसर बोलने को तैयार नहीं है। सर्किट हाउस में रात प्रवास के बाद वह गुरुवार को फिर अयोध्या जाएंगे।
अयोध्या में सुबह हनुमानगढ़ी मंदिर में जाकर पूजन अर्चन का कार्यक्रम है। हनुमानगढ़ी के बाद दिगंबर अखाड़ा में स्वल्पाहार का मुख्यमंत्री का कार्यक्रम है।
वीआईपी प्रभारी/सिटी मजिस्ट्रेट सीएल मिश्र के अनुसार, 18 अक्टूबर को अपराह्न 3.15 सीएम का वायुयान हवाई पट्टी पर उतरेगा। 3.40 बजे वह हेलीकाप्टर से रामकथा पार्क पहुंचेंगे। वह रामचंद्र जी के जीवन पर आधारित विभिन्न झांकियों का अवलोकन करीब 10 मिनट करेंगे।
इसके बाद रामकथा पार्क के निकट बने हेलीपैड वह पहुंचेंगे। वह भगवान रामचंद्र आदि के लीला स्वरूपों का तिलक व आरती 4.05 बजे तक करेंगे। रामकथा पार्क में 4.15 बजे से 30 मिनट का कार्यक्रम शुरू होगा।
कार्यक्रम में विकास कार्यों का शिलान्यास, प्रधानमंत्री आवास योजना, नए बिजली कनेक्शन के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक स्वीकृति पत्र का वितरण, निराश्रित महिलाओं, वृद्धजन, बच्चों को वस्त्र व मिष्ठान वितरण मुख्यमंत्री करेंगे।
  • संतों के आशीर्वचन के बाद सायं 5.10 बजे से मुख्यमंत्री समारोह को संबोधित करेंगे। उनका उद्बोधन 10 मिनट का होगा।
  • मुख्यमंत्री के बाद राज्यपाल राम नाईक समारोह को संबोधित करेंगे।
  • नयाघाट के लिए मुख्यमंत्री 5.45 बजे रवाना होंगे। नयाघाट पर सरयू पूजन व अभिषेक करेंगे।
  • 6.10 बजे सरयू आरती में हिस्सा लेंगे। दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम 6.35 बजे है।
  • राम की पैड़ी के लिए 6.45 बजे प्रस्थान करेंगे। राम की पैड़ी स्थित मंच पर आगमन 6.50 बजे होगा, प्रज्जवलित दीप, राम की पैड़ी व लेजर शो का अवलोकन करेंगे।
  • सायं 7.40 बजे रामकथा पार्क के लिए प्रस्थान करेंगे। वह रामकथा पार्क में अंतर्राष्ट्रीय व देश की रामलीला कथाओं का अवलोकन 7.45 बजे से करेंगे।
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स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति के लिए इस दिवाली ये पांच उपाय करें और इन पांच बातों से बचें

इस साल महालक्ष्मी की पूजा का पर्व दिवाली 19 अक्टूबर को है। इस दिन सुख-समृद्धि के लिए माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। कई बार काफी मेहनत करने के बावजूद भी लक्ष्मी की कृपा नही हो पाती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही पांच उपायों के बारे में जिनको करने से घर में स्थायी रूप से लक्ष्मी का वास होगा। इसके अलावा ऐसी पांच बातों के बारे में बताएंगे, जिनसे लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं।
जिन लोगों का व्यवसाय नहीं रहा है, वे सवा भाव फिटकरी का टुकड़ा लेकर व्यवसाय स्थल पर से 81 बार उतारकर उत्तर दिशा की तरफ एकांत में फेंक दें। मगर, ध्यान रखें कि फेंकते समय कोई आपको टोके नहीं। वहीं, यदि नौकरी-व्यवसाय में दिक्कत हो तो मीठा जल, मुट्ठीभर चने की दाल लक्ष्मीजी पर चढ़ाने के बाद पीपल की जड़ में चढ़ाकर अपनी समस्या से छुटकारा दिलाने की कामना करें।
दीपावली के दिन किसी सुहागिन स्त्री को भोजन करवाकर सुहाग की सामग्री, वस्त्र, दक्षिणा आदि देकर उनका आशीर्वाद लें। दीपावली को किसी हरिजन दंपति को अपने घर में बैठाकर भोजन करवाएं तथा दक्षिणा दें। पूरे वर्षभर धन की वर्षा होगी।
दीपावली की सुबह वटवृक्ष का पत्ता तोड़कर केसर, गोरोचन, कुंकु से उस पर अपनी मनोकामना लिखें और बहते जल में बहा दें। ऐसा दिवाली की रात के बाद लगातार 7 दिन करें।
दीपावली की रात्रि को पूजा में लाल कपड़े में बांधकर 11-11 सुपारी, काली हल्दी, पीली हल्दी, कौड़ी (संभव हो तो लक्ष्मी कौड़ी), गोमती चक्र तथा एक एकाक्षी नारियल रखें। दूसरे दिन यह पोटली तिजोरी या गल्ले में रख दें।
मां लक्ष्मी के मंदिर में जाकर कमल पुष्प, गुलाब पुष्प, गन्ना, कमल गट्टे की माला इत्यादि दीपावली के दिन प्रात: चढ़ाकर श्रीसूक्त, लक्ष्मी सूक्त और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। धन प्राप्ति के मार्ग खुलेंगे। कमल गट्टों को लाल कपड़ों में बांधकर तिजोरी में रखें।
इन पांच बातों से बचें
दिवाली के दिन शाम के समय में नहीं सोना चाहिए क्योंकि इससे दरिद्रता आती है। शाम के समय में देवी लक्ष्मी घर आती है और यदि उस वक्त आप सो रहे होते हैं, तो वह वापस लौट जाती हैं। वैसे अन्य दिनों में भी शाम को सूर्यास्त के वक्त नहीं सोना चाहिए। मान्यता है कि यह धन के देवता कुबेर का समय होता है।
दीपावली के शुभ दिन पर आप अपने घर के बड़े लोगों का सम्मान करें भूलकर भी अपशब्दों का प्रयोग न करें। भूलकर भी घर में लड़ाई और झगड़ा आदि नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से माता लक्ष्मी रुष्ट होकर चली चाती हैं।
इस दिन घर के बाहर भी किसी भी व्यक्ति को अपशब्द न कहें और न ही किसी से लड़ाई-झगड़ा करें। ऐसा करने से माता लक्ष्मी नाराज हो जाती है।
अक्सर लोग दीवाली के दिन शराब या किसी दूसरे तरह का नशा करते हैं। इससे पूरे घर में गरीबी और दरिद्रता आती है।
जिस जगह गंदगी होती है, वहां से लक्ष्मीजी चली जाती हैं और उसी घर पर सबसे पहले आती हैं व स्थिर बनी रहती हैं, जहां साफ-सफाई रहती है। इसलिए घर को साफ रखें। इस दिन आप घर की दीवारों से लेकर फर्श तक साफ रखें और रंगोली बनाएं। फूल-मालाओं से घर को सजाएं।
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